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Sawan Special Singhara Halwa Recipe: सावन और अन्य व्रत-उपवास में सिंघाड़े का आटा सबसे पसंदीदा आहारों में शामिल है. यह न सिर्फ लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि इससे बनने वाला हलवा और बर्फी स्वाद और सेहत का बेहतरीन मेल भी हैं. अगर आप इस बार व्रत में कुछ खास और घर पर आसानी से बनने वाली मिठाई ट्राई करना चाहते हैं, तो सिंघाड़े के आटे की ये आसान रेसिपीज आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती हैं.
सावन या किसी भी व्रत-उपवास के दौरान सिंघाड़े का आटा सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है. यह न सिर्फ व्रत के नियमों के अनुरूप होता है, बल्कि पोषण से भी भरपूर माना जाता है. सिंघाड़े के आटे में कार्बोहाइड्रेट, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं.
यही वजह है कि उपवास के दिनों में इससे बने व्यंजन लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं. सिंघाड़े के आटे से कई तरह के पकवान तैयार किए जाते हैं, लेकिन इनमें हलवा और बर्फी सबसे अधिक पसंद किए जाते हैं. ये दोनों व्यंजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ आसानी से घर पर तैयार किए जा सकते हैं. यदि आप इस बार व्रत में कुछ खास बनाना चाहते हैं, तो इन आसान रेसिपीज को जरूर आजमा सकते हैं.
हलवा बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में अपनी आवश्यकता के अनुसार देसी घी गरम करें. घी गर्म होने के बाद उसमें सिंघाड़े का आटा डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए अच्छी तरह भूनें. जब आटे का रंग हल्का सुनहरा हो जाए और उसमें से खुशबू आने लगे, तब समझिए कि आटा अच्छी तरह भुन चुका है.
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अब इसमें धीरे-धीरे दूध या पानी डालते हुए लगातार चलाएं, ताकि मिश्रण में गुठलियां न बनने पाएं. इसके बाद स्वादानुसार चीनी मिलाएं और धीमी आंच पर पकाते रहें. कुछ ही मिनटों में हलवा गाढ़ा होकर तैयार हो जाएगा. आखिर में कटे हुए बादाम, काजू और किशमिश डालकर इसे सजाएं. अगर आप कम घी वाला हलवा पसंद करते हैं, तो अपनी जरूरत के अनुसार घी की मात्रा कम भी रख सकते हैं.
बर्फी बनाने की प्रक्रिया भी काफी आसान है. सबसे पहले कड़ाही में घी गरम करें और उसमें सिंघाड़े का आटा डालकर सुनहरा होने तक भूनें. जब आटे से हल्की खुशबू आने लगे, तब उसमें चीनी और थोड़ा दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं. मिश्रण को लगातार चलाते रहें, ताकि वह गाढ़ा होकर जमने लायक बन जाए. अब एक प्लेट या थाली में हल्का घी लगाकर तैयार मिश्रण को समान रूप से फैला दें.
ऊपर से कटे हुए बादाम, काजू या पिस्ता डालकर हल्के हाथ से दबाएं और ठंडा होने के लिए छोड़ दें. मिश्रण पूरी तरह सेट होने के बाद इसे मनचाहे आकार में काट लें. तैयार बर्फी मुलायम, हल्की मीठी और बेहद स्वादिष्ट होती है. यदि आप हलवे या बर्फी का स्वाद थोड़ा अलग अंदाज में चाहते हैं, तो एक और आसान तरीका अपनाया जा सकता है.
इसके लिए पहले पानी में चीनी घोलकर हल्की चाशनी तैयार कर लें. जब सिंघाड़े का आटा अच्छी तरह भुन जाए, तब उसमें यह चाशनी डालें. इससे अलग से पानी और चीनी मिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और स्वाद भी अधिक बेहतरीन आएगा. विशेषज्ञों के अनुसार सिंघाड़े का आटा ऊर्जा देने वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है. इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं, जबकि आयरन और अन्य पोषक तत्व शरीर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं.
इसके अलावा यह पेट पर ज्यादा भारी नहीं पड़ता और आसानी से पच जाता है. यही कारण है कि सावन और अन्य उपवासों में इसका सेवन व्यापक रूप से किया जाता है. अगर आप व्रत के दौरान स्वाद और सेहत का संतुलन बनाए रखना चाहते हैं, तो सिंघाड़े के आटे से बना हलवा और बर्फी बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं. खास बात यह है कि इन्हें सिर्फ व्रत में ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी मिठाई के रूप में बनाया और खाया जा सकता है.