रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को भारत की पहली नमक कंटेनर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन गुजरात के कच्छ में शिवलाखा से मीठापुर के बीच चलेगी। इस ट्रेन की खास बात ये है कि इसमें  एक खास स्टेनलेस स्टील कंटेनर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अश्विनी वैष्णन ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये भीमसर (कच्छ), देवलिया (जूनागढ़), चंडीसर (बनासकांठा) और शिवलाखा (कच्छ) में गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (जीसीटी) को देश को समर्पित किया और मेहसाणा के लिंच में जीसीटी की आधारशिला भी रखी।

पहले नमक गीला हो जाता था

वर्चुअल तरीके से ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि खास नमक कंटेनर का यह नवाचार नमक के परिवहन से जुड़ी चुनौतियों को हल करेगा। उन्होंने कहा, ”जब कच्छ और गुजरात के दूसरे हिस्सों में पैदा होने वाले नमक को रेलवे वैगन में भरकर देश के हर कोने में भेजा जाता था, तो वैगन का वजन नमक के वजन से ज्यादा होता था। साथ ही, नमक में नमी सोखने की क्षमता होती है, इसलिए मंजिल तक पहुंचते-पहुंचते नमक गीला हो जाता था।”

नमक को सही तरीके से पहुंचाना था
मंत्री ने आगे कहा, “इसीलिए हम ट्रेन और रेलवे के ज़रिए नमक को सही तरीके से ले जाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं। आज का यह इनोवेशन प्रोग्राम इसी बारे में है। नमक के लिए एक खास कंटेनर बनाया गया है। यह स्टेनलेस स्टील का कंटेनर है। इस लॉन्च के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “आज शिवलाखा से देश की पहली नई नमक कंटेनर ट्रेन रवाना होगी। लॉन्च के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “आज शिवलाखा से देश की पहली नई नमक कंटेनर ट्रेन रवाना होगी।”

वैष्णव ने कहा कि स्टेनलेस स्टील के इस्तेमाल से नमक और कंटेनर के वजन के बीच जरूरी संतुलन भी बन जाता है। उन्होंने कहा, ”आज देश की पहली नई नमक कंटेनर ट्रेन शिवलाखा से रवाना होगी। नमक हर घर की ज़रूरत है, चाहे वह मिडिल क्लास परिवार हो या सबसे गरीब परिवार। यह एक ज़रूरी चीज़ है जो हर घर तक पहुंचनी चाहिए। हाईवे, रेलवे और वॉटरवे – इन सभी को आपस में जोड़ा जाना चाहिए।”





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