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Hari Mirch Ka Achaar: अगर हर बार कच्ची कैरी, कैर या लसूड़े का अचार खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार घर पर बनाएं राजस्थानी स्टाइल हरी मिर्च का मसालेदार अचार. ताजी हरी मिर्च, सरसों के तेल और देसी मसालों से तैयार होने वाला यह अचार दाल, रोटी, पराठे और पूरी का स्वाद कई गुना बढ़ा देता है. खास बात यह है कि इसे बनाना बेहद आसान है और सही तरीके से तैयार करने पर यह कई महीनों तक खराब नहीं होता. जानिए स्वाद से भरपूर इस पारंपरिक अचार की आसान रेसिपी और इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने के जरूरी टिप्स.
भीलवाड़ा. आमतौर पर देखा जाता है कि चाहे राजस्थान हो या फिर मेवाड़ यहां के लोगों को तीखा और चटपटा स्वाद काफी लुभाता हैं. यहां खाने की थाली हो या फिर सब्जी का स्वाद बढ़ाना हो मिर्ची का हर जगह इस्तेमाल किया जाता हैं. ऐसे में आज हम आपको ऐसी देसी रेसिपी से रु-ब-रु करवाने जा रहें हैं जो आसान होने के साथ साथ टेस्टी भी हैं. घरों में हरी मिर्ची का अचार खाने की थाली का खास हिस्सा माना जाता है. यह अचार दाल, रोटी, पराठा, पूरी और कई तरह की सब्जियों के साथ स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है. अगर आप भी घर पर बिना ज्यादा मेहनत के स्वादिष्ट और लंबे समय तक चलने वाला राजस्थानी हरी मिर्ची का अचार बनाना चाहते हैं, तो कुछ आसान स्टेप अपनाकर इसे तैयार कर सकते हैं. ताजी हरी मिर्च, सरसों का तेल और घर में मौजूद मसालों से बनने वाला यह अचार स्वाद के साथ सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. ये हरि मिर्ची का लंबे समय तक खराब नहीं होता हैं.
भीलवाड़ा शहर के राधा कृष्ण कॉलोनी की रहने वाली ग्रहणी मंजू देवी ने बताया कि आचार खाने की थाली का स्वाद बढ़ाने का काम करती हैं. ऐसे में अगर आप कच्ची कैरी , लसुड़े औऱ कैर का आचार खाकर बोर हो गए हो तो मिर्ची का आचार बना सकते हैं. अचार बनाने के लिए सबसे पहले लगभग 500 ग्राम ताजी और मोटी हरी मिर्च लें. मिर्च को अच्छी तरह धोकर पूरी तरह सूखा लें, क्योंकि नमी रहने से अचार जल्दी खराब हो सकता है. इसके बाद मिर्च को बीच से हल्का चीरा लगाएं. अब एक बर्तन में राई का दरदरा पाउडर, सौंफ, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हींग और थोड़ा सा अमचूर या नींबू का रस मिलाकर मसाला तैयार करें. इस मसाले को सभी मिर्चों के अंदर अच्छी तरह भर दें.
अब एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें और धुआं निकलने के बाद उसे पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद तैयार मिर्चों को साफ और सूखे कांच के जार में रखें. ऊपर से ठंडा किया हुआ सरसों का तेल इतना डालें कि सभी मिर्च अच्छी तरह तेल में डूब जाएं. इससे अचार लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और उसका स्वाद भी बना रहता है, जार को बंद करके 3 से 5 दिन तक धूप में रखें. रोजाना एक बार साफ और सूखे चम्मच से अचार को हल्का सा हिलाएं ताकि मसाले और तेल अच्छी तरह मिल जाएं. कुछ ही दिनों में मिर्ची का अचार पूरी तरह तैयार हो जाएगा. इसे हमेशा सूखे चम्मच से ही निकालें और जार में पानी या नमी बिल्कुल न जाने दें. सही तरीके से रखने पर यह अचार कई महीनों तक स्वादिष्ट बना रहता है. घर पर तैयार यह राजस्थानी हरी मिर्ची का अचार खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ हर भोजन को और भी लाजवाब बना देता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें