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फर्रुखाबाद के कमालगंज में स्थित गुरु कृपा लस्सी भंडार अपनी मलाईदार और ताजी लस्सी के लिए मशहूर है. शुद्ध दूध और ताजा दही से बनी ये लस्सी मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाती है, जिससे इसका स्वाद और भी खास बन जाता है. ग्राहकों की कतार हमेशा लंबी रहती है, और रोजाना करीब 200 कुल्हड़ बिकते हैं. ठंडी, मीठी और मेवा से सजाई गई यह लस्सी गर्मियों में हर किसी का दिल जीत लेती है.
फर्रुखाबाद. गर्मियों के इस मौसम में हर कोई शीतल पेय का लुत्फ उठाना चाहते हैं, क्योंकि इससे न केवल स्वाद मिलता है बल्कि हमारे शरीर को ऊर्जा भी मिलती है. इसके लिए आपको जिले की सबसे अच्छी लस्सी का स्वाद लेना है तो जुबां पर एक ही नाम आता है. गुरु कृपा लस्सी भंडार, क्योंकि समय बदला साल बदला लेकिन नहीं बदला तो बस इनकी दुकान की लस्सी का स्वाद. लस्सी खाने का मन हो रहा है, तो इस जगह पर आपको एक से बढ़कर एक लस्सी का स्वाद मिल जाएंगे. यहां की लस्सी की खासियत यह होती है कि यहां पर ताजा दही से तैयार मिलती हैं.
कतार में लगकर करते हैं लोग इंतजार
हर ग्राहक की चिंता रहती है कि लस्सी की गुणवत्ता कैसी होगी जिसके लिए ग्राहक भरोसेमंद दुकान से ही लस्सी खरीदना पसंद करता है. अगर आपके मन में है यह सवाल तो आप यहां पर आकर बेझिझक लस्सी का आनंद लें सकते है. दुकानदार बताते हैं कि यहां पर लस्सी हर समय शुद्ध दूध और चीनी से तैयार की जाती है. वहीं जब इस लस्सी को मिट्टी के पात्र कुल्हड़ में रखकर ग्राहक को दिया जाता है. तो एक अलग ही स्वाद इस लस्सी में आता है जिसके कारण ग्राहक भी इसे काफी पसंद करते है. यही वजह है की यहां पर लगातार भीड़ लगी रहती है. फर्रुखाबाद के कमालगंज कस्बे के रेलवे क्रासिंग के पास स्थित गुरु कृपा लस्सी भंडार के संचालक राम खिलाड़ी ने बताया कि उनकी इस दुकान की शुरूआत आज से दो वर्ष पहले हुई थी. वैसे वह पिछले दस वर्षों से काज शहरों में लस्सी का स्टॉल लगा चुके है. लेकिन इतना समय बीतने के बाद भी आज वह सिर्फ एक लस्सी साइज के अनुसार 20 और 30 रुपए में ही बिक्री करते हैं.
क्वालिटी से नहीं करते है समझौता
वह कभी भी क्वालिटी से समझौता नहीं करते हैं, अमन मिष्ठान भंडार की दुकान क्षेत्र भर में अपने नाम और स्वाद के लिए ही जानी जाती है. दुकानदार बताते हैं की मौसम में गर्माहट आते ही इस समय लस्सी की बिक्री बढ़ गई है. वही जिस प्रकार इस समय दुकान पर भीड़ लगी रहती है जिसके कारण आमतौर पर 200 कुल्हड़ तक प्रतिदिन बिक्री हो जाती है.
यह हैं लस्सी बनाने की रेसिपी
दुकानदार बताते हैं की अच्छी लस्सी बनाने के लिए शुद्ध दूध को वह खुद ही जमाते हैं. जब दही तैयार हो जाता है तो इसे निकाल करके इसमें चीनी मिलते हैं. इसके बाद मिट्टी के कुल्हड़ में इसे भरने के बाद ठंडा होने के लिए रख देते हैं. जब यह मिट्टी के पात्र में जम जाती है. तो इस लस्सी को ग्राहक पीते नहीं बल्कि चम्मच से खाते हैं. क्योंकि इसमें प्रयोग किया जाने वाला दही अच्छी क्वालिटी का होता है जिसके कारण अलग ही स्वाद आता है. वही इस लस्सी में ऊपर से मेवा का भी प्रयोग किया जाता है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें