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सीधी के प्रकृति प्रेमी विनय सिंह ने शौकिया तौर पर एक अनोखा आम का बगीचा तैयार किया है, जिसमें प्रसिद्ध लक्ष्मण भोग आम की किस्म भी शामिल है. आम के मौसम में यह किस्म अपने खट्टे-मीठे स्वाद, पतले छिलके और बिना रेशे वाले रसीले गूदे के लिए पहचान रखती है. स्वाद और गुणवत्ता के कारण इसकी मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी बनी हुई है.
सीधी. गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजारों में फलों के राजा आम की बहार नजर आने लगती है. अलग-अलग किस्मों के आमों के बीच लक्ष्मण भोग आम अपनी अनोखी पहचान और बेहतरीन स्वाद के कारण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है. हल्की खुशबू, रसीले गूदे और बिना रेशे वाली बनावट के कारण यह आम, आम प्रेमियों की पहली पसंद बनता जा रहा है. सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में भी इस किस्म की खेती की जा रही है और इसका स्वाद लोगों को खूब पसंद आ रहा है.
रामपुर नैकिन निवासी प्रकृति प्रेमी विनय सिंह के बाग में लक्ष्मण भोग आम की अच्छी पैदावार हो रही है. उनका कहना है कि यह आम स्वाद के मामले में बेहद खास होता है. इसमें हल्की खटास और प्राकृतिक मिठास का संतुलन देखने को मिलता है, जो इसे अन्य किस्मों से अलग बनाता है. इसका गूदा पूरी तरह रेशारहित होता है, जिससे इसे खाने में विशेष आनंद आता है.
मनमोहक खुशबू दूर से ही लोगों को खींच लाती है
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र गौतम के अनुसार लक्ष्मण भोग आम का इतिहास लोककथाओं और पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ माना जाता है. जनश्रुतियों के अनुसार रामायण काल में भगवान राम को भोग लगाने से पहले लक्ष्मण ने इस आम का स्वाद चखा था. कहा जाता है कि भगवान राम के लिए चुने जाने के कारण इस आम का नाम लक्ष्मण भोग पड़ गया. हालांकि, यह मान्यता लोककथाओं पर आधारित है, लेकिन इसके कारण इस आम का सांस्कृतिक महत्व भी बढ़ जाता है.
आकार की बात करें तो लक्ष्मण भोग आम सामान्य आमों की तुलना में थोड़ा बड़ा और लंबा होता है. इसका आकार हल्का टेढ़ा-मेढ़ा दिखाई देता है. पकने के बाद इसका रंग सुनहरा पीला हो जाता है और इसकी चमकदार सतह लोगों को आकर्षित करती है. इसका छिलका पतला होने के कारण आसानी से उतारा जा सकता है. वहीं इसकी मनमोहक खुशबू दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच लेती है.
पश्चिम बंगाल में काफी अधिक मांग
यह आम केवल ताजा फल के रूप में ही नहीं खाया जाता, बल्कि इससे अचार, शेक, मिठाइयां और कई अन्य व्यंजन भी तैयार किए जाते हैं. इसकी खेती के लिए सिंचित भूमि और गर्म जलवायु सबसे उपयुक्त मानी जाती है. लक्ष्मण भोग आम की लोकप्रियता पश्चिम बंगाल में काफी अधिक है. इसके अलावा मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भी किसान बड़े पैमाने पर इसकी खेती करते हैं. स्वाद, खुशबू और पौराणिक मान्यताओं का अनोखा संगम समेटे लक्ष्मण भोग आम इस सीजन में लोगों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
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