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Hyderabad Famous Sweet: जब भी तेलंगाना के खान-पान की बात होती है तो सबसे पहला नाम हैदराबादी बिरयानी का आता है. लेकिन तेलंगाना का स्वाद सिर्फ बिरयानी तक ही सीमित नहीं है। यहाँ के स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों में मसालों का ऐसा अनूठा संगम देखने को मिलता है जो किसी भी फूडी का दिल जीत सकता है। हाल ही में तेलंगाना के कुछ ऐसे ही खास और पारंपरिक फूड आइटम्स की एक लिस्ट चर्चा का विषय बनी हुई है जिन्हें हर किसी को एक बार जरूर ट्राई करना चाहिए. आइए जानते हैं तेलंगाना के उन 7 खास व्यंजनों के बारे में जो यहाँ की संस्कृति और स्वाद की पहचान हैं.
सकिनालु<br />यह चावल के आटे से बनने वाला एक कुरकुरा और स्वादिष्ट स्नैक है. तेलंगाना के घरों में इसे मुख्य रूप से त्योहारों और शादियों के मौकों पर बनाया जाता है. मकर संक्रांति के त्योहार पर सकिनालु बनाने की विशेष परंपरा है. इसे बनाने के लिए चावल के आटे में तिल और हल्के मसाले मिलाकर गोल आकार दिया जाता है और फिर धीमी आंच पर तला जाता है. इसका स्वाद बेहद क्रिस्पी और लाजवाब होता है. गांवों में महिलाएं इसे मिलकर तैयार करती हैं, जिससे त्योहारों का उत्साह और भी बढ़ जाता है. यह स्नैक कई दिनों तक खराब नहीं होता, इसलिए लोग इसे खास मौकों पर पहले से बनाकर रखते हैं.
गोलिचिना मामसम<br />मटन के शौकीनों के लिए यह डिश किसी वरदान से कम नहीं है. यह तेलंगाना की एक पारंपरिक मटन डिश है, जिसे धीमी आंच पर गाढ़े और तीखे मसालों के साथ पकाया जाता है. इसका स्वाद काफी गहरा और लाजवाब होता है. इस डिश में लाल मिर्च, काली मिर्च, लहसुन और देसी मसालों का ऐसा मिश्रण डाला जाता है जो इसे बेहद खास बना देता है. तेलंगाना के कई इलाकों में इसे खास पारिवारिक समारोहों और दावतों में परोसा जाता है. धीमी आंच पर लंबे समय तक पकने के कारण मटन पूरी तरह मसालों का स्वाद सोख लेता है और खाने में बेहद नरम हो जाता है. यही वजह है कि नॉनवेज पसंद करने वाले लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं.
गरिजालु<br />इसे कई जगहों पर गरजालु भी कहा जाता है। यह दिखने में काफी हद तक उत्तर भारत की ‘गुजिया’ जैसी होती है। मैदा या आटे की लोई के अंदर नारियल और गुड़ का मीठा मिश्रण भरकर इसे डीप-फ्राई किया जाता है। त्योहारों के सीजन में यह हर घर में बनाई जाती है। इसका स्वाद मीठा और बेहद पारंपरिक होता है. कई लोग इसमें सूखे मेवे और इलायची भी मिलाते हैं, जिससे इसका फ्लेवर और बेहतर हो जाता है. खासतौर पर दिवाली और संक्रांति जैसे त्योहारों पर यह मिठाई मेहमानों को परोसी जाती है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोग इसे पसंद करते हैं और इसकी खुशबू पूरे घर को मिठास से भर देती है.
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मलिदालु<br />यह तेलंगाना की एक बेहद खास और पारंपरिक मिठाई है. इसे बची हुई रोटियों को चूरा करके, उसमें गुड़, घी और ड्राई फ्रूट्स मिलाकर लड्डू के आकार में तैयार किया जाता है. यह स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर है. पुराने समय में घरों में बची रोटियों का उपयोग करने के लिए यह खास मिठाई बनाई जाती थी. इसमें घी और गुड़ होने के कारण यह शरीर को ऊर्जा देने का काम भी करती है. कई परिवारों में इसे बच्चों के लिए हेल्दी स्नैक माना जाता है. इसका स्वाद देसी और पारंपरिक होता है, जो लोगों को गांव की याद दिला देता है. सर्दियों में इसे खाना खासतौर पर पसंद किया जाता है.
डबल का मीठा<br />ब्रेड से बनने वाली यह एक बेहद लोकप्रिय पारंपरिक मिठाई है। इसमें ब्रेड के टुकड़ों को घी में सुनहरा होने तक तला जाता है और फिर उन्हें इलायची फ्लेवर वाले मीठे दूध (रबड़ी) में भिगोकर ड्राई फ्रूट्स से गार्निश किया जाता है. यह मिठाई हैदराबाद और तेलंगाना की शाही डिश मानी जाती है. शादी-ब्याह और बड़े समारोहों में इसे खास तौर पर परोसा जाता है. इसका स्वाद इतना रिच और क्रीमी होता है कि मिठाई पसंद करने वाले लोग इसे बार-बार खाना पसंद करते हैं. ऊपर से डाले गए काजू, बादाम और पिस्ता इसकी खूबसूरती और स्वाद दोनों को बढ़ा देते हैं. ठंडी रबड़ी के साथ इसका स्वाद और भी ज्यादा शानदार लगता है.
सरवा पिंडी<br />यदि आप कुछ हल्का और चटपटा खाना चाहते हैं, तो सरवा पिंडी एक बेहतरीन विकल्प है. यह चावल के आटे, मूंगफली, हरी मिर्च, प्याज और मसालों के मिश्रण से तैयार किया जाने वाला एक पैनकेक है. इसे यहाँ सुबह के नाश्ते या शाम के स्नैक्स के रूप में तीखी चटनी के साथ खूब पसंद किया जाता है. इसे तवे पर हल्के तेल के साथ पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद कुरकुरा और शानदार हो जाता है. मूंगफली और मसालों की वजह से इसमें देसी फ्लेवर भरपूर होता है. गांवों और शहरों दोनों जगहों पर लोग इसे बड़े स्वाद से खाते हैं. हेल्दी और स्वादिष्ट होने के कारण यह अब तेलंगाना से बाहर भी काफी लोकप्रिय होता जा रहा है.