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Recipe For Summer Drink : जोधपुर की कुक एक्सपर्ट रेणु ने मसाला छाछ की फ्रीजर क्यूब्स बनाने का आसान तरीका बताया, ये क्यूब्स हफ्तों तक चलेंगी और पाचन व ठंडक के लिए फायदेमंद हैं. जोधपुर की जानी-मानी कुक एक्सपर्ट रेणु के अनुसार, सबसे पहले मिक्सर में धनिया, पुदीना, नीम के पत्ते, हरी मिर्च, अदरक और थोड़ा सा नमक डालें. इसके बाद इसमें थोड़ा जीरा, चाट मसाला, काला नमक और एक आइस क्यूब डालें.
जोधपुर. गर्मियां शुरू होते ही हर कोई अपनी प्यास बुझाने के लिए ठंडी छाछ का सहारा लेता है. लेकिन अब आप एक आसान और मजेदार तरीके से घर पर ही मसालेदार छाछ की क्यूब्स तैयार कर सकते हैं. इन क्यूब्स को जब भी जरूरत हो छाछ में डालते ही आपका ड्रिंक तुरंत ठंडा और स्वादिष्ट बन जाएगा. यह तरीका न सिर्फ आसान है, बल्कि लंबे समय तक मसालेदार छाछ का स्वाद बनाए रखने में भी मदद करता है.
जोधपुर की जानी-मानी कुक एक्सपर्ट रेणु के अनुसार, सबसे पहले मिक्सर में धनिया, पुदीना, नीम के पत्ते, हरी मिर्च, अदरक और थोड़ा सा नमक डालें. इसके बाद इसमें थोड़ा जीरा, चाट मसाला, काला नमक और एक आइस क्यूब डालें. हल्का ग्राइंड करने के बाद इसमें लगभग एक कटोरी पानी डालकर अच्छे से मिक्स करें. करीब 5 से 10 मिनट में यह मिक्सचर पूरी तरह तैयार हो जाएगा और सभी मसाले आपस में अच्छे से घुल-मिल जाएंगे.
क्यूब्स बनाने की आसान प्रक्रिया
अब इस तैयार मसाला मिक्सचर को आइस ट्रे में डालकर समान रूप से फैला दें. इसके बाद इसे डीप फ्रीजर में कम से कम 3 घंटे के लिए रख दें. कुछ ही समय में मसाला छाछ की क्यूब्स तैयार हो जाएंगी. ये क्यूब्स दो से तीन सप्ताह तक सुरक्षित रहती हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल की जा सकती हैं.
तुरंत तैयार होगी ठंडी छाछ
जब भी आपको ठंडी छाछ पीने का मन हो, बस दो से तीन मसाला क्यूब्स निकालकर छाछ में डाल दें. कुछ ही मिनटों में आपका ड्रिंक ठंडा, मसालेदार और स्वादिष्ट बन जाएगा. इस तरीके से आप गर्मियों की तपिश में आसानी से ताजगी का अनुभव कर सकते हैं और परिवार को भी ठंडक पहुंचा सकते हैं.
स्वाद के साथ सेहत का फायदा
मसाला छाछ की ये क्यूब्स सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं. धनिया, पुदीना और अदरक जैसे तत्व शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. वहीं काला नमक और जीरा पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत देने में मदद करते हैं.
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नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें