Ghevar Recipe: सावन का महीना शुरू होते ही बाजारों में घेवर की मिठास छा जाती है. तीज, हरियाली तीज और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर इस मिठाई की मांग सबसे ज्यादा रहती है. राजस्थान की पहचान माने जाने वाला घेवर अब हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और देश के कई हिस्सों में बड़े चाव से खाया जाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी जालीदार बनावट, करारा स्वाद और ऊपर से डाली गई मलाई या रबड़ी होती है. बहुत से लोगों को लगता है कि हलवाई जैसा घेवर घर पर बनाना मुश्किल होता है, लेकिन अगर बैटर सही बने, तेल का तापमान ठीक रहे और चाशनी सही तैयार हो जाए तो घर में भी बिल्कुल बाजार जैसा घेवर बनाया जा सकता है. थोड़ी सी सावधानी और सही तरीका अपनाकर आप अपने परिवार के लिए स्वादिष्ट और सुंदर घेवर तैयार कर सकते हैं.
घेवर की खासियत क्या है?
घेवर सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि सावन और त्योहारों की परंपरा का हिस्सा माना जाता है. इसकी जालीदार बनावट इसे दूसरी मिठाइयों से अलग बनाती है. सादा घेवर, मलाई घेवर और रबड़ी घेवर जैसी कई किस्में लोगों को पसंद आती हैं. ठंडी रबड़ी और सूखे मेवों के साथ इसका स्वाद और भी शानदार हो जाता है.
घेवर बनाने के लिए जरूरी सामग्री
घेवर बनाने के लिए दो कप मैदा, आधा कप देसी घी, एक कप ठंडा दूध, दो कप बर्फ वाला ठंडा पानी और तलने के लिए पर्याप्त घी या तेल लें. चाशनी के लिए एक कप चीनी, आधा कप पानी और चाहें तो कुछ केसर के रेशे रखें. सजाने के लिए रबड़ी, कटे हुए बादाम और पिस्ता तैयार रखें.
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सबसे पहले तैयार करें पतला और स्मूद बैटर
घेवर की सफलता उसके बैटर पर निर्भर करती है. सबसे पहले घी को बर्फ के टुकड़ों के साथ अच्छी तरह फेंटें, जब तक वह हल्का और क्रीमी न हो जाए. इसके बाद बर्फ निकाल दें और धीरे-धीरे मैदा, ठंडा दूध और ठंडा पानी मिलाते जाएं. बैटर बिल्कुल पतला और बिना गुठली का होना चाहिए. यही पतला बैटर घेवर की जालीदार बनावट बनाने में मदद करता है.
इस तरह तलें करारा और जालीदार घेवर
एक गहरे और संकरे बर्तन में घी या तेल अच्छी तरह गर्म करें. अब ऊंचाई से थोड़ा-थोड़ा बैटर बीच में डालें. कुछ सेकंड रुकें और फिर दोबारा बैटर डालें. ऐसा करने से घेवर में सुंदर जाल बनता है. जब घेवर सुनहरा और करारा हो जाए तो उसे सावधानी से बाहर निकाल लें और अतिरिक्त तेल निकलने दें.
एक तार की चाशनी बनाएगी स्वाद दोगुना
एक बर्तन में चीनी और पानी डालकर उबालें. जब चाशनी एक तार की हो जाए तो गैस बंद कर दें. अगर चाहें तो इसमें केसर भी मिला सकते हैं. तैयार घेवर को कुछ सेकंड के लिए चाशनी में डुबोएं और फिर बाहर निकालकर अतिरिक्त चाशनी निकलने दें.
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रबड़ी और ड्राई फ्रूट्स से दें शानदार फिनिशिंग
जब घेवर थोड़ा ठंडा हो जाए, तब उसके ऊपर अच्छी मात्रा में रबड़ी फैलाएं. इसके बाद कटे हुए बादाम, पिस्ता और चाहें तो थोड़ा सा केसर डालकर सजाएं. इससे मिठाई का स्वाद और लुक दोनों बेहतर हो जाते हैं.
घेवर बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
बैटर हमेशा पतला रखें. तेल या घी बहुत ज्यादा ठंडा या बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए. बैटर एक साथ ज्यादा न डालें, बल्कि थोड़ा-थोड़ा करके डालें. चाशनी ज्यादा गाढ़ी हो गई तो घेवर सही तरीके से उसे सोख नहीं पाएगा. रबड़ी हमेशा सर्व करने से ठीक पहले डालें, ताकि घेवर की करारापन बना रहे.
किसके साथ परोसें घेवर
घेवर को ठंडी रबड़ी, इलायची, केसर और सूखे मेवों के साथ परोसने पर इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है. त्योहारों में इसे मेहमानों को मिठाई के रूप में भी परोसा जा सकता है. ठंडा करके खाने पर इसका स्वाद और भी अच्छा लगता है.