Last Updated:
एक दौर था जब उन्होंन मात्र एक लड़के के साथ इस सफर की शुरुआत की थी और आज उनकी दुकान पर रोजाना 4 से 5 हजार समोसे बिकते हैं. महज 1 रुपये से शुरू हुआ यह सफर आज महंगाई के इस दौर में भी लोगों के दिलों पर राज कर रहा है. आइए जानते हैं आनंद कुमार कोष्ठा की कहानी….
जबलपुर. कहते हैं कि मुश्किलें इंसान के हौसलों को तोड़ने नहीं, बल्कि उसे एक नई उड़ान देने आती हैं. जबलपुर के गढ़ा त्रिपुरी चौक पर अपनी मेहनत के दम पर एक छोटी सी दुकान से कारोबार की इबारत लिखने वाले आनंद कुमार कोष्ठा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है.
बचपन में दूसरों की दुकानों पर 1 रुपये का समोसा खाने वाले आनंद कोष्ठा के मन में कभी खुद का काम शुरू करने की इच्छा जागी थी. आनंद बताते हैं कि शुरुआत में समोसा 1 रुपये का बिकता था, जो वक्त के साथ बढ़कर 2 रुपये, 5 रुपये हुआ और आज यह 10 रुपये का है. उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज वे एक बार में कड़ाही से 300 समोसे निकालते हैं और दिनभर में 4 से 5 हजार समोसे तैयार कर लेते हैं.
₹1 से शुरू हुआ सफर, पढ़ाई के साथ संभाला कारोबार
आनंद का यह सफर आसान नहीं था. वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ होटल और दुकान का काम भी संभालते थे. स्कूल के समय में पढ़ाई करना और उसके तुरंत बाद अपनी दुकानदारी में जुट जाना उनकी रोजाना की दिनचर्या का एक अहम हिस्सा हुआ करता था. हालांकि, हर सफल कारोबारी के सफर की तरह आनंद के जीवन में भी एक बड़ा मोड़ आया, जब बाजार में रसोई गैस की भारी किल्लत हो गई. लगातार गैस सिलेंडर न मिलने की वजह से उन्हें अपनी दुकान लगभग एक हफ्ते के लिए बंद हो गई थी.
भट्टी को अपनाया, फिर और ज्यादा बढ़ गए ग्राहक
हार मानने के बजाय उन्होंने गैस की समस्या से पार पाने के लिए पारंपरिक भट्टी का इस्तेमाल करना शुरू किया. हैरानी की बात यह है कि गैस के मुकाबले भट्टी पर बनने वाले समोसों का स्वाद और अधिक सौंधा व स्वादिष्ट हो गया. जिसे ग्राहकों ने हाथों-हाथ लिया. लिहाजा स्थिति सामान्य होने के बाद भी उन्होंने भट्टी का इस्तेमाल जारी रखा. आज आनंद कोष्ठा सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि अपनी दुकान पर काम करने वाले 15 से 20 अन्य परिवारों का भी बड़ा सहारा बन चुके हैं.
समोसे के साथ स्वादिष्ट चटनी के भी दीवाने हैं ग्राहक
ग्राहक शुभम पटेल ने बताया कि वह बचपन से ही आनंद भैया की दुकान पर समोसा खाने आ रहे हैं और यहां उनका रोजाना आना-जाना है. आज के समय में जहां बाजार में हर जगह समोसे की कीमत 15 रुपये तक पहुंच चुकी है, वहीं इस दुकान पर आज भी यह लजीज समोसा महज 10 रुपये में मिल जाता है. इतना ही नहीं समोसे का बेहतरीन स्वाद और उसकी लाजवाब खटाई आज भी वैसी ही बरकरार है, जो लोगों को बार-बार इस दुकान की ओर खींच लाती है.
About the Author
with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…
और पढ़ें