दाल की दुल्हन उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार की एक पारंपरिक और स्वादिष्ट डिश है. इसका नाम जितना दिलचस्प है, इसका स्वाद उससे भी ज्यादा लाजवाब होता है. यह असल में दाल और आटे से बनी छोटी-छोटी पकौड़ी (दुल्हन) का मेल है, जिन्हें मसालेदार दाल में पकाया जाता है. यह एक पौष्टिक और आरामदायक भोजन है जिसे खासकर घरों में प्यार से बनाया जाता है.

सामग्री
दाल के लिए:
अरहर दाल – 1 कप
हल्दी – ½ छोटा चम्मच
नमक – स्वाद अनुसार
पानी – 3–4 कप

दुल्हन (आटे की टिक्की) के लिए:
गेहूं का आटा – 1 कप
नमक – चुटकी भर
पानी – आटा गूंथने के लिए

तड़का के लिए:
घी या तेल – 2 बड़े चम्मच
जीरा – 1 छोटा चम्मच
हींग – एक चुटकी
प्याज (बारीक कटा) – 1
लहसुन – 4-5 कलियां (कटी हुई)
अदरक – 1 छोटा टुकड़ा (कद्दूकस किया हुआ)
टमाटर – 1 (कटा हुआ)
लाल मिर्च पाउडर – 1 छोटा चम्मच
धनिया पाउडर – 1 छोटा चम्मच
गरम मसाला – ½ छोटा चम्मच
हरा धनिया – सजाने के लिए

बनाने की विधि
1. दाल तैयार करें
सबसे पहले अरहर दाल को अच्छे से धो लें. अब इसे कुकर में डालकर हल्दी, नमक और पानी के साथ 3–4 सीटी आने तक पकाएं. दाल को ज्यादा गाढ़ा न रखें, थोड़ा पतला रखें ताकि दुल्हन अच्छे से पक सके.

2. दुल्हन बनाएं
अब गेहूं के आटे में नमक मिलाकर सख्त आटा गूंथ लें. आटे से छोटी-छोटी लोइयां बनाएं और उन्हें लंबा या चपटा आकार दें (पकौड़ी जैसा) यही ‘दुल्हन’ कहलाती हैं.

3. दुल्हन को दाल में पकाएं
पकी हुई दाल को एक कढ़ाही में निकालें और उबाल आने दें. जब दाल उबलने लगे, तब उसमें एक-एक करके आटे की दुल्हन डाल दें. ध्यान रहे कि दुल्हन डालने के बाद दाल को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वे आपस में चिपके नहीं. इन्हें लगभग 10–15 मिनट तक पकाएं जब तक ये नरम न हो जाएं.

4. तड़का लगाएं
अब एक कड़ाही में घी या तेल गरम करें. उसमें जीरा और हींग डालें. फिर प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें. इसके बाद लहसुन और अदरक डालें और खुशबू आने तक पकाएं. अब टमाटर और बाकी मसाले डालकर मसाले को अच्छी तरह पकाएं.

5. दाल में मिलाएं
तैयार तड़के को दाल में डालें और 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं ताकि सारे स्वाद अच्छी तरह मिल जाएं.

6. सजाएं और परोसें
ऊपर से हरा धनिया डालकर सजाएं. गरमा-गरम दाल की दुल्हन को चावल या रोटी के साथ सर्व करें.

टिप्स
दुल्हन का आकार बहुत बड़ा न रखें, वरना अंदर से कच्ची रह सकती है.
दाल को बीच-बीच में चलाते रहें ताकि नीचे न चिपके.
देसी घी का तड़का स्वाद को दोगुना कर देता है.



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