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Gaya Cheapest Mini Samosa: गया के मंगला गौरी मंदिर के सामने मनोज कुमार गुप्ता की दुकान पर महज ₹10 में 3 मिनी समोसे मिल रहे हैं. शहर के इस सबसे सस्ते समोसे को खाने के लिए लोग 30 मिनट इंतजार करते हैं. रोजाना 2000 से अधिक समोसे बिक जाते हैं. स्वाद के साथ यहां सेहत का भी ख्याल रखा जाता है.
गयाजी: बढ़ते महंगाई के कारण जहां समोसा का दाम 10-15 रुपये प्रति पीस हो गया है. वही गया जिले में एक ऐसा समोसा का दुकान है जहां आज भी 10 रुपये में तीन समोसे बेचे जा रहे हैं. गया शहर के मंगला गौरी और मारकंडे महादेव मंदिर तथा वैतरणी तालाब के सामने श्री केसरिया पेड़ा दुकान में मनोज कुमार गुप्ता के द्वारा पिछले 3 वर्षों से गया शहर में सबसे सस्ता समोसा बेचा जा रहा है.
मिनी समोसा की रोजना 2 हजार बिक्री
इस समोसा को मिनी समोसा कहा जाता है. यहां खाने वालों की हमेशा भीड़ लगी रहती है. 11 बजे से समोसा खाने वाले लोग दुकान के पास पहुंचना शुरू कर देते हैं. रात 8 बजे तक यह नजारा देखने को मिलता है. समोसा के लिए ग्राहकों को आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ता है. यहां प्रतिदिन 2 हजार पीस से अधिक समोसे बिक जाते हैं. सरसों की चटनी के साथ समोसा का स्वाद लाजवाब हो जाता है.
पूरे गयाजी में नहीं मिलेगा इससे सस्ता
पूरे गया शहर में इतना सस्ता समोसा और कहीं नहीं मिलता. मनोज कुमार गुप्ता ने पांच स्टाफ रखे हुए हैं और सुबह 8 बजे से ही समोसा बनाने की तैयारी शुरू कर देते हैं. गयाजी शहर के लोग जब भी इस रास्ते से गुजरते हैं वह इस दुकान पर रुककर समोसे का स्वाद जरुर चखते हैं. 3 साल पहले यह दुकान शहर के नादरागंज कोयरीबाडी मोहल्ले में चलती थी, लेकिन जब से मारकंडे मंदिर के बगल में मनोज कुमार गुप्ता ने दुकान खोली है तब से इनका हीं बोलबाला है.
महादेव की कृपा से हर वर्ग हैं ग्राहक
लोकल 18 से बातचीत में मनोज कुमार गुप्ता बताते हैं कि यह मां मंगला गौरी और महादेव की कृपा है की दुकान पर रोजाना सैकड़ों लोग मिनी समोसा खाने पहुंचते हैं. कई लोग तो पैक करवा कर अपने घर ले जाते हैं. समोसे के साथ में राई की चटनी लोगों को खूब पसंद पड़ती है. बच्चे हो, बूढ़े हो, महिला हो या युवा हर वर्ग के लोगों को यह समोसा पसंद आ रही है.
सेहत का भी रखा जाता है ध्यान
इन्होंने बताया कि इस समोसा में ऐसा कोई मसाला नहीं डाला जाता जिससे लोगों को परेशानी हो. लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हल्का मसाला का इस्तेमाल किया जाता है. इन्होंने बताया कि मिनी समोसे की इतनी डिमांड है कि रोजाना कितना खपत हो रहा यह हमें भी नहीं पता. दो गैलन सरसों की चटनी खत्म हो जाती है.
लोग हैं स्वाद के दीवाने
वहीं गया शहर कहीं रहने वाले ग्राहक राजू कुमार सिंह बताते हैं जब भी वे इस रास्ते से गुजरते हैं, इस दुकान के पास रुककर मिनी समोसा जरूर खाते हैं. यहां गया शहर में सबसे सस्ता समोसा मिलता है मात्र 10 रुपया में तीन मिलात है. इस समोसा का स्वाद भी लाजवाब है. 10 रुपया में एक समोसा तो हर हलुवाई दुकान में मिलता है लेकिन इतना सस्ता समोसा आज के समय में पूरे बिहार में भी नहीं मिलता होगा.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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