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मुरादाबाद में इन दिनों मिलेट्स की विभिन्न चीजों के साथ-साथ ज्वार की बर्फी भी तैयार की जा रही है. यह बर्फी स्वाद में बहुत लाजवाब और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इस बर्फी की इन दोनों बहुत अच्छी डिमांड देखने को मिल रही है. ग्राहक जमकर इस बर्फी को पसंद कर रहे हैं और इस बर्फी की खरीदारी कर रहे हैं. यह बर्फी हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह मिलेट्स के द्वारा तैयार की गई है

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मुरादाबादः मुरादाबाद में इन दिनों मिलेट्स की विभिन्न चीजों के साथ-साथ ज्वार की बर्फी भी तैयार की जा रही है. यह बर्फी स्वाद में बहुत लाजवाब और सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इस बर्फी की इन दोनों बहुत अच्छी डिमांड देखने को मिल रही है. ग्राहक जमकर इस बर्फी को पसंद कर रहे हैं और इस बर्फी की खरीदारी कर रहे हैं. यह बर्फी हमारी सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है क्योंकि यह मिलेट्स के द्वारा तैयार की गई है और मिलेट्स हमारी सेहत को बहुत फायदा देते हैं.

ज्वार की मिनिट्स वाली बर्फी किये तैयार

सीईओ विकास कुमार ने बताया कि डीएम सर ने हमें एक विशेष कार्य सौंपा था. संभल के डीएम सर और मुरादाबाद के सर ने कहा कि विकास हमें एक लंच पैकेट तैयार करके दीजिए लेकिन इसमें पारंपरिक खाना नहीं होना चाहिए. पनीर दाल चावल सब्जी रोटी जैसा सामान्य भोजन नहीं. एक ऐसा बॉक्स बनाइए जो सौ प्रतिशत मिलेट्स से बना हो. और शर्त यह है कि खाने के बाद कोई यह न कहे कि हम भूखे रह गए. हमने मिलेट्स से 13 प्रकार के व्यंजन तैयार किए सर को यह प्रयोग बहुत पसंद आया.

उन्होंने बताया कि सबसे पहले यह पैकेट संभल में गया फिर मुरादाबाद में सहारनपुर के डीएम सर ने भी इसे मंगवाया था. क्योंकि वह पहले संभल में मिलेट्स की रेसिपी पर हुए कार्यक्रम में शामिल हो चुके थे. उस पैकेट में हमने ज्वार और बाजरे के मिलेट्स कटलेट दिए थे. इसके साथ हमने सीज़न के अनुसार कटहल दिया और यदि कटहल उपलब्ध न हो तो कच्चे केले के साथ परोसा क्योंकि कच्चा केला बाजार में हमेशा आसानी से मिल जाता है.

शुगर बढ़ने का कारण मिठाई नहीं गेहूं है

उन्होंने बताया की इसके अलावा हमने मिलेट्स के समोसे और ज्वार के मोदक भी बनाए थे. उन्होंने कहा कि चीनी को यूँ ही बदनाम किया जाता है आप स्वयं सोचिए हम दिनभर में कितनी मिठाई खाते हैं अधिकतम एक दो पीस खा लेते है. जो रोज़ाना 100 ग्राम 200 ग्राम या 250 ग्राम मिठाई खाते है. लेकिन कोई भी डॉक्टर यह नहीं बताता कि हम रोज़ाना 100 से 200 ग्राम गेहूं खाते हैं. गेहूं एक लो कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट है. इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स 65 से 67 के बीच होता है. जब हम नाश्ते दोपहर और रात में इतने उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला गेहूं खाते हैं. तो उतनी शुगर तो हमें रोटी से ही मिल जाती है. इसलिए शुगर बढ़ने का मुख्य कारण मिठाई नहीं बल्कि गेहूं है.

ज्वार की बर्फी कर रहे तैयार

उन्होंने बताया कि इसी को ध्यान में रखते हुए हमने किसानों के दूध से बना मावा और मिलेट्स को मिलाकर ज्वार की बर्फी और बाजरे की बर्फी तैयार की है. इसमें हमने बाहर से कोई अतिरिक्त चीनी नहीं मिलाई है. मिठास पूरी तरह मावे की प्राकृतिक मिठास है और कुछ स्थानों पर ग्राहकों की मांग के अनुसार थोड़ा बदलाव करना पड़ा है.जैसे मुजफ्फरनगर में लोगों ने कहा कि वे थोड़ा ज्यादा मीठा पसंद करते हैं. तो उनके लिए हमने 6 प्रतिशत तक मिठास बढ़ा दी थी. यह पूरी तरह ग्राहक की पसंद पर निर्भर करता है. उस पैकेट में हमारे 9 तरह के कुकीज़ और बिस्किट मिलेट्स के मोदक मिलेट्स की बर्फी मिलेट्स के कटलेट और मिलेट्स के समोसे शामिल थे. इसमें केवल तीन चीजें हैं शुद्ध ज्वार मावा और इलायची का फ्लेवर बस और कुछ नहीं. और इसकी कीमत 500 रुपये प्रति किलोग्राम है.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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