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Idhar Recipe: गृहिणी अन्नू नायक ने लोकल 18 से कहा कि ईढर छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह सब्जी खास मौकों के अलावा सामान्य दिनों में भी बनाई जाती है. सही तरीके से तैयार की जाए, तो इसका स्वाद हर किसी को भा जाता है.
बालोद. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई अपने अनोखे स्वाद और स्थानीय व्यंजनों के लिए पूरे देश में अलग पहचान रखती है. इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में एक खास नाम है ‘ईढर’. यह स्वादिष्ट सब्जी अरबी के पत्तों (कोचई पान) और उड़द दाल से तैयार की जाती है. बरसात के मौसम में जब अरबी के ताजे पत्ते आसानी से उपलब्ध होते हैं, तब कई घरों में ईढर जरूर बनाई जाती है. इसका स्वाद जितना लाजवाब होता है, इसे बनाने का तरीका भी उतना ही दिलचस्प है.
गृहिणी अन्नू नायक लोकल 18 को बताती हैं कि ईढर छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक खानपान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह सब्जी खास अवसरों के अलावा सामान्य दिनों में भी बड़े चाव से बनाई जाती है. सही तरीके से तैयार की जाए, तो इसका स्वाद हर किसी को पसंद आता है. ईढर बनाने के लिए सबसे पहले उड़द दाल को करीब 4 से 6 घंटे तक पानी में भिगोकर रखना चाहिए. इसके बाद भीगी हुई दाल को बारीक पीसकर उसका गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जाता है. इस पेस्ट को अच्छी तरह फेंटने से यह हल्का और मुलायम हो जाता है, जिससे ईढर का स्वाद और बनावट बेहतर होती है.
धोकर सुखा लें अरबी के पत्ते
अब अरबी के बड़े और साफ पत्तों को धोकर सुखा लें. पत्ते के पीछे वाले हिस्से पर उड़द दाल का तैयार पेस्ट समान रूप से लगाएं और सावधानी से रोल बना लें. इसके बाद एक गर्म तवे पर थोड़ा तेल डालकर इस रोल को चारों तरफ से हल्का सुनहरा होने तक सेंक या फ्राई कर लें. ठंडा होने पर इसे चाकू की सहायता से छोटे-छोटे गोल टुकड़ों में काट लें.
कैसे तैयार होती है स्वादिष्ट ग्रेवी?
इसके बाद स्वादिष्ट ग्रेवी तैयार की जाती है. इसके लिए एक कड़ाही में तेल गर्म करें. सबसे पहले सरसों का तड़का लगाएं, फिर बारीक कटा हुआ लहसुन, हरी मिर्च और मूंगफली का पेस्ट डालकर कुछ देर भूनें. इसके बाद हल्दी, स्वादानुसार नमक और अन्य घरेलू मसाले मिलाएं. फिर 3 से 4 कटे हुए टमाटर डालकर अच्छी तरह पकाएं. हल्का खट्टापन लाने के लिए इसमें सूखे आम का टुकड़ा भी डाला जाता है, जिससे सब्जी का स्वाद और बढ़ जाता है. जब टमाटर पूरी तरह गल जाएं, तब आवश्यकता अनुसार गर्म पानी डालकर ग्रेवी तैयार करें. अब इसमें कटे हुए ईढर के टुकड़े डाल दें और करीब 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें ताकि मसालों का स्वाद ईढर में अच्छी तरह समा जाए.
नई पीढ़ी को भी पसंद ईढर का स्वाद
कुछ ही देर में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक और बेहद स्वादिष्ट ईढर की सब्जी तैयार हो जाती है. इसे गरमागरम चावल, रोटी या ज्वार-बाजरे की रोटी के साथ परोसा जा सकता है. स्थानीय लोगों के बीच यह व्यंजन आज भी बेहद लोकप्रिय है और नई पीढ़ी भी इस पारंपरिक स्वाद को अपनाने लगी है. बरसात के मौसम में यदि आप कुछ अलग और पारंपरिक बनाने की सोच रहे हैं, तो छत्तीसगढ़ की यह खास ईढर सब्जी आपके भोजन का स्वाद कई गुना बढ़ा सकती है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.