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अपच, गैस जैसी समस्याओं के लिए घर पर बनाएं स्वादिष्ट और असरदार पाचन चूरन. जीरा, सौंफ, अजवाइन जैसे मसालों से बना यह चूरन पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. इसे बनाना बहुत ही आसान है, इसे जरूर ट्राई करें.

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खाना पचाने के लिये लाभकारी चूरन बनाने का तरीका. Image AI

आजकल अनियमित खानपान, तला-भुना भोजन और भागदौड़ भरी जीवनशैली के कारण अपच, गैस, पेट फूलना और भारीपन जैसी समस्याएं आम हो गई हैं ऐसे में बाजार से महंगे पाचन उत्पाद खरीदने के बजाय आप घर पर ही स्वादिष्ट और असरदार पाचन चूरन बना सकते हैं. यह चूरन भोजन के बाद लेने से पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है और पेट को हल्का महसूस कराता है.

आवश्यक सामग्री
भुना हुआ जीरा – 4 बड़े चम्मच
सौंफ – 4 बड़े चम्मच
काला नमक – 2 बड़े चम्मच
अजवाइन – 2 बड़े चम्मच
सूखा पुदीना – 2 बड़े चम्मच
काली मिर्च – 1 बड़ा चम्मच
सोंठ पाउडर (सूखी अदरक) – 1 बड़ा चम्मच
हींग – 1/4 छोटा चम्मच
अमचूर पाउडर – 2 बड़े चम्मच

  • बनाने की विधि
    सबसे पहले जीरा, सौंफ और अजवाइन को हल्की आंच पर अलग-अलग सूखा भून लें. भूनने से इनकी खुशबू और गुण दोनों बढ़ जाते हैं. जब ये ठंडे हो जाएं तो इन्हें मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें.
  • अब इसमें काला नमक, काली मिर्च, सोंठ पाउडर, सूखा पुदीना, हींग और अमचूर पाउडर मिलाएं सभी सामग्रियों को अच्छी तरह से मिश्रित करके एक बार फिर मिक्सर में चला लें ताकि एक समान चूरन तैयार हो जाए.
  • तैयार चूरन को किसी साफ और सूखे कांच के जार में भरकर रखें. इसे कई महीनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

सेवन का तरीका
भोजन के बाद आधा से एक छोटा चम्मच चूरन गुनगुने पानी के साथ लें. चाहें तो इसे सीधे मुंह में रखकर भी खा सकते हैं. इसका खट्टा-नमकीन स्वाद बच्चों और बड़ों दोनों को पसंद आता है.

  • चूरन के फायदे
    यह चूरन कई प्राकृतिक मसालों से तैयार होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जीरा और अजवाइन पेट की गैस कम करने में सहायक माने जाते हैं. सौंफ भोजन पचाने के साथ-साथ मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी मदद करती है. सोंठ और काली मिर्च पाचन अग्नि को बढ़ाने में उपयोगी मानी जाती हैं, जबकि काला नमक पेट के भारीपन को कम करने में मदद कर सकता है.
  • भोजन के बाद यदि पेट फूला हुआ महसूस हो, डकारें आ रही हों या खाने के बाद सुस्ती लगे, तो यह घरेलू चूरन राहत देने में सहायक हो सकता है. नियमित रूप से संतुलित मात्रा में सेवन करने पर पाचन प्रक्रिया बेहतर बनी रह सकती है.

सावधानी
यदि आपको उच्च रक्तचाप, किडनी संबंधी समस्या या किसी विशेष चिकित्सकीय स्थिति के कारण नमक सीमित करने की सलाह दी गई है, तो चूरन का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें. किसी भी घरेलू नुस्खे को उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए.

घरेलू पाचन चूरन न केवल सस्ता और आसान है, बल्कि इसमें किसी तरह के कृत्रिम रंग या प्रिजर्वेटिव भी नहीं होते. इसलिए यह आपके रसोईघर में मौजूद मसालों से बनने वाला एक स्वादिष्ट और उपयोगी पाचन साथी साबित हो सकता है.



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