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Fluffy Spongy Idli Tips: स्पंजी और मुलायम इडली के लिए सही अनुपात, पोहा की छोटी ट्रिक, ठंडे पानी से पीसना और 8–12 घंटे का सही फर्मेंटेशन सबसे अहम कदम हैं. स्टीम से पहले बैटर को ज्यादा न चलाएं.

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स्पंजी और फूली हुई इडली बनाने के लिए बैटर फर्मेंटेशन और स्टीमिंग के आसान टिप्स

Fluffy Spongy Idli Tips: इडली देखने में जितनी साधारण लगती है, उसे घर पर बिल्कुल होटल जैसी मुलायम और स्पंजी बनाना उतना आसान नहीं माना जाता. कई लोगों की शिकायत रहती है कि बैटर ठीक से फूलता नहीं, इडली सख्त बन जाती है या फिर उसमें वह हल्की और एयर जैसी बनावट नहीं आती. लेकिन असल फर्क कुछ छोटे स्टेप्स और सही फर्मेंटेशन से पड़ता है. करीब हर भारतीय किचन में कभी न कभी यह सवाल जरूर उठता है आखिर ऐसी इडली कैसे बने जो प्लेट में रखते ही नरम महसूस हो और मुंह में जाते ही घुल जाए? इसका जवाब महंगे उपकरण नहीं, बल्कि सही अनुपात, पीसने के तरीके और तापमान की समझ में छिपा है.

सही शुरुआत: दाल और चावल का अनुपात ही तय करता है रिजल्ट
इडली का बैटर तैयार करते समय सबसे पहले अनुपात का ध्यान रखना जरूरी है. आमतौर पर 3 से 4 कप इडली राइस के साथ 1 कप साबुत उड़द दाल अच्छा संतुलन माना जाता है. उड़द दाल बैटर में हवा पकड़ने और उसे हल्का बनाने में मदद करती है. इसके साथ एक छोटा चम्मच मेथी दाना भी भिगोना फायदेमंद माना जाता है. मेथी सिर्फ स्वाद नहीं बढ़ाती बल्कि बैटर को बेहतर तरीके से फर्मेंट होने में भी मदद करती है.

एक छोटा सीक्रेट जो इडली को बना सकता है ज्यादा फ्लफी
अगर आप चाहते हैं कि इडली ज्यादा मुलायम और हल्की बने, तो पीसते समय आधा कप भीगा हुआ पोहा मिला सकते हैं. यह ट्रिक कई घरों में सालों से अपनाई जाती है. पोहा बैटर को हल्का टेक्सचर देता है और स्टीम होने के बाद इडली ज्यादा स्पंजी महसूस होती है.

पीसने का तरीका: महीन लेकिन ज्यादा पतला नहीं
कई बार गलती बैटर पीसते समय हो जाती है. बैटर बहुत मोटा होगा तो इडली भारी बनेगी और बहुत पतला होगा तो आकार और टेक्सचर दोनों बिगड़ सकते हैं. दाल और चावल को अलग-अलग पीसना बेहतर माना जाता है. पीसते समय ठंडे या फिल्टर्ड पानी का इस्तेमाल करें. गर्म पानी बैटर का तापमान बढ़ा सकता है, जिससे फर्मेंटेशन प्रभावित हो सकता है. एक और दिलचस्प बात बैटर को हाथों से मिलाना. पुराने समय से यह तरीका इस्तेमाल किया जाता रहा है क्योंकि हाथों की हल्की गर्माहट और प्राकृतिक वातावरण फर्मेंटेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं.

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फर्मेंटेशन: यही है परफेक्ट इडली की असली पहचान
बैटर तैयार होने के बाद उसे किसी बड़े बर्तन में रखें क्योंकि फर्मेंट होने पर उसका आकार बढ़ता है. बर्तन को ढककर 8 से 12 घंटे तक गर्म जगह पर रखें. गर्मियों में यह प्रक्रिया आसान रहती है क्योंकि कमरे का तापमान पर्याप्त होता है. लेकिन सर्दियों में बैटर धीरे फूलता है.

ठंड के मौसम में अपनाएं ये आसान ट्रिक
अगर मौसम ठंडा है, तो बैटर के बर्तन को मोटे तौलिये में लपेटकर रखें. कई लोग हल्का प्री-हीट करके बंद किए गए ओवन में भी बैटर रखते हैं. कुछ घरों में माइक्रोवेव या हॉटकेस का इस्तेमाल भी किया जाता है ताकि अंदर हल्का गर्म वातावरण बना रहे. ध्यान रखें कि बैटर को जरूरत से ज्यादा गर्म जगह पर न रखें, वरना उसका स्वाद बदल सकता है.

स्टीम करने से पहले ये गलती बिल्कुल न करें
जब बैटर अच्छी तरह फूल जाए और उसकी मात्रा लगभग दोगुनी दिखे, तब उसे बहुत जोर से न चलाएं. कई लोग इसी स्टेज पर बैटर को ज्यादा मिक्स कर देते हैं जिससे अंदर बने एयर पॉकेट्स खत्म हो जाते हैं. हल्के हाथों से बैटर मिलाएं और तुरंत इडली सांचे में डालकर स्टीम करें. यही तरीका इडली को नरम और हल्का बनाए रखने में मदद करता है.

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Keerti Rajpoot

मीडिया की दुनिया में मेरा सफर एक रेडियो जॉकी के रूप में शुरू हुआ था, जहां शब्दों की ताकत से श्रोताओं के दिलों तक पहुंच बनाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही. माइक के पीछे की यह जादुई दुनिया ही थी जिसने मुझे इलेक्ट्र…और पढ़ें



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