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मानसून में स्वाद के साथ सेहत का खजाना ये भाजियां, इनमें एक से बढ़कर एक खासियत

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Monsoon Famous Bhaji: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बारिश के मौसम में कई पौष्टिक भाजियां हर घर में बनती हैं. ये भाजियां प्रोटीन और विटामिन्स से भरपूर होती हैं. ये भाजी आप घर के गार्डन या छत में उगा सकते हैं. कौन सी वो भाजिया हैं? आइए जानते हैं…

अगर आप बारिश मौसम में भाजी खाने के शौकीन हैं तो हम आपको कुछ ऐसी भाजियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो आप घर पर ही तैयार कर सकते हैं. ये भाजी आप घर के गार्डन या छत में उगा सकते हैं. कौन सी वो भाजिया हैं? आइए जानते हैं…

सबसे पहले बात करते हैं चौरई भाजी की. बारिश के मौसम में तो चौरई भाजी अपने आप ही हो जाती है. इसलिए लोग इसको बरसात के मौसम में खूब खाते हैं और इसे घर पर लगाना बहुत आसान होता है. इसे ठंड में भी खाते हैं.

इस भाजी को आलू के साथ सूखा बनाया जाता है. ये भाजी सर्दी-जुकाम जैसे वायरल फीवर से बचाने में भी मदद करती है.‌ इस भाजी की तासीर गर्म होती है, इसलिए इस भाजी का उपयोग सर्दी-जुकाम को ठीक करने में किया जाता है.

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छतरपुर जिले में चौरई भाजी के अलावा एक और भाजी मिलती है, जिसे क्षेत्रीय भाषा में चेच भाजी के नाम से जाना जाता है. बारिश सीजन से लेकर सर्दी मौसम में भी ये भाजी खाई जाती है.

ये भाजी भी छतरपुर जिले में खूब खाई जाती है. इस भाजी को अरहर की दाल के साथ बनाया जाता है. बारिश मौसम में घर पर इसे आसानी से उगाया जा सकता है. इसे घर के गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. हालांकि, बारिश के मौसम में तो ये अपने आप ही उग आती है.

चौरई और चेंच भाजी के साथ ही बारिश मौसम में छतरपुर जिले में कचोड़ा भाजी की भी डिमांड बढ़ जाती है. ये भाजी तो बरसात में अपने आप ही उग आती है. इसे भी बरसात के मौसम में खूब खाया जाता है. हालांकि, इसकी तासीर गर्म होती है.

छतरपुर जिले में नौरपा नाम की भाजी भी खूब खाई जाती है. इसे बारिश मौसम में घर पर लगाना आसान होता है. कार्तिक के महीने में नौरपा की भाजी छतरपुर जिले के ग्रामीण इलाकों में खूब खाई जाती है. यह हरे रंग और लाल रंग की बाजी होती है. हरे रंग वाली 12 महीने मिलती है और लाल रंग की केवल बारिश के मौसम में मिलती है. यह आयरन से भरपूर है और इसे खाने से खून की कमी दूर होती है.

छतरपुर जिले में इसके अलावा बारिश मौसम में कनकौआ की भाजी भी खूब खाई जाती है. छतरपुर जिले में लोग सब्जी से ज्यादा भाजी खाना पसंद करते हैं और शायद इसलिए छतरपुर जिले में तमाम वह भांजियां हैं, जिन्हें लोग साल भर खाते हैं. यह स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होती हैं. हालांकि, कुछ भाजियां मौसम के अनुसार ही उगती हैं.

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