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Mutton Buying Tips: बाजार से मटन खरीदते समय केवल उसका रंग देखकर ताजगी तय नहीं करनी चाहिए. मीट की गंध, टेक्सचर, स्टोरेज और दुकान की साफ सफाई पर भी ध्यान देना जरूरी है. तेज खट्टी या खराब गंध और बहुत ज्यादा चिपचिपी सतह वाले मीट को खरीदने से बचना बेहतर है. पैक्ड मटन लेते समय पैकिंग की तारीख, इस्तेमाल की आखिरी तारीख और पैकेट की सील जरूर जांचें. कच्चे मटन को खरीदने के बाद जल्द से जल्द ठंडे तापमान पर स्टोर करना चाहिए. मटन को घर पर दूसरी खाने की चीजों से अलग रखकर अच्छी तरह पकाना फूड सेफ्टी के लिए जरूरी है.

Mutton Buying Tips: वीकेंड हो, घर में मेहमान आने वाले हों या किसी खास मौके पर नॉनवेज बनाने का प्लान हो, मटन बहुत से लोगों की पसंद होता है. मटन करी से लेकर बिरयानी तक कई तरह की डिश बनाई जाती हैं, लेकिन इनका स्वाद काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आपने मटन कैसा खरीदा है. बाजार में मीट की दुकान पर अलग अलग पीस देखकर कई बार यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कौन सा मटन फ्रेश है और कौन सा काफी देर से रखा हुआ है. केवल दुकानदार की बात पर भरोसा करने के बजाय खरीदते समय कुछ सामान्य संकेतों पर खुद भी ध्यान दिया जा सकता है. मीट का रंग, उसकी गंध, सतह का टेक्सचर और दुकान पर उसे किस तापमान और साफ सफाई में रखा गया है, ये सभी बातें काफी महत्वपूर्ण हैं. (इमेज AI)

हालांकि केवल रंग देखकर जानवर की उम्र या मीट की ताजगी का पक्का फैसला नहीं किया जा सकता, क्योंकि मांस का रंग कई कारणों से बदल सकता है. इसलिए एक संकेत पर भरोसा करने के बजाय कई चीजों को एक साथ देखना बेहतर होता है. अगर मटन से तेज खराब गंध आ रही हो, उसकी सतह बहुत चिपचिपी या असामान्य लगे या उसे सही तरीके से ठंडा करके नहीं रखा गया हो, तो उसे खरीदने से बचना समझदारी है. आइए आसान भाषा में जानते हैं कि बाजार से मटन खरीदते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए. (इमेज AI)

सबसे पहले मटन का रंग ध्यान से देखें: मटन खरीदते समय सबसे पहले उसका रंग नजर आता है. फ्रेश मीट का रंग आमतौर पर गुलाबी से लाल रंग के बीच हो सकता है. हालांकि रंग जानवर की उम्र, मीट के हिस्से, पैकिंग और हवा के संपर्क जैसी कई चीजों के कारण अलग दिखाई दे सकता है. इसी वजह से सिर्फ यह मान लेना सही नहीं है कि गहरा रंग दिखने वाला हर मटन खराब या पुराने जानवर का ही है. ज्यादा जरूरी यह देखना है कि रंग सामान्य और एक जैसा दिखाई दे रहा है या नहीं. अगर मीट के साथ बदबू, बहुत ज्यादा चिपचिपापन या दूसरे खराब होने के संकेत भी दिखाई दें तो उसे खरीदने से बचें. (इमेज AI)

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केवल रंग नहीं, खुशबू भी बताती है बहुत कुछ: मीट की ताजगी जांचने में उसकी गंध भी काफी महत्वपूर्ण होती है. फ्रेश मटन में अपनी एक सामान्य हल्की गंध हो सकती है, लेकिन तेज खट्टी, सड़ी हुई या बहुत अप्रिय गंध सामान्य नहीं मानी जाती. अगर दुकान पर मीट के पास जाते ही तेज खराब गंध महसूस हो रही है, तो ऐसा मटन न खरीदना बेहतर है. कई बार मसाले या दूसरी चीजों की गंध के कारण इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है, इसलिए बिना मसाले वाला ताजा कट मीट खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है. (इमेज AI)

टेक्सचर देखकर भी लग सकता है अंदाजा: मटन खरीदते समय अगर संभव हो तो उसकी सतह पर भी ध्यान दें. मीट सामान्य रूप से नम हो सकता है, लेकिन उसकी सतह बहुत ज्यादा लिसलिसी या चिपचिपी नहीं होनी चाहिए. बहुत अधिक चिपचिपापन खराब होने का संकेत हो सकता है. हालांकि दुकान पर मीट को बार बार हाथ से छूकर जांचना साफ सफाई के लिहाज से सही नहीं है. बेहतर है कि दुकानदार से पीस दिखाने के लिए कहें और उसकी सतह को देखकर जांचें. पैक्ड मटन खरीद रहे हैं तो पैकेट के अंदर जरूरत से ज्यादा तरल, टूटी सील या फूला हुआ पैक दिखाई देने पर उसे न लें. (इमेज AI)

मटन पर मौजूद फैट को भी देखें: मटन के साथ कुछ मात्रा में फैट होना सामान्य है. इसका रंग आमतौर पर सफेद से क्रीम के बीच दिखाई दे सकता है. लेकिन केवल फैट का रंग देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि मटन फ्रेश है या जानवर कितना युवा था. अगर फैट और मीट दोनों का रंग असामान्य लग रहा हो, साथ में खराब गंध या चिपचिपापन भी दिखाई दे रहा हो, तो ऐसे मीट को छोड़ देना बेहतर है. मटन खरीदते समय एक ही संकेत की जगह पूरी क्वालिटी पर ध्यान देना ज्यादा सही तरीका है. (इमेज AI)

हड्डियों के आकार से उम्र तय करना आसान नहीं: कई लोग मानते हैं कि छोटी और पतली हड्डी वाला मटन हमेशा कम उम्र के जानवर का होता है और बड़ी हड्डी का मतलब जानवर ज्यादा उम्र का है. कुछ मामलों में आकार से अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है, लेकिन केवल हड्डी देखकर उम्र का सही पता लगाना मुश्किल है. जानवर की नस्ल, शरीर का आकार और मटन के किस हिस्से से पीस काटा गया है, इन सभी कारणों से हड्डियों का आकार बदल सकता है. इसलिए हड्डी को केवल एक सामान्य संकेत मानें, ताजगी जांचने का पक्का तरीका नहीं. (इमेज AI)

दुकान की साफ सफाई को नजरअंदाज न करें: अच्छा मटन चुनने में केवल मीट देखना ही काफी नहीं है. जिस दुकान से मटन खरीद रहे हैं, वहां की साफ सफाई भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. मीट को धूल, मक्खियों और गंदगी से सुरक्षित रखा जाना चाहिए. काटने वाली सतह, चाकू और दूसरे उपकरण भी साफ दिखाई देने चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण बात तापमान की है. कच्चा मीट जल्दी खराब होने वाला खाद्य पदार्थ है, इसलिए इसे सही तरीके से ठंडा रखना जरूरी है. लंबे समय तक सामान्य गर्म तापमान पर रखा हुआ मटन खरीदने से बचना बेहतर है. भरोसेमंद और साफ दुकान से खरीदारी करने की आदत इस जोखिम को कम कर सकती है. (इमेज AI)

पैक्ड मटन खरीदते समय लेबल जरूर पढ़ें: आजकल सुपरमार्केट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से पैक्ड मटन भी आसानी से मिल जाता है. ऐसे में पैकेट की सील, पैकिंग की तारीख, इस्तेमाल करने की आखिरी तारीख और स्टोरेज से जुड़ी जानकारी जरूर देखें. पैक कहीं से खुला, फटा या फूला हुआ दिखाई दे तो उसे न खरीदें. खरीदारी के बाद मटन को ज्यादा देर तक बाहर लेकर घूमने के बजाय जल्द से जल्द फ्रिज या फ्रीजर में रखना बेहतर है. खासकर गर्म मौसम में इस बात का ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. (इमेज AI)

बिरयानी और करी के लिए सही पीस चुनना भी जरूरी: हर मटन डिश के लिए एक ही तरह का पीस जरूरी नहीं होता. बिरयानी के लिए ऐसे पीस पसंद किए जाते हैं जिनमें मीट और हड्डी का संतुलन हो और पकने के बाद अच्छा टेक्सचर मिले. करी के लिए हड्डी वाले पीस स्वाद को ज्यादा गहरा बनाने में मदद कर सकते हैं. अगर आपको समझ नहीं आ रहा कि कौन सा हिस्सा लेना है तो दुकानदार को यह बता सकते हैं कि मटन बिरयानी, करी या किसी दूसरी डिश के लिए चाहिए. इससे वह उसी हिसाब से पीस काट सकता है. (इमेज AI)

घर लाने के बाद साफ तरीके से संभालना भी जरूरी: अच्छा मटन खरीदने के बाद उसे सही तरीके से संभालना भी उतना ही जरूरी है. कच्चे मटन को दूसरी खाने की चीजों, खासकर ऐसी चीजों से अलग रखें जिन्हें बिना पकाए खाया जाना है. इससे कच्चे मीट के बैक्टीरिया दूसरी चीजों तक पहुंचने का खतरा कम किया जा सकता है. कच्चे मटन के लिए इस्तेमाल किया गया चाकू, कटिंग बोर्ड और बर्तन इस्तेमाल के बाद अच्छी तरह साफ करें. मटन को अच्छी तरह पकाना भी जरूरी है. केवल मसालों या लंबे समय तक मैरिनेट करने को सुरक्षित पकाने का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए. (इमेज AI)

फ्रेश मटन खरीदने में काम आएंगी ये आसान बातें: बाजार से मटन खरीदते समय किसी एक घरेलू ट्रिक पर पूरी तरह भरोसा करने के बजाय कई चीजों को एक साथ देखना बेहतर है. मीट का सामान्य रंग, खराब गंध का न होना, सतह का बहुत ज्यादा चिपचिपा न होना, सही तापमान पर स्टोरेज और दुकान की साफ सफाई महत्वपूर्ण संकेत हैं. हड्डी या फैट के रंग से कुछ अंदाजा जरूर लगाया जा सकता है, लेकिन इनसे अकेले मटन की ताजगी या जानवर की उम्र तय नहीं की जा सकती. साफ और भरोसेमंद दुकान से मटन खरीदें और घर पहुंचने के बाद उसे सही तापमान पर रखें. थोड़ी सी सावधानी स्वादिष्ट मटन बनाने के साथ फूड सेफ्टी के लिहाज से भी काफी काम आ सकती है. (इमेज AI)

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