Dibba Rotti Recipe: हर घर में नाश्ते को लेकर एक ही सवाल रहता है कि आज ऐसा क्या बनाया जाए जो स्वाद में नया हो और बनाने में भी ज्यादा मुश्किल न लगे, अगर आप भी इडली, डोसा और उत्तपम जैसे पारंपरिक साउथ इंडियन व्यंजनों से थोड़ा अलग कुछ ट्राई करना चाहते हैं, तो आंध्र प्रदेश की मशहूर डिब्बा रोटी आपकी लिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए. यह रेसिपी पहली नजर में साधारण लग सकती है, लेकिन इसे बनाने का तरीका इतना अलग है कि हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है.

खास बात यह है कि इसमें आटा गूंथने की जरूरत नहीं पड़ती. केवल इडली-डोसे के गाढ़े बैटर से यह मोटी, कुरकुरी और बेहद मुलायम रोटी तैयार हो जाती है. इसके बीच में पानी से भरा गिलास रखकर पकाने की पारंपरिक तकनीक इसे बाकी सभी रेसिपी से अलग पहचान देती है. बाहर से सुनहरी और करारी, जबकि अंदर से रुई जैसी नरम डिब्बा रोटी एक बार खाने के बाद बार-बार बनाने का मन करेगा.

डिब्बा रोटी आखिर क्यों है इतनी खास?
डिब्बा रोटी आंध्र प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों में गिनी जाती है. देखने में यह न तो डोसे जैसी पतली होती है और न ही उत्तपम जितनी हल्की. इसकी सबसे बड़ी पहचान इसका मोटा आकार, कुरकुरी बाहरी परत और अंदर का स्पंजी टेक्सचर है. इसे तैयार करने के लिए बैटर को कड़ाही में मोटी परत के रूप में डाला जाता है. फिर उसके बीच में पानी से भरा स्टील या पीतल का गिलास रखा जाता है. यही तरीका रोटी को अंदर तक समान रूप से पकने में मदद करता है और इसे एक खास रिंग जैसी आकृति भी देता है.

बिना आटा गूंथे बन जाती है स्वादिष्ट रोटी
आजकल कई लोग ऐसी रेसिपी पसंद करते हैं जिनमें मेहनत कम और स्वाद ज्यादा हो. डिब्बा रोटी इसी श्रेणी की डिश है. इसमें न आटा गूंथना पड़ता है और न ही बार-बार बेलने की परेशानी होती है. अगर घर में इडली या डोसे का बैटर पहले से रखा है, तो कुछ ही मिनटों में यह स्वादिष्ट रेसिपी तैयार की जा सकती है. यही वजह है कि दक्षिण भारत के कई घरों में इसे सुबह के नाश्ते या शाम के हल्के भोजन के रूप में बनाया जाता है.

डिब्बा रोटी बनाने के लिए सामग्री
1. 2 कप गाढ़ा इडली या डोसा बैटर
2. 3 से 4 बड़े चम्मच तेल
3. 1 छोटा चम्मच जीरा
4. थोड़ा पानी
5. एक छोटा स्टील या पीतल का गिलास

10 आसान स्टेप्स में बनाएं आंध्र प्रदेश की डिब्बा रोटी

1. सबसे पहले इडली या डोसे का गाढ़ा बैटर तैयार रखें. बैटर बहुत पतला नहीं होना चाहिए, तभी रोटी सही टेक्सचर के साथ बनेगी. अब भारी तले वाली गहरी कड़ाही को गैस पर रखें और उसमें तेल डालकर अच्छी तरह गर्म करें. आंच धीमी करें और कड़ाही के बीच में बैटर डालें. इसे डोसे की तरह फैलाने की कोशिश न करें. बैटर को मोटी परत में ही रहने दें.

अब एक छोटे गिलास में थोड़ा पानी भरें और उसे बैटर के बिल्कुल बीच में सीधा रख दें. इसके बाद ऊपर से जीरा छिड़क दें ताकि पकने के दौरान इसकी खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएं. कड़ाही को ढक्कन से ढक दें और लगभग 8 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें. जब ऊपर की सतह सूखी और हल्की फूली हुई दिखाई देने लगे, तब सावधानी से बीच में रखा गिलास निकाल लें.

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अब रोटी को धीरे-धीरे पलटें और दूसरी तरफ भी 2 से 3 मिनट तक सुनहरा होने दें. दोनों तरफ अच्छी तरह सिकने के बाद इसे प्लेट में निकाल लें. गरमा-गरम डिब्बा रोटी को नारियल की चटनी, मूंगफली की चटनी, सांभर या टमाटर की चटनी के साथ परोसें.

गिलास वाला तरीका क्यों माना जाता है खास?
डिब्बा रोटी की सबसे बड़ी खासियत यही पारंपरिक तकनीक है. बीच में रखा पानी से भरा गिलास बैटर को केवल आकार ही नहीं देता, बल्कि गर्मी को समान रूप से फैलाने में भी मदद करता है. इससे रोटी का बीच वाला हिस्सा भी अच्छी तरह पक जाता है और अंदर छोटे-छोटे जालीदार छेद बनते हैं, जिससे इसका टेक्सचर बेहद मुलायम हो जाता है. यही वजह है कि बाहर की परत करारी रहती है, जबकि अंदर का हिस्सा स्पंजी और हल्का महसूस होता है.

घर में जरूर करें ट्राई
अगर सप्ताहांत पर परिवार के लिए कुछ अलग बनाने का मन है या बच्चों को नया स्वाद चखाना चाहते हैं, तो डिब्बा रोटी बेहतरीन विकल्प हो सकती है. कम सामग्री, आसान तरीका और शानदार स्वाद इसे हर उम्र के लोगों की पसंद बना देता है. एक बार इसे बनाने के बाद यह आपकी पसंदीदा साउथ इंडियन रेसिपी में शामिल हो सकती है.



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