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Famous Hariya Lassi Meerut: गर्मी के इस मौसम में अगर ठंडी, मलाईदार और मेवे से भरपूर लस्सी मिल जाए, तो दिन बन जाता है. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लालकुर्ती बाजार में लगने वाली हरिया की लस्सी का स्वाद कुछ ऐसा ही है, जिसके दीवाने आम लोगों से लेकर बड़े-बड़े वीआईपी और नेता तक हैं. पिछले 60 सालों से अपनी शुद्धता और लाजवाब टेस्ट के दम पर मशहूर इस दुकान की लस्सी को लोग पीते नहीं, बल्कि खाते हैं. जानिए इसे खाने के लिए आपको कहां आना होगा.
गर्मी के मौसम में हर किसी को ठंडी चीजें पीने की तलाश रहती है. ऐसे में अगर एक गिलास बढ़िया लस्सी मिल जाए, तो मजा ही आ जाता है. लेकिन आज के समय में असली और स्वाद से भरपूर लस्सी आसानी से नहीं मिल पाती. अगर आप मेरठ में हैं और किसी बेहतरीन लस्सी की तलाश में हैं, तो आपकी यह खोज क्रांतिधरा मेरठ के मशहूर लालकुर्ती बाजार में जाकर पूरी हो सकती है, जहां ‘हरिया की लस्सी’ ने सालों से लोगों को अपना दीवाना बना रखा है.
हरिया लस्सी दुकान के मालिक सुधीर कुमार बताते हैं कि उनके पिता हरिश्चंद्र जी ने साल 1965 में लस्सी बनाने का यह काम शुरू किया था. शुरुआत में उन्होंने खुद भी कभी नहीं सोचा था कि छोटे स्तर पर शुरू किया गया लस्सी बनाने का यह सिलसिला एक दिन इतनी बड़ी पहचान बन जाएगा. आज उनकी यह लस्सी सिर्फ मेरठ शहर में ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों और जनपदों में बेहद चाव से जानी और पसंद की जाती है.
सुधीर कुमार ने बताया कि मौजूदा समय में मेरठ शहर के भीतर उनकी तीन दुकानें चल रही हैं, जहां आपको हर वक्त लोग लस्सी का आनंद लेते हुए दिख जाएंगे. उनकी लस्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह मलाईदार दही, सूखे मेवों और मावे से भरपूर होती है. लस्सी का असली स्वाद और उसकी शुद्धता बनाए रखने के लिए वे बाहर से सामान मंगाने के बजाय खुद अपनी देखरेख में शुद्ध दही जमाते हैं और मावा भी खुद ही तैयार करते हैं, ताकि क्वालिटी में कोई कमी न आए.
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उन्होंने बताया कि जब उनके पिता ने इस काम की शुरुआत की थी, तब पूरी लस्सी हाथों से फेंटकर तैयार की जाती थी. लेकिन बदलते समय के साथ-साथ अब काम को आसान और बेहतर बनाने के लिए आधुनिक मशीनों का भी सहारा लिया जाता है. इन मशीनों के जरिए दही, मावा और चीनी को बहुत ही अच्छे तरीके से मिक्स किया जाता है, जिससे लस्सी गाढ़ी और एकदम लाजवाब बनती है.
मशीनों से अच्छी तरह तैयार करने के बाद इस गाढ़ी लस्सी को मिट्टी के पारंपरिक कुल्हड़ में डालकर ग्राहकों को परोसा जाता है. मिट्टी के कुल्हड़ की वजह से इसका स्वाद दोगुना हो जाता है. यही वजह है कि पिछले 60 सालों से लगातार सिर्फ मेरठ ही नहीं, बल्कि आसपास के इलाकों के लोग भी यहां खिंचे चले आते हैं. चूंकि लालकुर्ती बाजार मेरठ का एक बहुत बड़ा और मुख्य बाजार है, इसलिए यहां दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने आते हैं.
लालकुर्ती बाजार आने वाले लोग अपनी खरीदारी और शॉपिंग पूरी करने के बाद हरिया की दुकान पर लस्सी का आनंद लेना कभी नहीं भूलते. सुधीर कुमार बताते हैं कि उनका सबसे बड़ा फोकस हमेशा इसी बात पर रहता है कि जिस शुद्धता और क्वालिटी के दम पर उन्होंने बाजार में अपनी यह खास पहचान बनाई है, वह कभी खराब न हो. इसी क्वालिटी को मेंटेन रखने के लिए वे खुद और उनका बेटा लगातार पूरी मेकिंग और साफ-सफाई पर कड़ी नजर रखते हैं.
इतना ही नहीं, राजनीतिक गलियारों और बड़े-बड़े नेताओं के बीच भी उनकी लस्सी को बेहद पसंद किया जाता है. शहर में कोई बड़ी राजनीतिक रैली हो या कोई सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम, वहां आने वाले वीआईपी मेहमानों के लिए उनकी दुकान से विशेष रूप से लस्सी मंगवाई और भेजी जाती है. इस लस्सी का स्वाद चखने के बाद हर कोई इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाता.
अगर आप भी इस लाजवाब लस्सी का स्वाद चखना चाहते हैं और दिल्ली की तरफ से आ रहे हैं, तो आपके लिए यहां पहुंचना बेहद आसान है. आप नमो भारत ट्रेन पकड़कर सीधे ‘बेगमपुल स्टेशन’ पर उतर सकते हैं, और वहां से लालकुर्ती बाजार की तरफ रुख करते हुए हरिया लस्सी की दुकान पर पहुंच सकते हैं. यहां भीड़ ज्यादा होने के कारण आपको अपनी लस्सी के लिए करीब 30 मिनट तक का इंतजार भी करना पड़ सकता है. इसके अलावा, लोग ऑनलाइन माध्यम से भी इसका ऑर्डर दे सकते हैं.