Warm Sheera Recipe: बदलते मौसम का असर सबसे पहले हमारे गले और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर दिखाई देता है. सुबह हल्की ठंड, दोपहर की गर्मी और शाम की नमी कई लोगों के लिए गले में खराश, खुजली, हल्की खांसी और जुकाम जैसी परेशानियां लेकर आती है. ऐसे समय में लोग दवाइयों के साथ-साथ घरेलू नुस्खों का भी सहारा लेते हैं. भारतीय घरों में पीढ़ियों से कई ऐसी रेसिपी बनाई जाती रही हैं, जो स्वाद के साथ आराम भी देती हैं. इन्हीं में से एक है गर्म और सुखदायक शीरा.

घी, बेसन, दूध और गुड़ से बनने वाला यह पारंपरिक पेय न केवल शरीर को गर्माहट देता है, बल्कि गले को भी सुकून पहुंचाने में मदद करता है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही तैयार किया जा सकता है, अगर मौसम बदलते ही आपको गले में खुजली, सूखापन या हल्की असहजता महसूस होने लगती है, तो यह आसान शीरा रेसिपी आपकी रसोई का पसंदीदा हिस्सा बन सकती है.

बदलते मौसम में क्यों फायदेमंद माना जाता है शीरा?

मौसम में अचानक बदलाव होने पर शरीर को अतिरिक्त गर्माहट और पौष्टिक भोजन की जरूरत होती है. शीरा में इस्तेमाल होने वाला घी और बेसन शरीर को ऊर्जा देने का काम करते हैं, जबकि दूध इसे पोषण से भरपूर बनाता है, अगर इसमें गुड़ मिलाया जाए तो स्वाद के साथ आयरन भी मिलता है. कई घरों में हल्दी और इलायची मिलाकर इसे और भी सुगंधित और आरामदायक बनाया जाता है.

शीरा बनाने के लिए जरूरी सामग्री

आसान सामग्री की सूची

1. 1 टेबल स्पून घी
2. 1 टेबल स्पून बेसन
3. 1 कप दूध
4. 1 से 2 टेबल स्पून गुड़ या चीनी
5. 1/4 टी स्पून हल्दी (वैकल्पिक)
6. 1/4 टी स्पून इलायची पाउडर
7. 5 से 6 कटे हुए बादाम (वैकल्पिक)

इन सभी चीजों से कुछ ही मिनटों में स्वादिष्ट और गर्म शीरा तैयार किया जा सकता है.

घर पर ऐसे बनाएं गर्म और सुखदायक शीरा

पहला चरण: सबसे पहले धीमी आंच पर एक पैन रखें और उसमें घी गर्म करें. अब बेसन डालकर लगातार चलाते हुए सुनहरा और खुशबूदार होने तक भूनें. बेसन अच्छी तरह भुनने से शीरा का स्वाद काफी बेहतर हो जाता है.

दूसरा चरण: अब धीरे-धीरे दूध डालें और लगातार चलाते रहें ताकि इसमें गांठें न बनें. इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार गुड़ या चीनी मिलाएं और मिश्रण को हल्का उबलने दें.

तीसरा चरण: अगर चाहें तो इसमें हल्दी और इलायची पाउडर मिला दें. हल्दी हल्की गर्माहट देती है, जबकि इलायची इसकी खुशबू और स्वाद को बढ़ा देती है. मिश्रण को 2 से 3 मिनट तक पकाएं.

चौथा चरण: आखिर में कटे हुए बादाम डालकर शीरा को सजाएं और इसे गर्मागर्म धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं. इससे गले को आरामदायक एहसास मिल सकता है.

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लोग आज भी क्यों अपनाते हैं यह पारंपरिक नुस्खा?

आज भी कई परिवारों में मौसम बदलते ही सबसे पहले रसोई में यही शीरा तैयार किया जाता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए इसे हल्का और पौष्टिक विकल्प माना जाता है. कई लोग चाय या कॉफी की जगह सुबह या शाम इसका सेवन करना पसंद करते हैं. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने में बहुत कम समय लगता है और महंगी सामग्री की जरूरत भी नहीं पड़ती.

शीरा पीते समय किन बातों का रखें ध्यान?

अगर आप गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे दूध में अच्छी तरह घुलने दें. बहुत ज्यादा मीठा करने से बचें. जिन लोगों को किसी सामग्री से एलर्जी है या जिन्हें डॉक्टर ने विशेष खानपान की सलाह दी है, उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव करना चाहिए. शीरा हमेशा ताजा बनाकर ही पीना बेहतर माना जाता है. बदलते मौसम में शरीर को गर्माहट और गले को आराम देने के लिए यह पारंपरिक शीरा रेसिपी एक आसान और स्वादिष्ट विकल्प हो सकती है. कम समय में बनने वाली यह रेसिपी घर के हर सदस्य के लिए आरामदायक और पौष्टिक पेय का अनुभव देती है.



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