कमल ककड़ी की सब्ज़ी हल्की, सात्विक और पचाने में आसान होती है. व्रत, उपवास या सामान्य भोजन, हर मौके पर यह स्वादिष्ट लगती है. ये सब्जी सही तरीके और कुछ ज़रूरी सावधानियों के साथ बनाई जाए, तो इसकी खुशबू और स्वाद दोनों दोगुने हो जाते हैं. आइए जानते हैं, इसको बनाने का तरीका.
सामग्री
कमल ककड़ी – 500 ग्राम
सरसों का तेल या घी – 2 टेबलस्पून
जीरा – 1 टीस्पून
हींग – एक चुटकी
अदरक – 1 टीस्पून
हरी मिर्च – 1 (बारीक कटी)
हल्दी – ½ टीस्पून
धनिया पाउडर – 1 टीस्पून
नमक – स्वादानुसार
हरा धनिया – सजाने के लिए
बनाने की विधि
तैयारी: सबसे पहले कमल ककड़ी को अच्छे से धो लें. छिलका पतला हो तो आंशिक छीलें, मोटा हो तो पूरा छील दें. बीच के सख़्त बीज निकालकर सब्ज़ी को मध्यम टुकड़ों में काटें.
भूनना: कढ़ाही में तेल या घी गरम करें. जीरा डालें, चटकने पर हींग डालें. फिर अदरक और हरी मिर्च डालकर खुशबू आने तक हल्का भूनें.
मसाले: अब हल्दी और धनिया पाउडर डालें. मसाले जलें नहीं, इसलिए तुरंत कटे हुए कमल ककड़ी के टुकड़े डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
दम पर पकाना: स्वादानुसार नमक डालें, ढककर धीमी आंच पर 10–12 मिनट पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें. ज़रूरत हो तो 2–3 टेबलस्पून पानी छिड़क सकते हैं.
परोसना: सब्ज़ी नरम हो जाए तब गैस बंद करें. ऊपर से हरा धनिया डालकर गरमागरम परोसें.
बनाते समय ज़रूर रखें ध्यान
कड़वापन रोकें: कटे टुकड़ों को 5 मिनट हल्के नमक वाले पानी में रखने से कड़वापन नहीं आता.
तेल की मात्रा: कमल ककड़ी पानी छोड़ती है, इसलिए ज़्यादा पानी न डालें. मध्यम तेल/घी पर्याप्त है.
आंच का नियंत्रण: तेज़ आंच पर मसाले जल सकते हैं, हमेशा मध्यम से धीमी आंच रखें.
मसालों की सादगी: बहुत ज़्यादा गरम मसाले इसके हल्के स्वाद को दबा देते हैं. सादे मसालों से ही श्रेष्ठ स्वाद मिलता है.
वैरिएशन: चाहें तो अंत में 1 टीस्पून नींबू रस या थोड़ी सी अमचूर डाल सकते हैं.
यह पौष्टिक सब्ज़ी रोटी, पराठे या साधारण चावल-दाल के साथ बेहतरीन लगती है, तो आप अपने स्वादानुसार इस सब्जी को किसी के भी साथ खा सकते हैं.