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एक बार खाया तो बार-बार आएंगे, मऊ की इस खास टिकिया का स्वाद ही है कुछ ऐसा

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उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के करहा बाजार में मिलने वाला अनोखा आलू चिप्स इन दिनों लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. टिक्की जैसी बनावट और खास रेसिपी से तैयार होने वाला यह स्नैक इतना लोकप्रिय है कि इसे खरीदने के लिए लोगों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है. शाम 2 बजे से 8 बजे तक बिकने वाला यह स्वादिष्ट नाश्ता चाय प्रेमियों के बीच खास पहचान बना चुका है.

उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद में एक अलग ही तरीके का आलू चिप्स बनाया जाता है जिसे खाने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ती है. क्योंकि यह आलू चिप्स अन्य आलू चिप्स की तरह नहीं होता है यह आलू चिप्स टिक्की की तरह बनाया जाता है जिसके वजह से लोग इसे काफी पसंद करते हैं. मऊ की यह टिकिया इतनी फेमस है कि इसे खाने के लिए लोगों को लंबी लाइन लगानी पड़ती है.

मऊ जनपद के करहा बाजार में आशीष टी स्टॉल पर मिलने वाला यह ₹200 किलो का आलू चिप्स इन दोनों मऊ में लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. क्योंकि इस आलू चिप्स की बनावट ऐसी है कि यह काफी स्वादिष्ट होती है और यही वजह है कि लोग इसे खाने के लिए लंबी लाइन तक लगा लेते हैं. क्योंकि यह टिकिया शाम 2:00 बजे से बनना शुरू होता है और मात्र 8:00 बजे रात तक ही मिलता है.

आशीष टी स्टाल के ओनर आशीष राना बताते हैं कि उनके यहां आलू चिप्स बनाने के लिए सबसे पहले आलू को चिप्स के आकार का चिप्स के मशीन से काटा जाता है. जब बारीकी से आलू चिप्स की तरह वह आलू कट जाता है उसके बाद उसे पानी में गर्म करके उबाला जाता है. क्योंकि यदि आलू चिप्स का स्वाद बढ़ाना है तो उसे उबालना सबसे जरूरी होता है जिससे उसका स्वाद बढ़ जाता है क्योंकि उबालने से आलू चिप्स नरम हो जाता है.

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आलू जब गर्म हो जाता है तो उसे चना के विषय में गोल बनाकर उसमें आलू के चिप्स को डूबा कर पूरी तरह से उसे गिले बेसन को आलू के ऊपर पूरी परत चढ़ा दिया जाता है. और फिर उसे आलू चिप्स को गम कढ़ाई के तेल में डालकर तला जाता हैं. और यह तब तक चला जाता है जब तक वह लाल ना हो जाए क्योंकि जब यह लाल होता है तभी इसका स्वाद बढ़ता है.

आशीष बताते हैं कि आलू चिप्स का स्वाद बढ़ाने के लिए जब बेसन को फेटा जाता है तो उसमें नमक और हल्का मसाला तथा हल्दी की मात्रा डाल दी जाती है. जिससे आलू चिप्स का स्वाद बढ़ जाए क्योंकि इसमें बेसन और आलू के अलावा कुछ और नहीं रहता है सिर्फ इसमें हल्का मसाला और नमक तथा हल्दी डाला जाता है.

आशीष बताते हैं कि इस आलू चिप्स को बनाने के लिए दो लोग आसानी से लग जाते हैं क्योंकि इस आलू चिप्स को बनाने के लिए पहले चिप्स के आकार में आलू को मशीन से काटा जाता है. जिसके लिए एक आदमी लग जाता है और फिर गरम कढ़ाई के तेल में इसे तलने के लिए एक लोगों की आवश्यकता होती है. क्योंकि इसे बनाने में काफी लंबा समय लगता है इस वजह से दो लोगों की आवश्यकता पड़ती है और दोनों की सारी चिप्स को बनाते हैं.

मऊ के करहा में मिलने वाला यह आलू चिप्स का अलग ही रेसिपी से बनाया जाता है. इस वजह से काफी फेमस है पुरे मऊ जनपद में आपको करहा जैसे आलू चिप्स का स्वाद नहीं मिलेगा. यही वजह है कि यहां लोग खाने के लिए कई बड़े टाउन और शहरों से चले आते हैं. क्योंकि यह आलू चिप्स कभी किसी को नुकसान नहीं करता यही वजह है कि चाय के साथ इस आलू चिप्स को लोग बड़े ही मन से खाते हैं.

आशीष टी स्तर पर मिलने वाला यह आलू चिप्स ₹200 किलो का दिया जाता है शाम 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक किया आलू चिप्स से लगातार कड़ाई से बाहर निकलती रहती है. और कड़ाई से निकलते ही या खत्म हो जाती है. क्योंकि गम आलू चिप्स लोगों को काफी पसंद आता है. स्थिति यह होती है कि इस आरो चिप्स को खाने के लिए लोगों को लाइन तक लगानी पड़ती है क्योंकि इसका स्वाद ही ऐसा है कि लोग इसे खाने के लिए चले जाते हैं एक बार जो इस आलू चिप्स को खा ले वह बार-बार खाने पर मजबूर होता है.

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