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Gorakhpur Street Food: गोरखपुर नगर निगम की तैयार योजना के अनुसार पहला फूड स्ट्रीट हब मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के दोनों गेटों के बीच विकसित होगा. दूसरा हब गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क में एक छोर से दूसरे छोर तक बनाया जाएगा. तीसरा और सबसे बड़ा फूड स्ट्रीट हब पैडलेगंज से मोहद्दीपुर के बीच सड़क किनारे तैयार किया जाएगा.

गोरखपुर: पूर्वांचल की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में पहचान बना चुके गोरखपुर को अब खानपान और सांस्कृतिक गतिविधियों का नया हब बनाने की दिशा में तैयारी तेज हो गई है. शहर में 3 आधुनिक फूड स्ट्रीट हब विकसित किए जाएंगे, जिन पर लगभग 12.99 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है. केंद्र सरकार की योजना के तहत बनने वाले ये फूड स्ट्रीट हब न सिर्फ स्थानीय व्यंजनों को बढ़ावा देंगे, बल्कि पर्यटन, रोजगार और छोटे कारोबारियों के लिए भी नए अवसर खोलेंगे.

नगर निगम की तैयार योजना के अनुसार पहला फूड स्ट्रीट हब मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के दोनों गेटों के बीच विकसित होगा. दूसरा हब गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने स्थित पंत पार्क में एक छोर से दूसरे छोर तक बनाया जाएगा. तीसरा और सबसे बड़ा फूड स्ट्रीट हब पैडलेगंज से मोहद्दीपुर के बीच सड़क किनारे तैयार किया जाएगा.

5.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
परियोजना के तहत एमएमएमयूटी फूड स्ट्रीट पर 4.02 करोड़ रुपये, पंत पार्क फूड स्ट्रीट पर 3.39 करोड़ रुपये और पैडलेगंज-मोहद्दीपुर फूड स्ट्रीट पर 5.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. तीनों स्थलों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है.

पहले ऐसा नहीं था गोरखपुर का स्वरूप
लोकल 18 से बातचीत में युवाओं ने बताया कि फूड स्ट्रीट हब की योजना से पहले गोरखपुर की तस्वीर अलग थी. चाहे चटोरी गली की बात हो या नौका विहार की, लोगों को खाने-पीने और घूमने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता था. एक ही स्थान पर सब सुविधाएं उपलब्ध नहीं थी.

शानदार इन्फ्रास्ट्रक्चर से बदली तस्वीर
युवाओं का कहना है कि पिछले कुछ समय में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर ने शहर की सूरत बदल दी है. अब ये 3 नए फूड स्ट्रीट हब शहर को एक नया रूप देंगे और लोगों की पसंदीदा जगहों में शामिल होंगे, जहां वे मौज-मस्ती के साथ अलग-अलग व्यंजनों के स्वाद का आनंद ले सकेंगे.

व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सुबह के समय इन स्थलों का उपयोग मॉर्निंग वॉक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों के लिए किया जा सकेगा. दिन और शाम के समय लोग यहां स्थानीय व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे, जबकि रात में लोक कला, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा.

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Manish Rai

काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें



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