Highlights
- इंडिगो ने कई सेवाओं के शुल्क बढ़ाए
- शिशु यात्रा का शुल्क कितना बढ़ा
- एक्स्ट्रा लगेज चार्ज कितना बढ़ा
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइनों में से एक IndiGo ने चुपचाप कई अतिरिक्त सेवाओं के शुल्क (ancillary charges) में बदलाव किए हैं। एयरलाइन ने कई वैकल्पिक सेवाओं के शुल्क में बदलाव किए हैं, जिनमें छोटे बच्चों (infants) के साथ यात्रा, तय सीमा से ज़्यादा सामान (excess baggage), प्राथमिकता वाली सेवाएं (priority services) और यात्रा प्रमाण-पत्र (travel certificates) शामिल हैं। ये बदलाव खास तौर पर उन परिवारों और यात्रियों के लिए मायने रखते हैं जो अक्सर बुकिंग के बाद अतिरिक्त सेवाएं लेते हैं।
कीमतों में इस बढ़ोतरी की वजह क्या है?
इंडिगो ने ये बदलाव पहले ही लागू कर दिए हैं और इनमें माता-पिता की गोद में यात्रा करने वाले बच्चों से लेकर ज़्यादा सामान और प्रायोरिटी सर्विस तक सब कुछ शामिल है। इंडिगो ने फीस में इस बदलाव के लिए सार्वजनिक रूप से किसी एक खास वजह का ज़िक्र नहीं किया है। इंडिगो की तरफ से इस बढ़ोतरी को किसी खास वजह (जैसे फ्यूल की कीमतें, टैक्स या नियमों में बदलाव) से जोड़ने वाला कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एयरलाइन के अतिरिक्त (Add on) चार्ज में किया गया एक सामान्य अपडेट है। कम लागत वाली एयरलाइंस समय-समय पर इन शुल्कों में बदलाव करती रहती हैं ताकि बेस फेयर को प्रतिस्पर्धी बनाए रखते हुए बढ़ती परिचालन लागत को मैनेज किया जा सके। इन बदलावों में शिशु शुल्क, अतिरिक्त सामान, अकेले यात्रा करने वाले नाबालिग, प्राथमिकता वाली सेवाएं और यात्रा प्रमाण पत्र शामिल हैं, और ये सितंबर 2026 के मध्य में तुरंत लागू हो गए हैं।
शिशु के लिए फीस ₹1,000 बढ़ी
दो साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यात्रा करने वाले माता-पिता को अब हर सेक्टर के लिए प्रति शिशु ₹3,000 देने होंगे, जबकि पहले यह ₹2,000 था। इंडिगो की मौजूदा फीस लिस्ट में घरेलू उड़ानों के लिए शिशु के बदले हुए चार्ज की पुष्टि की गई है।
शिशु के लिए सामान्य व्यवस्था के तहत अलग सीट नहीं मिलती है। इंडिगो तीन दिन से लेकर दो साल तक की उम्र के बच्चों को ‘शिशु’ (infant) मानता है और कहता है कि उन्हें किसी वयस्क (adult) के साथ यात्रा करनी चाहिए। एक वयस्क के साथ केवल एक शिशु को ही यात्रा करने की अनुमति है। माता-पिता को बच्चे की उम्र का सही सबूत भी साथ रखना होगा, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट।
उदाहरण के लिए, अगर कोई परिवार दो वयस्कों और दो शिशुओं के साथ यात्रा कर रहा है, तो वयस्कों के टिकट और किसी भी अतिरिक्त सेवा के खर्च को जोड़ने से पहले ही, सिर्फ़ शिशुओं का खर्च ₹6,000 हो जाएगा।
अतिरिक्त सामान का चार्ज बढ़ा
अतिरिक्त सामान ले जाना भी महंगा हो गया है। इसका चार्ज ₹700 प्रति किलो से बढ़कर ₹800 प्रति किलो हो गया है। इसका मतलब है कि आपकी फ़्री लिमिट से ज़्यादा हर अतिरिक्त किलो के लिए अब ₹100 ज़्यादा लगेंगे। इंडिगो प्रीपेड एक्स्ट्रा बैगेज (सामान) का विकल्प भी देती है। इसके मौजूदा घरेलू शुल्क वाले पेज पर 3 kg से 40 kg तक के स्लैब दिए गए हैं, और प्रीपेड कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि कितना अतिरिक्त सामान खरीदा गया है।
IndiGo की मौजूदा वेबसाइट पर घरेलू उड़ानों में अकेले यात्रा करने वाले नाबालिग (unaccompanied minor) के लिए शुल्क ₹4,999 दिखाया गया है, जबकि हालिया बदलाव की खबरों में यह शुल्क ₹5,999 बताया गया है। इसलिए, जो यात्री यह सर्विस बुक कर रहे हैं, उन्हें पेमेंट करने से पहले अपनी बुकिंग के लिए दिखाई जा रही रकम की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
बुकिंग से पहले जरूर चेक करें
- IndiGo की घरेलू उड़ान बुक करने वाले यात्रियों के लिए, फाइनल रकम शुरुआती सर्च में दिखाए गए किराए से अलग हो सकती है।
- अगर आप दो साल से कम उम्र के बच्चे के साथ यात्रा कर रहे हैं, तो बच्चे का किराया
- आपके किराए के साथ मिलने वाली चेक-इन बैगेज की लिमिट
- अगर आपको लिमिट से ज़्यादा सामान ले जाना है, तो एक्स्ट्रा बैगेज का चार्ज
- अगर आपको कोई खास सीट चाहिए, तो सीट चुनने का चार्ज
- अगर आप जल्दी चेक-इन या बोर्डिंग चाहते हैं, तो प्रायोरिटी सर्विस का चार्ज
- अगर यात्रा के बाद आपको ट्रैवल सर्टिफ़िकेट चाहिए, तो उसका चार्ज
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