Last Updated:

karauli News Hindi : करौली के बड़े बाजार स्थित भगवती मिष्ठान भंडार की 45 साल पुरानी लस्सी आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है. मिट्टी के कुल्हड़ में मिलने वाली यह खास लस्सी पुराने अंदाज और पारंपरिक मशीन से तैयार की जाती है. गाढ़े दही, मलाई और खास शरबत के स्वाद ने इसे शहर की पहचान बना दिया है. गर्मी ही नहीं, सर्दियों में भी यहां लस्सी प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ती है.

लस्सी के इस ठिकाने पर पहुंचते ही मिट्टी के कुल्हड़ों और ताजा दही की खुशबू लोगों को अपनी ओर खींच लेती है. शहरवासियों के बीच यह दुकान इतनी लोकप्रिय है कि करौली में जब भी लस्सी की चर्चा होती है, सबसे पहले इसी दुकान का नाम लिया जाता है.

गर्मी का मौसम शुरू होते ही करौली शहर में जगह-जगह लस्सी की दुकानें सजने लगती हैं, लेकिन यहां बड़े बाजार में स्थित भगवती मिष्ठान भंडार की बात ही कुछ अलग है. यहां मिलने वाली लस्सी सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि 45 साल पुरानी परंपरा और स्वाद की पहचान बन चुकी है. खास बात यह है कि यहां साल के 12 महीने लस्सी मिलती है और सर्दियों में भी लोग इसका स्वाद लेने पहुंचते हैं.

वे बताते हैं कि अच्छी क्वालिटी के दूध से दही जमाकर पारंपरिक अंदाज में लस्सी बनाई जाती है, जिसके कारण दूर-दराज से भी लोग यहां पहुंचते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

लंबे समय से यहां की लस्सी का स्वाद लेते आ रहे इकबाल खान बताते हैं कि इस लस्सी का जायका बेहद उम्दा है. गाढ़े दही, बढ़िया दूध और खास शरबत के मिश्रण से तैयार होने वाली इस लस्सी के ऊपर डाली जाने वाली मलाई इसकी मिठास और स्वाद को और बढ़ा देती है.

भगवती मिष्ठान भंडार के राजेंद्र गुप्ता बताते हैं कि उनकी यह लस्सी आज भी 45 साल पुरानी मशीन से तैयार की जाती है. उनके अनुसार, इसी मशीन और पुराने तरीके ने इस लस्सी के स्वाद को बरकरार रखा हुआ है.

इस लस्सी के दीवाने बताते है कि यहां स्वाद ही नहीं बल्कि शुद्धता का भी पूरा ध्यान रखा जाता है. अच्छी क्वालिटी के दूध और ताजा दही से तैयार की जाने वाली यह लस्सी लोगों को पहली ही घूंट में पसंद आ जाती है.

भगवती मिष्ठान भंडार पर छोटी लस्सी 20 रुपए और बड़ी लस्सी 40 रुपए में मिलती है. कई बार तो ग्राहकों की इतनी भीड़ हो जाती है कि लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है स्वाद, परंपरा और अपनापन इन्हीं तीन चीजों ने इस लस्सी को करौली की खास पहचान बना दिया है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Write A Comment