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Amazing Mango: लंगड़ा, देसी, चौसा और अन्य कई वैरायटी के आम आपने खाए होंगे. लेकिन क्या कभी आपने गधा आम खाया है. नाम सुनते ही आप हंस पड़ेगे, लेकिन असल में गधा आम होता है, जिसका स्वाद काफी लाजवाब होता है.
मुरादाबाद: आम का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में आप मार्केट में अलग-अलग वैरायटी और अलग-अलग नाम के आम देखने को मिल जाएंगे. वहीं उन्हीं में एक आम गधा आम है. गधा आम का नाम इस अजीबोगरीब तरीके से इसलिए पड़ा, क्योंकि यह स्वाद में फीका या बेस्वाद होता है और इसे खाने में कम पसंद किया जाता है. पारंपरिक लोककथाओं और कुछ कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इसके स्वाद के कारण इसे मुख्य रूप से गधों के खाने या पशुओं के चारे के रूप में ही उपयुक्त माना जाता था.
दिलचस्प है आम
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता बताते हैं कि आम की एक बेहद दिलचस्प किस्म है, जिसे गधा आम कहा जाता है. इसका असली नाम फाजली आम है. नाम सुनते ही लोग चौंक जाते हैं और हंस पड़ते हैं. लेकिन इस नाम के पीछे कई मान्यताएं जुड़ी हैं.आमतौर पर माना जाता है कि इसका आकार बहुत बड़ा और वजन ज्यादा होने के कारण इसे गधा आम कहा गया है.
इसकी बनावट मजबूत और रूप थोड़ा असामान्य होता है. एक आम का वजन 1 किलो से 2 किलो तक भी हो सकता है. साइज में ये आम वाकई विशाल दिखता है. गधा आम की सबसे बड़ी खासियत है इसमें गूदे की मात्रा, छिलका पतला और गुठली छोटी होने से खाने वाला हिस्सा ज्यादा निकलना. यही वजह है कि एक आम से पूरा परिवार खा सकता है.
स्वाद में होता है हल्का मीठा
स्वाद में ये हल्का मीठा और रेशेदार होता है. कुछ इलाकों में लोग इसे इसकी खास सुगंध और टेस्ट के लिए भी पसंद करते हैं. यह आम मुख्य रूप से उत्तर भारत में मिलता है. खासकर बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में, लेकिन इसका उत्पादन बहुत बड़े क्षेत्र में नहीं होता है. इसलिए बाजार में कम दिखता है. देखने में ये आम हरा-पीला और बेहद आकर्षक लगता है.
डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता कहते हैं कि गधा आम स्वाद से ज्यादा अपने अजीब नाम की वजह से मशहूर है. लोग इसे खरीदते वक्त पहले नाम पूछते हैं. फिर साइज देखकर हैरान होते हैं. दुकानदार भी इसे नाम वाला आम कहकर बेचते हैं. उन्होंने कहा कि फजली यानी गधा आम जरूर ट्राई करें.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.