Dark Chole Recipe: घर पर छोले बनाते समय एक शिकायत अक्सर सुनने को मिलती है स्वाद तो अच्छा है, लेकिन वो ढाबे जैसा गहरा रंग नहीं आया. खासकर जब छोले भटूरे या पूरी के साथ परोसे जाने हों, तो उनकी रंगत खाने की पूरी थाली का लुक बदल देती है. आमतौर पर इसके लिए चायपत्ती या टी-बैग का सहारा लिया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि रसोई में फेंक दी जाने वाली एक चीज छोले को प्राकृतिक तौर पर गहरा रंग देने में मदद कर सकती है?
बात हो रही है अनार के छिलकों की. इन्हें सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो उबलते छोले सुंदर गहरे रंग के हो सकते हैं और चायपत्ती डालने की जरूरत भी नहीं पड़ती.
चायपत्ती की जगह अनार के छिलके क्यों?
अनार के छिलकों में प्राकृतिक टैनिन और अन्य पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं. यही वजह है कि इनके संपर्क में आने पर पानी का रंग गहरा हो सकता है. जब सूखे अनार के छिलके छोले उबालते समय डाले जाते हैं, तो धीरे-धीरे उनकी रंगत भी गहरी होने लगती है. हालांकि, इसे किसी जादुई ट्रिक की तरह न समझें. छोले का रंग उनकी किस्म, भिगोने के समय और पकाने के तरीके पर भी निर्भर करता है. अनार का छिलका मुख्य रूप से रंग को गहरा करने में मदद करता है.
अनार के छिलके ऐसे करें तैयार
जब भी घर में अनार खाएं, उसके छिलकों को फेंकने के बजाय अच्छी तरह धोकर रख लें. छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर 2 से 3 दिन तेज धूप में सुखाया जा सकता है. पूरी तरह सूख जाने के बाद इन्हें एयरटाइट डिब्बे में रखें, ताकि नमी न पहुंचे. ध्यान रखें कि छिलकों पर सड़न, फफूंदी या बदबू नहीं होनी चाहिए. ऐसे छिलकों का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.
छोले उबालते समय डालें एक सूखा छिलका
अब छोले बनाते समय सबसे जरूरी बात आती है इसे डालना कब है? रातभर भिगोए हुए छोले प्रेशर कुकर में डालें और पानी के साथ एक छोटा सूखा अनार का छिलका डाल दें. इसके बाद सामान्य तरीके से छोले उबाल लें. पकने के बाद छिलके को निकालकर फेंक दें. उसे दोबारा इस्तेमाल न करें. इसके बाद आप छोले की ग्रेवी को अपने मसालों के साथ तैयार कर सकती हैं. प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और भुने मसालों के साथ पकने पर रंग और भी आकर्षक नजर आएगा.
स्वाद में भी रखें संतुलन
अनार का छिलका डालने का मकसद मुख्य रूप से रंगत बढ़ाना है, इसलिए बहुत ज्यादा छिलका डालने की जरूरत नहीं. अधिक मात्रा से स्वाद या कसैलापन प्रभावित हो सकता है. पहली बार बना रही हैं तो कम मात्रा से शुरुआत करना बेहतर रहेगा. और हां, अगर आपको खट्टे-मीठे स्वाद वाले छोले पसंद हैं, तो मसाले में अमचूर, अनारदाना या नींबू का इस्तेमाल अपनी पसंद के अनुसार कर सकती हैं.
सिर्फ रंग नहीं, अनार के छिलके की और भी चर्चा
अनार के छिलकों में पॉलीफेनोल और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं. हालांकि, छोले उबालने में इस्तेमाल किए गए एक छोटे छिलके से किसी खास स्वास्थ्य लाभ का दावा करना सही नहीं होगा. इसे मुख्य रूप से एक पारंपरिक कुकिंग ट्रिक के तौर पर ही देखें. तो अगली बार छोले बनाते समय चायपत्ती ढूंढने से पहले अनार का सूखा छिलका याद कर लीजिए. छोटी-सी यह रसोई ट्रिक छोले की रंगत को काफी हद तक बदल सकती है और आपकी प्लेट को देसी ढाबे वाला लुक भी मिल सकता है.