Masala Dosa Global Ranking: खाने की दुनिया में स्वाद का कोई पासपोर्ट नहीं होता, और यही बात एक बार फिर सच साबित हुई है. साउथ इंडिया की पहचान बन चुका मसाला डोसा अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने ग्लोबल मंच पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. मई 2026 में जारी एक पॉपुलर फूड गाइड की लिस्ट में मसाला डोसा ने दुनिया के बेहतरीन पैनकेक रेसिपीज के बीच अपनी जगह बनाई है. यह खबर सिर्फ खाने के शौकीनों के लिए नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और स्वाद के लिए भी गर्व का विषय है. खास बात यह है कि मसाला डोसा ने उन रेसिपीज को पीछे छोड़ा है जो दशकों से पश्चिमी देशों में लोकप्रिय रहे हैं.

वैश्विक मंच पर डोसे की धमक
दुनिया भर के लोकप्रिय फूड गाइड ‘TasteAtlas’ ने अपनी ताजा रैंकिंग में भारत के मसाला डोसे को छठा स्थान दिया है. इसे 4.3 स्टार रेटिंग मिली है, जो इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद मजबूत स्थिति में खड़ा करती है. आमतौर पर पैनकेक की बात होते ही लोगों के दिमाग में फ्रेंच क्रेप्स या अमेरिकन पैनकेक आते हैं, लेकिन इस बार भारतीय स्वाद ने सबका ध्यान खींच लिया.

मसाला डोसा का यह सफर आसान नहीं था. यह सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि एक अनुभव है पतला, कुरकुरा बाहरी हिस्सा और अंदर मसालेदार आलू की फिलिंग. नारियल की चटनी और सांभर के साथ इसका कॉम्बो इसे खास बनाता है. यही संतुलन इसे ग्लोबल टेस्ट लिस्ट में अलग पहचान देता है.

टॉप 5 में किसने मारी बाज़ी
इस लिस्ट में पहले स्थान पर लातविया का ‘Kartupelu Pankukas’ रहा, जो आलू से बना एक पारंपरिक पैनकेक है. इसके बाद फ्रांस के ‘Crepes Sucrees’ और ‘Crepes’ ने अपनी जगह बनाई. दिलचस्प बात यह रही कि फ्रांस के ‘Nutella Crepes’ भी टॉप 5 में शामिल रहे, जो मीठे स्वाद के प्रेमियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं.

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चीन का ‘Jianbing’ भी इस लिस्ट में शामिल है, जो स्ट्रीट फूड के तौर पर काफी प्रसिद्ध है. इन सभी के बीच मसाला डोसा का छठा स्थान हासिल करना इस बात का संकेत है कि भारतीय व्यंजन अब केवल क्षेत्रीय नहीं रहे, बल्कि ग्लोबल टेस्ट का हिस्सा बन चुके हैं.

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भारतीय स्ट्रीट फूड का बढ़ता क्रेज
अगर आप किसी भी बड़े शहर की बात करें दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु हर जगह डोसा सिर्फ एक नाश्ता नहीं, बल्कि एक कल्चर बन चुका है. अब तो छोटे शहरों और कस्बों में भी अलग-अलग तरह के डोसे मिलने लगे हैं, जैसे चीज़ डोसा, पनीर डोसा या चॉकलेट डोसा.

यह बदलाव सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. विदेशों में भी भारतीय रेस्टोरेंट्स में डोसा तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. कई जगहों पर इसे “Indian Pancake” के नाम से मेन्यू में शामिल किया जाता है, जिससे विदेशी ग्राहकों को इसे समझने में आसानी होती है.

स्वाद के साथ परंपरा का मेल
मसाला डोसा की खासियत सिर्फ उसका स्वाद नहीं, बल्कि उसकी परंपरा भी है. चावल और उड़द दाल के घोल से बनने वाला यह व्यंजन स्वास्थ्य के लिहाज से भी संतुलित माना जाता है. हल्का होने के बावजूद यह पेट भरने वाला होता है, जो इसे हर उम्र के लोगों के लिए पसंदीदा बनाता है. आज के दौर में जब लोग हेल्दी और पारंपरिक खाने की ओर लौट रहे हैं, मसाला डोसा जैसे व्यंजन स्वाभाविक रूप से उनकी पसंद बन रहे हैं. यही वजह है कि यह सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी जगह बना रहा है.





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