हमारा पूरा दिन कैसा बीतेगा,यह इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी सुबह की शुरुआत कैसी हुई है। सद्गुरु के मुताबिक,यदि आप सुबह उठते ही अपने शरीर और मन को सही दिशा में एक्टिव कर लें, तो आलस और नेगेटिविटी आपका रास्ता कभी नहीं रोक सकतीं। लेकिन आज के समय में ज्यादातर लोगों की सुबह की शुरुआत मोबाइल के साथ होती है जिसकी वजह से सुस्ती, आलस और चिड़चिड़ापन लगता है। ऐसे में जग्गी वासुदेव सद्गुरु ने बताया है कि आलस और नेगेटिविटी को कैसे खत्म किया जाए। उन्होंने बताया है कि सुबह उठने के बाद कौन से काम करने से आलस और नेगेटिविटी दूर होती है। यहां जान लें।

उठते ही दोनों हथेलियों को रगड़ें और आंखों पर लगाएं


सद्गुरु का कहना है कि जब आप सोकर उठते हैं तो शरीर की ऊर्जा धीमी होती है। ऐसे में बिस्तर से उठने से पहले दोनों हथेलियों को आपस में तेजी से रगड़ें और उन्हें अपनी आंखों पर हल्के से रखें। हमारी हथेलियों में हजारों तंत्रिका तंत्र होते हैं। इन्हें आपस में रगड़ने से पूरे शरीर का सिस्टम तुरंत रीचार्ज हो जाता है और नींद, आलस गायब हो जाता है।

दाईं करवट लेकर उठें

सोकर उठते समय शरीर का सही संतुलन बहुत जरूरी है। इसलिए हमेशा बिस्तर से उठते समय दाईं करवट लें और फिर बैठें। जब आप बाईं करवट लेकर अचानक उठते हैं, तो आपके हार्ट पर ज्यादा प्रेसर पड़ता है। दाईं करवट से उठने पर हार्ट और नर्वस सिस्टम पर ज्यादा दवाब नहीं पड़ता और आप सुबह से ही शांत महसूस करते हैं।

चेहरे और हाथों पर ठंडा पानी छिड़कें

आलस और भारीपन को दूर करने का यह सबसे बेहतरीन तरीका माना गया है। उठने के बाद चेहरे, आंखों और हाथों पर ठंडे पानी के छींटे मारें। ठंडा पानी आपकी नर्व्स को तुरंत एक्टिव करता है और दिमाग को अलर्ट करता है। इससे रात भर का भारीपन मिनटों में दूर हो जाता है।

हमेशा मुस्कुराते रहें

नेगेटिविटी को खत्म करने का सबसे ताकतवार हथियार ‘मुस्कान’है। इसके लिए उठते ही महसूस करें कि आप जिंदा हैं। जीवन में जो कुछ भी मिला है,उसके लिए धन्यवाद दें और चेहरे पर एक हल्की मुस्कान लाएं। 





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