बाजार में टमाटर खरीदते समय अक्सर दो तरह के विकल्प देखने को मिलते हैं- चमकदार लाल टमाटर और देसी टमाटर. कई लोग मानते हैं कि देसी टमाटर ज्यादा पौष्टिक होते हैं, जबकि कुछ बड़े और लाल टमाटरों को बेहतर समझते हैं. लेकिन क्या वाकई दोनों के पोषण में बड़ा अंतर होता है? आइए जानते हैं कि स्वाद, पोषण और सेहत के लिहाज से कौन-सा टमाटर बेहतर माना जा सकता है.
टमाटर लगभग हर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है. सब्जी, सलाद, सूप, चटनी या ग्रेवी, हर जगह इसका इस्तेमाल होता है. हालांकि, बाजार में मिलने वाले लाल और देसी टमाटरों को लेकर लोगों के मन में कई तरह की धारणाएं हैं. कुछ लोग कहते हैं कि देसी टमाटर ज्यादा फायदेमंद होते हैं, जबकि कुछ का मानना है कि दोनों में कोई खास अंतर नहीं होता. सच यह है कि दोनों ही टमाटर पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, लेकिन उनके स्वाद, बनावट और कुछ पोषण संबंधी पहलुओं में थोड़ा अंतर जरूर हो सकता है.
देसी और लाल टमाटर में क्या अंतर होता है?
देसी टमाटर आकार में अपेक्षाकृत छोटे, हल्के टेढ़े-मेढ़े और स्वाद में हल्के खट्टे होते हैं. इनमें रस अधिक होता है और इनका गूदा थोड़ा नरम होता है. दूसरी ओर, बाजार में मिलने वाले बड़े लाल टमाटर आकार में एक जैसे, चमकदार और गूदेदार होते हैं. इन्हें लंबे समय तक ताजा रखने और आसानी से ढुलाई के लिए भी उगाया जाता है.
पोषण के मामले में कौन बेहतर है?
दोनों तरह के टमाटरों में विटामिन C, विटामिन A, पोटैशियम, फोलेट और फाइबर अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. साथ ही इनमें लाइकोपीन (Lycopene) नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में मदद करता है. यदि दोनों टमाटर अच्छी तरह पके हुए हैं, तो इनके पोषण में बहुत बड़ा अंतर नहीं माना जाता.
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि देसी टमाटर में स्वाद और खुशबू अधिक महसूस हो सकती है, क्योंकि इन्हें कई बार पारंपरिक किस्मों से उगाया जाता है. वहीं आधुनिक किस्मों के लाल टमाटर अधिक एकसमान आकार और बेहतर शेल्फ लाइफ के लिए विकसित किए जाते हैं.
किसे खाना ज्यादा फायदेमंद रहेगा?
अगर आपका उद्देश्य रोजमर्रा के भोजन में पोषक तत्व शामिल करना है, तो दोनों तरह के टमाटर अच्छे विकल्प हैं. सलाद में खट्टापन और प्राकृतिक स्वाद पसंद है, तो देसी टमाटर चुन सकते हैं. वहीं ग्रेवी, सूप या सॉस बनाने के लिए गूदेदार लाल टमाटर सुविधाजनक हो सकते हैं. सबसे जरूरी बात यह है कि टमाटर ताजे, पके हुए और बिना सड़े-गले हों.
खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
टमाटर खरीदते समय उनका रंग, ताजगी और छिलके की गुणवत्ता जरूर देखें. बहुत ज्यादा नरम, फटे हुए या सड़न वाले टमाटर लेने से बचें. अगर संभव हो तो मौसमी और स्थानीय स्तर पर उगाए गए टमाटर खरीदना बेहतर माना जाता है, क्योंकि वे अपेक्षाकृत ताजे होते हैं.