इंग्लैंड से लगातार दो टेस्ट हारने के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट में फिर से भूकंप आ गया है। अभी तीसरा टेस्ट होना बाकी है, लेकिन इससे पहले ही पाकिस्तान सीरीज हार चुका है। अचानक सात खिलाड़ियों को घर वापस भेज दिया गया है। इतना ही नहीं, कोचिंग स्टॉफ की भी छुट्टी कर दी गई है। अब मामला और भी ज्यादा गंभीर होता हुआ नजर आ रहा है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ चौंकाने वाले खुलासे हो जाएं।
पीसीबी ने शुरू की मामले की जांच
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी ने इंग्लैंड दौरे पर गए अपने प्लेयर्स की जांच शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि खिलाड़ियों के अनुशासन और व्यवहार की पड़ताल की जा रही है, लेकिन मामला कुछ और भी गंभीर हो सकता है, जिसको लेकर अभी कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा है। पीसीबी का कहना है कि जांच का फैसला मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर लिया गया है। पीसीबी के मीडिया डायरेक्टर आमिर मीर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर इस बात की पुष्टि तो कर दी है कि जांच हो रही है। लेकिन इसके बाद वे गोलमोल बातें करते हुए नजर आए।
इंग्लैंड के दूसरा टेस्ट हारने के बाद आनन फानन में लिया गया फैसला
दरअसल इंग्लैंड के खिलाफ खेली जा रही तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले दो मैच पाकिस्तानी टीम हार चुकी है। ऐसा नहीं है कि पाकिस्तानी टीम के साथ ऐसा पहली बार हुआ हो, इससे पहले भी टीम इससे भी ज्यादा शर्मनाक हारों का सामना करती रही है, अब तो ये सब देखने की उसकी आदत हो गई है, लेकिन इस बार जो हड़कंप मचा, वो इससे पहले कभी नहीं हुआ। इसलिए शक की सुई इधर उधर घूम रही है। दूसरे मैच में 194 रनों से मिली हार के बाद अचानक फैसला लिया गया और स्क्वाड में शामिल सात प्लेयर्स की घर वापसी करा दी गई।
सरफराज और उमर गल की भी छुट्टी
बात केवल प्लेयर्स तक ही सीमित नहीं रही। हाल ही में टीम के हेड कोच बने सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को केवल छह मैचों के बाद ही पद से हटा दिया गया। इससे पहले कभी नहीं हुआ कि इतने जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को इतनी जल्दी हटाया गया हो। हालांकि खबरें तो इस तरह की आ रही हैं कि इस सीरीज के दौरान कप्तान बाबर आजम और हेड कोच सरफराज अहमद के बीच आपसी संवाद नहीं रहा। इससे टीम को हार का सामना करना पड़ा।
इमाम उल हक को लेकर भी उठाए जा रहे हैं सवाल
पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक भी सवालों के घेरे में हैं। जिन्होंने अपने पैर की चोट की झूठी बात कही। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उन्हें बल्लेबाजी के लिए आना चाहिए था। इस बीच अपुष्ट खबरें ये भी हैं कि वापस बुलाए गए कुछ प्लेयर्स के फोन भी जमा कराए गए हैं, जिससे ये जांच की जा रही है कि कुछ गड़बड़ तो नहीं किया गया है। फोन की जांच होने से सीधे शक की सुई फिक्सिंग पर जाती है। हालांकि इसको लेकर अभी तक कुछ नहीं कहा गया है, साथ ही उन प्लेयर्स के नामों का भी खुलासा नहीं हुआ है, जिसके फोन की पड़ताल की जा रही है। अब देखना होगा कि पीसीबी इस मामले की सच्चाई जानने के लिए तह तक जाता है या फिर इसे यूं ही दबा दिया जाता है।
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