कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो
कनाडा में पिछले कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा है। अब स्थिति को काबू करने के लिए कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार को इमरजेंसी लगाने की घोषणा कर दी है। ट्रूडो का कहना है कि इससे फेडरल सरकार को ट्रकों के प्रदर्शन को काबू करने में ज्यादा ताकत मिलेगी। पार्लियामेंट हिल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में जस्टिन ट्रूडो ने कहा, अब साफ हो चुका है कि सरकार के सामने एक कानून प्रिय देश में कानून-व्यवस्था लागू करना ही मुश्किल हो गया है। ऐसे में बिगड़े हुए हालात को काबू करना बहुत जरूरी हो गया है।
जस्टिन ट्रूडो ने आगे कहा, पुलिस को इमरजेंसी एक्ट के तहत आने वाली सभी ताकत दी जाती हैं। इससे पुलिस को स्थित ठीक करने में काफी मदद मिलेगी। पब्लिक असेंबली पर अवैध और खतरनाक एक्टिविटी हो रही है जैसे रास्ते बंद कर दिए गए हैं। सरकार कई गंभीर इलाकों की पहचान कर रही है, जैसे बॉर्डर क्रॉसिंग और एयरपोर्ट पर खास निगाह रखी जा रही है। इस दौरान रोजमर्रा की जरूरतों की चीजें सुचारू रूप से चलती रहेंगी।
इमरजेंसी एक्ट फेडरल सरकार को इजाजत देता है कि वह किसी फाइनेंशियल संस्थान को ये ऑर्डर दे सकती है कि असेंशियल चीजें जारी रहनी चाहिए। साथ ही संस्थाओं के किसी भी अवैध गतिविधियों के लिए फंडिंग रोकने के सख्त आदेश दे दिए गए हैं। इस दौरान ट्रकों को रास्ते से हटाने का काम किया जाएगा।
इस बीच अमेरिका-कनाडा सीमा पर बना, सबसे व्यस्त पुल तकरीबन एक सप्ताह तक बंद रहने के बाद रविवार देर रात फिर से खुल गया। कोविड-19 संबंधी पाबंदियों के खिलाफ प्रदर्शन के कारण यह पुल बंद कर दिया गया था। पुल के मालिक ‘डेट्रॉइट इंटरनेशनल ब्रिज कंपनी’’ ने एक बयान में कहा कि ‘‘एम्बेसडर ब्रिज अब पूरी तरह खुल गया है जिससे कनाडा और अमेरिका की अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक बार फिर से वाणिज्यिक सामान का मुक्त प्रवाह शुरू हो गया है।’’
विंडसर, ओंटारिया में पुलिस ने पहले कहा था कि कनाडा के कई ऑटोमोटिव संयंत्रों को अमेरिका के डेट्रॉइट शहर से जोड़ने वाले पुल के समीप दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, सात वाहनों को हटाया गया तथा पांच वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने शनिवार को प्रदर्शनकारियों को अपने पिकअप ट्रकों और कारों को हटाने के लिए मना लिया था जिसके बाद केवल कुछ प्रदर्शनकारी ही वहां मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों ने पुल को अवरुद्ध करने के लिए वहां ट्रकों और कारों को खड़ा कर दिया था। इस पुल के जरिए दोनों देशों के बीच करीब 25 प्रतिशत व्यापार होता है।
गौरतलब है कि कनाडा में कोरोना वैक्सीन को अनिवार्य किए जाने को लेकर शुरू हुआ प्रदर्शन बड़ा संकट बन चुका है। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं।