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Ghevar Recipe Tips: यदि आप घर घेवर बनाने की हर कोशिश करके थक चुकी हैं, लेकिन बाजार जैसा परफेक्शन नहीं आ रहा तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप उन गलतियों के बारे में जान सकते हैं, जिससे घेवर बनते-बनते खराब हो सकता है. साथ ही ऐसे ट्रिक भी जिससे बनता है बिल्कुल कुरकुरा और जालीदार घेवर.

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मानसून का मौसम आते ही गर्मागर्म पकौड़े, समोसे और चाय की याद आने लगती है. लेकिन इस मौसम की एक और खास मिठाई है, जिसका लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं और वह है घेवर. राजस्थान की यह पारंपरिक मिठाई सावन, तीज और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों की शान मानी जाती है. हालांकि इसकी शुरुआत राजस्थान से हुई थी, लेकिन आज यह हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई राज्यों में बेहद पसंद की जाती है. इसकी जालीदार बनावट और मीठा स्वाद इसे दूसरी मिठाइयों से अलग बनाता है.

मैदा, घी और चाशनी से बनने वाला घेवर अक्सर रबड़ी, बादाम और पिस्ता से सजाया जाता है. बाजार में मिलने वाले घेवर का स्वाद सभी को पसंद आता है, लेकिन कई लोग इसे घर पर भी बनाने की कोशिश करते हैं. हालांकि, छोटी-छोटी गलतियों की वजह से इसका स्वाद और बनावट सही नहीं बन पाती. ऐसे में अगर आप भी घर पर स्वादिष्ट और कुरकुरा घेवर बनाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

घर पर पर परफेक्ट घेवर बनाने का ट्रिक

– घेवर बनाते समय सबसे महत्वपूर्ण बात उसके बैटर यानी घोल की सही कंसिस्टेंसी है. घोल न ज्यादा गाढ़ा होना चाहिए और न ही बहुत पतला. अगर बैटर गाढ़ा होगा तो घेवर भारी और सख्त बन सकता है, जबकि बहुत पतला घोल होने पर उसका आकार सही नहीं बन पाएगा. इसलिए सही टेक्सचर पाने के लिए संतुलित घोल तैयार करना जरूरी है.

– बैटर तैयार करते समय उसे जरूरत से ज्यादा नहीं फेंटना चाहिए. अधिक मिक्सिंग करने से घोल गाढ़ा हो सकता है और घेवर की बनावट प्रभावित हो सकती है. हल्के हाथों से घोल मिलाने पर उसमें हवा बनी रहती है, जिससे घेवर हल्का और कुरकुरा बनता है.

– घेवर बनाते समय पानी का तापमान भी अहम भूमिका निभाता है. जहां अन्य मिठाइयों या व्यंजनों में गुनगुने पानी का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं घेवर के लिए ठंडा पानी बेहतर माना जाता है. ठंडे पानी से तैयार घोल तलने के बाद ज्यादा कुरकुरा परिणाम देता है.

– घेवर को तलने के बाद तुरंत चाशनी में नहीं डालना चाहिए. पहले उसे कुछ देर प्लेट या जाली पर रखकर अतिरिक्त घी निकलने दें. इससे घेवर सही तरीके से चाशनी सोख पाता है और उसका स्वाद भी बेहतर बनता है.

– घेवर की जान उसकी चाशनी होती है. चाशनी बनाते समय चीनी और पानी का सही अनुपात रखना बहुत जरूरी है. यदि आप एक कप चीनी ले रही हैं तो उसमें आधा कप पानी मिलाएं. इसे तब तक पकाएं जब तक एक तार की चाशनी तैयार न हो जाए. चाशनी न बहुत पतली होनी चाहिए और न ही ज्यादा गाढ़ी.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…

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