एशियन गेम्स में देश के लिए उतरने का सपना देख रहे 17 साल के भारतीय तैराक को बड़ा झटका लगा है। डोप टेस्ट में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के बाद उस पर 18 महीने का प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही वह इसी महीने जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाएगा।
सैंपल में मिला प्रतिबंधित पदार्थ
इस युवा तैराक ने एशियन गेम्स के लिए दो स्पर्धाओं में क्वालिफाई किया था और महाद्वीपीय खेलों के लिए तैयार की गई संभावित खिलाड़ियों की सूची में भी उसका नाम शामिल था। हालांकि, फरवरी में लिए गए उसके सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ टरब्यूटालिन की मौजूदगी सामने आई। यह बीटा-2 एगोनिस्ट है, जिसे एंटी-डोपिंग नियमों के तहत प्रतिबंधित किया गया है। सैंपल में प्रतिबंधित पदार्थ मिलने के बाद तैराक का नाम एशियन गेम्स के प्रतिभागियों की सूची से हटा दिया गया था। इसके बाद पिछले सप्ताह मामले की सुनवाई हुई और बुधवार सुबह उसे 18 महीने के निलंबन की सजा सुनाई गई।
स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) से जुड़े एक सूत्र ने PTI को बताया कि तैराक को इस साल की शुरुआत में ही डोपिंग उल्लंघन की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन मामले की सुनवाई पिछले सप्ताह ही हो सकी। इसके बाद बुधवार सुबह प्रतिबंध की घोषणा की गई।
SFI ने सुनवाई की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की कोशिश की थी, ताकि अगर नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी यानी NADA की ओर से उसे क्लीन चिट मिलती है, तो वह एशियन गेम्स में हिस्सा ले सके। लेकिन अब 18 महीने के बैन के कारण उसकी एशियन गेम्स में भागीदारी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि इस तैराक का जुड़वां भाई भारतीय एशियन गेम्स टीम का हिस्सा है।
19 सितंबर से एशियन गेम्स का आगाज
गौरतलब है कि आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान में होनी है। भारत का दल इस एशियन गेम्स में बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ उतरने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में एक युवा और क्वालीफाई कर चुके तैराक का डोपिंग मामले में बाहर होना भारतीय तैराकी के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है।
(PTI Inputs)
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