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Champaran Style Mutton Recipe: पूर्वांचल में अगर मटन की बात हो और कालिका का जिक्र न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता. आजमगढ़ से लेकर पूरे पूर्वांचल में कालिका के मटन का वही रुतबा है, जो बिहार में चंपारण हांडी मटन का है. मिट्टी की सौंधी खुशबू और लकड़ी के चूल्हे की धीमी आंच पर घंटों पकने वाला यह मटन अपने लाजवाब स्वाद के लिए मशहूर है. होटल जैसा वही देसी टच अब आप अपने किचन में भी ला सकते हैं. लक्ष्मी चौहान की इस खास रेसिपी के जरिए आप घर बैठे लकड़ी के चूल्हे वाला वही पुराना स्वाद तैयार कर सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे आप घर ही पूर्वांचल के इसमशहूर जायके को बना सकते है.
वैसे तो आपने कई जगह मटन खाया होगा, लेकिन पूर्वांचल में कालिका मटन का एक अलग ही क्रेज है. रेस्टोरेंट और बड़े होटलों का खाना अपनी जगह है, पर जो स्वाद कालिका के मटन में मिलता है, उसका कोई मुकाबला नहीं है. यही वजह है कि नॉनवेज के शौकीनों की पहली पसंद हमेशा यही मटन रहता है.
पूरे बिहार में जो धमक चंपारण के हांडी मटन की है, वही नाम आजमगढ़ समेत पूरे पूर्वांचल में कालिका होटल के मटन का है. यहां बनने वाला मटन अपने आप में सबसे अलग और स्वादिष्ट माना जाता है. इसका स्वाद इतना लाजवाब होता है कि पूर्वांचल में इसे सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है.
कालिका के मटन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पकाने के लिए एलपीजी गैस का इस्तेमाल नहीं किया जाता. इसकी जगह आज भी देसी लकड़ी के चूल्हे का उपयोग होता है. लकड़ी की धीमी आंच पर पकने की वजह से ही इस मटन का स्वाद लोगों की जुबान पर चढ़ा रहता है और नाम सुनते ही मुंह में पानी आने लगता है.
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अगर आप इस देसी स्टाइल मटन को घर पर तैयार करना चाहते हैं, तो सबसे पहले कुछ जरूरी सामान इकट्ठा कर लें. शेफ लक्ष्मी चौहान ने बताया कि इसके लिए आपको बढ़िया कटा हुआ मटन, प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट, लाल मिर्च पाउडर, नमक, हल्दी और घी की जरूरत होगी. साथ ही शुद्ध सरसों का तेल, कश्मीरी लाल मिर्च, जीरा, काली मिर्च पाउडर और खड़े गरम मसाले भी जरूर रखें.
इसे बनाने के लिए सबसे पहले लकड़ी के चूल्हे का इंतजाम करें. आग जलने के बाद उस पर कढ़ाई रखें और सरसों का तेल डालकर गर्म होने दें. फिर इसमें खड़ा गरम मसाला, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च का तड़का लगाएं. जब तड़का अच्छे से चटक जाए, तो इसमें कटे हुए प्याज डाल दें और उन्हें सुनहरा होने तक अच्छी तरह भून लें.
जब प्याज अच्छे से भून जाए, तब उसमें अदरक और लहसुन का पेस्ट डालें. इसे अच्छी तरह मिलाकर कुछ देर तब तक भूनें जब तक कि मसालों का रंग सुनहरा न हो जाए. अब इसमें स्वाद के अनुसार नमक डालें और मसालों के इस मिश्रण को तब तक पकने दें जब तक कि कढ़ाई के किनारों से तेल न छोड़ने लगे. जब मसाले के ऊपर तेल की परत दिखने लगे, तब इसमें मटन के पीस डालें.
मसाले के मिश्रण में मटन डालने के बाद इसे अच्छी तरह मिलाएं. फिर इसमें जरूरत के हिसाब से पानी डालकर ढक दें और पकने के लिए छोड़ दें. बीच-बीच में ढक्कन खोलकर इसे हल्के हाथ से चलाते रहें ताकि मटन तली में चिपके नहीं. जब मटन का पानी सूखने लगे, तो अपनी ग्रेवी के हिसाब से पानी डालें और मीट को पूरी तरह गलने तक पकने दें.
अगर आप भी इस देसी तड़के वाले मटन का असली स्वाद घर पर लेना चाहते हैं, तो लक्ष्मी चौहान की इस खास रेसिपी को जरूर ट्राई करें. इस आसान तरीके को फॉलो करके आप घर बैठे कालिका जैसा मटन बना सकते हैं और अपने परिवार व दोस्तों के साथ इस बेहतरीन जायके का आनंद ले सकते हैं.