Pahadi Recipe: पहाड़ों की ठंडी हवाएं और वहां का सीधा-सादा जीवन हमेशा से ही लोगों को अपनी ओर खींचता रहा है. लेकिन पहाड़ों की एक और पहचान है जो वहां के हर घर की रसोई में बसती है, और वो है वहां का स्वाद से भरपूर खाना. उत्तराखंड की पारंपरिक रेसिपीज में ‘डुबक्या फाडू’ का नाम बड़े ही चाव से लिया जाता है. यह डिश जितनी टेस्टी है, सेहत के लिहाज से उतनी ही हल्की भी है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पेट पर बिल्कुल भारी नहीं पड़ती, इसलिए गर्मियों के दिनों में इसे पहाड़ों के हर कोने में बहुत पसंद किया जाता है. अगर आप भी घर बैठे पहाड़ों के असली देसी स्वाद का आनंद लेना चाहते हैं, तो चलिए जानते हैं इसे बनाने का सबसे सरल तरीका.
ऐसे करें दाल की तैयारी
डुबक्या फाडू बनाने के लिए आपको सबसे पहले 1 कप पीली चने की दाल लेनी होगी. इस दाल को साफ पानी से अच्छे से धो लें और फिर करीब 3 से 4 कप पानी में रात भर के लिए भिगो दें. सुबह जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, तो इसका पानी निकाल दें और इसे मिक्सर में डालकर पीस लें. दाल को बहुत ज्यादा बारीक या पेस्ट जैसा न बनाकर थोड़ा दरदरा यानी दानेदार ही रखें.
बेसन और छाछ का खास घोल
दाल तैयार करने के बाद एक बड़ा बर्तन लें. इसमें 2 बड़े चम्मच बेसन और 1 गिलास खट्टी छाछ डालें. अब इस मिक्स को चम्मच या मथनी की मदद से अच्छी तरह फेंट लें. इसे तब तक फेंटते रहें जब तक कि बेसन की सारी गांठें खत्म न हो जाएं और एक चिकना घोल तैयार न हो जाए. यह घोल ही डिश को वह जरूरी खटास और सही गाढ़ापन देता है.
कढ़ाई में मसालों का तड़का
अब गैस पर एक कढ़ाई रखें. अगर आपके पास लोहे की कढ़ाई है, तो उसका इस्तेमाल करना सबसे अच्छा होगा क्योंकि लोहे की कढ़ाई में बना फाडू ज्यादा स्वादिष्ट होता है. इसमें 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल डालें. जब तेल अच्छे से गर्म हो जाए, तब इसमें 1 छोटा चम्मच जीरा डालें. जीरा चटकने के बाद, इसमें धीरे-धीरे बेसन और छाछ का तैयार किया हुआ घोल डालें. इसे लगातार चलाते रहें ताकि यह नीचे न चिपके. अब इसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, आधा छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक (लगभग 1 चम्मच) मिला दें. इस पूरे मिक्स को धीमी आंच पर करीब 5-6 मिनट तक पकने दें.
ऐसे तैयार होंगे दाल के ‘फाडू’
अब दरदरी पीसी दाल से छोटी-छोटी गोल लोइयां बना लें. उत्तराखंड के पहाड़ों में इन्हीं लोइयों को ‘फाडू’ या ‘डुबका’ कहा जाता है. जब कढ़ाई का घोल पकने लगे, तब इन लोइयों को एक-एक करके धीरे से कढ़ाई में डालें. ध्यान रखें, लोइयां डालने के बाद अगले 3 से 4 मिनट तक इसे बिल्कुल न चलाएं. अगर आप तुरंत चम्मच चलाएंगे तो फाडू टूट सकते हैं. जब ये अच्छी तरह सेट हो जाएं, तब हल्के हाथ से चलाएं और करीब 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें.
घी और हींग का तड़का देगा स्वाद
डिश का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के लिए लास्ट में एक तड़का तैयार करें. एक छोटी कढ़ाई या कछी में 1 बड़ा चम्मच देसी घी गर्म करें. इसमें एक चुटकी हींग, 2 साबुत लाल मिर्च और 8 से 10 कड़ी पत्ते डालकर चटकाएं. अब इस गरमागरम तड़के को तैयार डिश के ऊपर डाल दें.
शरीर को ठंडक देती है यह पारंपरिक डिश
गृहणी नर्वदा देवी बताती हैं कि हमारे पहाड़ों में डुबक्या फाडू बहुत पुराने समय से बनाया जा रहा है. यह खाना बहुत हल्का होता है और गर्मियों के दिनों में शरीर को अंदरूनी ठंडक पहुंचाता है. पहाड़ों में लोग इसे अक्सर दोपहर के भोजन में चावल के साथ बड़े शौक से खाते हैं.