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जब भी किसी फल की बात होती है, तो हमारे दिमाग में यही आता है कि उसके बीज अंदर होंगे. आम, सेब, अमरूद, तरबूज या पपीता लगभग सभी फलों में बीज भीतर ही होते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा फल भी है, जिसके बीज बाहर की तरफ दिखाई देते हैं? यह फल है स्ट्रॉबेरी. इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण छिपा है.

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दुनिया के सबसे दिलचस्प फलों में गिना जाता है.

Food Science: अगर आपने कभी स्ट्रॉबेरी को ध्यान से देखा हो, तो उसकी लाल सतह पर छोटे-छोटे पीले या हल्के भूरे रंग के दाने दिखाई देते होंगे. ज्यादातर लोग इन्हें सजावट का हिस्सा समझते हैं, लेकिन असल में यही इसके बीज जैसे दिखने वाले हिस्से हैं. यही वजह है कि स्ट्रॉबेरी को दुनिया के सबसे अनोखे फलों में गिना जाता है. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है कि इसके बीज फल के अंदर नहीं, बल्कि बाहर दिखाई देते हैं.

दिलचस्प बात यह है कि वैज्ञानिक दृष्टि से स्ट्रॉबेरी उतनी साधारण नहीं है, जितनी दिखती है. वनस्पति विज्ञान (Botany) के अनुसार स्ट्रॉबेरी का लाल और रसदार हिस्सा वास्तव में असली फल नहीं होता. असली फल वे छोटे-छोटे दाने होते हैं, जो इसकी सतह पर दिखाई देते हैं. इन्हें ‘एकीन’ (Achene) कहा जाता है. हर एकीन के अंदर एक छोटा-सा बीज होता है. यानी स्ट्रॉबेरी की बाहरी सतह पर मौजूद हर छोटा दाना अपने आप में एक छोटा फल है, जिसके अंदर बीज सुरक्षित रहता है.

बीज बाहर होने का क्या फायदा है?
यह बनावट स्ट्रॉबेरी के प्रसार में मदद करती है. जब पक्षी, जानवर या इंसान स्ट्रॉबेरी खाते हैं, तो कई बार ये छोटे एकीन अलग-अलग जगहों तक पहुंच जाते हैं. इससे पौधे के फैलने की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा, स्ट्रॉबेरी जमीन के ऊपर फैलने वाली पतली शाखाओं (Runners) के जरिए भी नए पौधे तैयार करती है. इसलिए इसका प्रजनन सिर्फ बीजों पर निर्भर नहीं रहता.

क्या स्ट्रॉबेरी के बाहर दिखने वाले सभी दाने बीज होते हैं?
आम बोलचाल में लोग इन्हें बीज कहते हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह पूरी तरह सही नहीं है. बाहर जो छोटे-छोटे दाने दिखाई देते हैं, वे एकीन (Achene) होते हैं और हर एकीन के अंदर एक असली बीज मौजूद रहता है. एक सामान्य स्ट्रॉबेरी पर करीब 150 से 200 एकीन हो सकते हैं. यानी एक छोटी-सी स्ट्रॉबेरी में सैकड़ों बीज छिपे होते हैं.

क्या घर पर स्ट्रॉबेरी उगाई जा सकती है?
हां, अगर मौसम अनुकूल हो तो स्ट्रॉबेरी को गमले में भी उगाया जा सकता है. इसके लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, रोजाना 5 से 6 घंटे धूप और नियमित सिंचाई की जरूरत होती है. हालांकि बीज से पौधा तैयार होने में समय लगता है, इसलिए ज्यादातर लोग छोटे पौधे या रनर लगाकर स्ट्रॉबेरी उगाना पसंद करते हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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