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उसल बनाने के लिए रात भर भीगी हुई मटर या मोठ को उबाला जाता है. फिर एक कड़ाही में तेल गरम कर राई, जीरा, हींग और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाया जाता है. इसमें पिसा हुआ प्याज-लहसुन का पेस्ट और सूखे मसाले हल्दी, धनिया, मिर्च डाले जाते हैं. जब मसाला तेल छोड़ दे, तो उबली हुई दाल और पानी डालकर इसे तब तक पकाया जाता है

इंदौर में जब भी नाश्ते की बात आती है तो सबसे पहला विकल्प हर किसी के शहर में पोहा जलेबी ही होता है. लेकिन पोहे से इतर इंदौर में झन्नाट नाश्ते के शौकीन पोहे में भी तरी डालकर खाते हैं और इसका नाम है. उसल पोहा या कोई आम पोहा नहीं बल्कि प्रोटीन से भरपूर पोहा होता है. जिसे दाल मोठ डालकर बनाया जाता है.कुशल खाने में कितना स्वादिष्ट लगता है इसको बनाने के लिए भी उतना पहले ही तैयारी करनी पड़ती है. इसके लिए पहले ही दाल और मद को गला कर उन्हें अंकुरितहोने तक छोड़ दिया. उसके बाद तीखा तड़का लगाकर इसे तरी के साथ पोहे पर डालकर भरोसा जाता है.

फूटी कोठी पर सालों से उसल पोहा के लिए मशहूर राज अल्पाहार के जीत जोशी ने हमें बताया कि उसल पोहा खाने वालों की दीवानगी अलग ही होती है. जिन्हें उसल पोहा पसंद होता है. वह सादा पोहा कम ही खाते हैं. यहां का स्वाद काफी बैलेंस होता है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है शुद्ध मोठ, जैसे मूंग होता है उसी प्रकार मोठ नाम के अनाज को अंकुरित कर उसका उसल बनाया जाता है.‌ हालांकि बाजार में मटर समेत अन्य अनाजों के भी कुशल बनने लगे हैं. लेकिन मोठ से‌ बना उसल सबसे बेस्ट होता है.

कैसे बनता है उसल 
उसल बनाने के लिए रात भर भीगी हुई मटर या मोठ को उबाला जाता है. फिर एक कड़ाही में तेल गरम कर राई, जीरा, हींग और कढ़ी पत्ते का तड़का लगाया जाता है. इसमें पिसा हुआ प्याज-लहसुन का पेस्ट और सूखे मसाले हल्दी, धनिया, मिर्च डाले जाते हैं. जब मसाला तेल छोड़ दे, तो उबली हुई दाल और पानी डालकर इसे तब तक पकाया जाता है. जब तक कि उसल गहरा और लजीज न हो जाए.‌ कुशल के शौकीन के लिए इस खास तौर पर तीखा बनाया जाता है. जिसे झन्नाट कहा जाता है यही कारण है कि आपको इंदौर के असल में खड़े अदरक और लहसुन मिल जाएंगे. जिसका स्वाद भी आपको साफतौर पर महसूस होता है. ‌

एक प्लेट में भर जाता है लोगों का पेट
मजेदार बात है कि उसल की एक प्लेट से ही लोगों का पेट भर जाता है. नाश्ते में ही शाम तक भूख नहीं लगती है.‌ हालांकि अगर आप तेल मसाले की चीज कम खाते हैं तो आपको यह उतना पसंद नहीं आएगा लेकिन अगर आप चाहे तो तरी हटाकर केवल दाल और मद किस बात का आनंद पोहे के साथ ले सकते हैं‌. आपने पोहा तो खूब खाया होगा लेकिन अगली बार करें तो उसे पोहा का स्वाद जरूर चखें.



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