मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सीए अशोक विजयवर्गीय से हुई 21.05 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की जांच में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस मामले के तार अब शाजापुर के जिला पंचायत सदस्य और स्थानीय भाजपा नेता जगदीश कुमार मालवीय उर्फ फौजी से जुड़ते नजर आ रहे हैं। राज्य साइबर सेल की जांच में सामने आया है कि आरोपी के करंट अकाउंट के जरिए देश के विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी के पैसों का लेन-देन किया जाता था। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

2 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाता उपलब्ध कराने का आरोप

राज्य साइबर सेल के अनुसार आरोपी जगदीश कुमार मालवीय ‘सर्वकन्या अनुसूचित जाति-जनजाति संगठन’ नामक संस्था का अध्यक्ष था। इस पद के कारण संस्था के बैंक खाते और नेट बैंकिंग की पूरी कमान उसी के पास थी। जांच में यह आरोप सामने आया है कि वह ठगी की राशि को अपने संस्थागत खाते में मंगवाने के एवज में 2 प्रतिशत कमीशन लेता था। जानकारी के मुताबिक नवंबर 2025 से इस खाते में संदिग्ध लेन-देन शुरू हुआ था, जिसके तहत अब तक करीब 2 से 3 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला है। पुलिस ने आरोपी के पास से 1 लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है।

20 हजार से अधिक बैंक खातों और 15 लेयर्स का जटिल नेटवर्क

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात करोड़ों रुपये के मनी ट्रेल को छिपाने का तरीका है। जांच में सामने आया कि 21.05 करोड़ रुपये की ठगी की रकम को शुरुआत में 76 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद पहली लेयर में आरोपी से जुड़े खाते में करीब 77 लाख रुपये पहुंचे। पुलिस का कहना है कि जांच को गुमराह करने और पैसों के स्रोत को छिपाने के लिए रकम को 15 अलग-अलग लेयर्स में घुमाया गया और आखिर इसे 20 हजार से अधिक बैंक खातों में विभाजित कर दिया गया।

दक्षिण भारत से लेकर विदेश तक जुड़े तार

जांच एजेंसियों के अनुसार, ठगे गए कुल पैसों का लगभग 35 फीसदी हिस्सा दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित खातों में भेजा गया है। सुराग मिलने के बाद साइबर सेल की टीम अन्य संदिग्धों की धरपकड़ के लिए सागर सहित कई इलाकों में छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही आरोपी की थाईलैंड, पटाया और बैंकॉक यात्राओं की भी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसकी विदेश यात्राएं केवल निजी थीं या उनके पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का हाथ है। फिलहाल शाजापुर पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला और अन्य अधिकारी इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटे हैं, ताकि इस बड़े साइबर सिंडिकेट का पर्दाफाश किया जा सके।

रिपोर्ट- विनोद जोशी

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