Wheat Flour Methi Mathri Recipe: हर घर में चाय के साथ कुछ कुरकुरा खाने का मन जरूर करता है. बाजार से मिलने वाली मठरी स्वादिष्ट तो होती है, लेकिन उसमें मैदा और ज्यादा तेल होने की वजह से कई लोग उसे खाने से बचते हैं. अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं, तो अब घर पर गेहूं के आटे और ताजी हरी मेथी से बिल्कुल खस्ता और परतदार मठरी बना सकते हैं. यूट्यूबर वर्षा भावसार ने एक ऐसी आसान रेसिपी शेयर की है, जिसमें मैदे का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता. इसके बावजूद मठरी इतनी कुरकुरी बनती है कि हर कोई उसकी तारीफ करेगा.
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत साटा तकनीक है, जिसकी वजह से मठरी के अंदर कई परतें बनती हैं और वह लंबे समय तक कुरकुरी बनी रहती है. अगर आप सफर, बच्चों के टिफिन या शाम की चाय के लिए कोई हेल्दी स्नैक बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर आजमाएं.
क्यों खास है गेहूं और मेथी की यह मठरी
इस मठरी में मैदे की जगह गेहूं का आटा इस्तेमाल किया जाता है, जिससे यह ज्यादा पौष्टिक बनती है. ताजी हरी मेथी इसमें खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ाती है. साथ ही सूजी मठरी को अतिरिक्त कुरकुरापन देती है. यही वजह है कि यह स्नैक स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल माना जा सकता है.
सबसे पहले तैयार करें मेथी
सबसे पहले ताजी हरी मेथी की पत्तियां चुनकर अच्छी तरह धो लें और बारीक काट लें. अब एक पैन में थोड़ा सा घी डालें और धीमी आंच पर मेथी को तीन से चार मिनट तक भून लें. इससे मेथी का कड़वापन कम हो जाता है और उसमें मौजूद अतिरिक्त नमी भी खत्म हो जाती है. यही वजह है कि मठरी लंबे समय तक खराब नहीं होती.
आटा और मसालों का सही मिश्रण
एक बड़े बर्तन में डेढ़ कप गेहूं का आटा और आधा कप सूजी डालें. अब इसमें नमक, दरदरी काली मिर्च, अजवाइन, सफेद तिल और एक छोटा चम्मच पिसी हुई चीनी मिलाएं. यहां चीनी मिठास के लिए नहीं, बल्कि स्वाद को संतुलित करने और मठरी को सुंदर रंग देने के लिए डाली जाती है. इसके बाद भुनी हुई मेथी, हल्दी, लाल मिर्च और एक चुटकी हींग डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.
मोयन से आएगी असली खस्ता बनावट
मठरी को कुरकुरी बनाने के लिए दो बड़े चम्मच देसी घी का मोयन डालें. घी को आटे में अच्छी तरह रगड़ें. जब आटा मुट्ठी में दबाने पर बंधने लगे, तब समझिए कि मोयन सही मिला है. अब बहुत कम पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें और उसे पंद्रह मिनट के लिए ढककर रख दें.
साटा तकनीक बनाएगी परतदार मठरी
एक छोटी कटोरी में घी और थोड़ा गेहूं का आटा या कॉर्न फ्लोर मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें. इसे साटा कहा जाता है. अब आटे की बड़ी लोई बेलें और उस पर साटा की पतली परत लगाकर थोड़ा सूखा आटा छिड़क दें. इसके बाद रोटी को दोनों तरफ से मोड़ें, फिर दोबारा साटा लगाकर एक बार फिर मोड़ लें. यही प्रक्रिया मठरी के अंदर कई परतें तैयार करती है.
फोल्डिंग के बाद करें कटिंग
अब तैयार आटे को हल्का बेल लें और चाकू की मदद से अपनी पसंद के आकार में काट लें. चाहें तो चौकोर, लंबी पट्टियां या गोल आकार भी दे सकते हैं. सभी टुकड़ों को हल्का दबा दें ताकि तलते समय उनकी परतें अच्छी तरह खुल सकें.
धीमी आंच पर तलना है सबसे जरूरी
एक कड़ाही में तेल गर्म करें, लेकिन मठरी हमेशा धीमी आंच पर ही तलें. तेज आंच पर तलने से ऊपर की परत जल्दी पक जाती है और अंदर तक कुरकुरापन नहीं आता. धीरे-धीरे तलने से मठरी की हर परत अच्छी तरह पकती है और बाजार जैसी खस्ता बनावट मिलती है.
लंबे समय तक रहेगी कुरकुरी
मठरी पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही एयरटाइट डिब्बे में रखें. इस तरह रखने से यह कई दिनों तक कुरकुरी बनी रहती है. इसे चाय, अचार, हरी चटनी या सॉस के साथ परोसा जा सकता है. सफर और बच्चों के टिफिन के लिए भी यह बेहतरीन स्नैक है.
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खासियत
अगर आप मैदे से बचना चाहते हैं और घर पर हेल्दी स्नैक बनाना चाहते हैं, तो यह मेथी मठरी एक शानदार विकल्प है. गेहूं का आटा, मेथी और साटा तकनीक का मेल इसे स्वादिष्ट, परतदार और लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखता है. एक बार यह रेसिपी बनाने के बाद आप बाजार की मठरी खरीदना भूल सकते हैं.