Mint Growning Tips: पुदीने की ताजी पत्तियां खाने का स्वाद ही बदल देती हैं. चाहे गर्मियों में ठंडा लेमोनेड बनाना हो, चटनी तैयार करनी हो या फिर चाय में ताजगी का स्वाद जोड़ना हो, ताजा पुदीना हर घर की जरूरत बन चुका है. अच्छी बात यह है कि इसे उगाने के लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं होती. एक छोटा सा गमला, थोड़ी देखभाल और सही तरीका अपनाकर आप घर की बालकनी, छत या खिड़की के पास आसानी से पुदीना उगा सकते हैं. कई लोग बाजार से बार-बार पुदीना खरीदते हैं, लेकिन कुछ दिनों में वह मुरझा जाता है.
ऐसे में घर पर उगाया गया पुदीना न सिर्फ ताजा रहता है बल्कि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल भी किया जा सकता है. खास बात यह है कि पुदीना उन हर्ब्स में शामिल है जो बहुत तेजी से बढ़ते हैं और कम मेहनत में लगातार नई पत्तियां देते रहते हैं, अगर आप भी अपने घर में हर समय ताजा पुदीना रखना चाहते हैं, तो कुछ आसान स्टेप्स अपनाकर इसकी अच्छी खेती कर सकते हैं.
स्वस्थ कलम चुनना है सबसे पहला कदम
पुदीना उगाने की शुरुआत सही कलम चुनने से होती है. इसके लिए ताजी, हरी और मजबूत टहनियां लें जिन पर कई स्वस्थ पत्तियां मौजूद हों. बहुत ज्यादा सूखी या पीली टहनियां लेने से जड़ें बनने की संभावना कम हो जाती है. आमतौर पर 4 से 6 इंच लंबी टहनियां सबसे बेहतर मानी जाती हैं. इन्हें किसी स्वस्थ पौधे से काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है. अच्छी कलम आगे चलकर तेजी से बढ़ने वाले पौधे की नींव बनती है.
पानी में जड़ें तैयार करें
आसान और असरदार तरीका कटिंग लेने के बाद उसे एक साफ गिलास या जार में पानी भरकर रख दें. ध्यान रखें कि नीचे का हिस्सा पानी में डूबा रहे लेकिन पत्तियां पानी को न छुएं. करीब एक से दो हफ्तों के भीतर छोटे सफेद रंग की जड़ें दिखाई देने लगती हैं. यही संकेत होता है कि पौधा अब मिट्टी में लगाने के लिए तैयार है. इस दौरान हर दो-तीन दिन में पानी बदलते रहें ताकि कटिंग स्वस्थ बनी रहे.
जड़ों वाली कटिंग को मिट्टी में लगाएं
जब जड़ें अच्छी तरह विकसित हो जाएं तो उन्हें गमले में स्थानांतरित कर दें. इसके लिए ऐसी मिट्टी चुनें जो पोषक तत्वों से भरपूर हो और जिसमें पानी आसानी से निकल सके. बगीचे की मिट्टी में थोड़ी खाद और कोकोपीट मिलाकर अच्छा मिश्रण तैयार किया जा सकता है. कटिंग को सावधानी से लगाएं और तुरंत हल्का पानी दें. शुरुआती दिनों में पौधे को झटका न लगे, इसके लिए उसे तेज धूप से बचाकर रखें.
धूप का सही संतुलन जरूरी
पुदीना पूरी तरह तेज धूप पसंद नहीं करता. खासकर गर्मियों में बहुत अधिक धूप इसकी पत्तियों को नुकसान पहुंचा सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार गमले को ऐसी जगह रखना बेहतर होता है जहां सुबह की हल्की धूप मिले और दोपहर की तेज किरणों से बचाव हो. आंशिक धूप में पुदीने की पत्तियां ज्यादा हरी, मुलायम और खुशबूदार रहती हैं.
पानी देने में न करें यह गलती
मिट्टी रहे नम, लेकिन गीली नहीं पुदीने को नियमित पानी की जरूरत होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है, अगर मिट्टी लगातार बहुत गीली रहे तो जड़ें सड़ने लगती हैं. इसलिए मिट्टी की ऊपरी सतह को जांचते रहें. जब हल्की सूखापन महसूस हो तब पानी दें. गर्मियों में पानी की जरूरत थोड़ी ज्यादा हो सकती है, जबकि बरसात में अतिरिक्त पानी से बचना चाहिए.
नियमित छंटाई से बढ़ेगा उत्पादन
पुदीने की सबसे खास बात यह है कि जितना अधिक इसकी पत्तियां तोड़ी जाती हैं, उतनी तेजी से नई शाखाएं निकलती हैं. इसलिए समय-समय पर पत्तियों और ऊपरी हिस्सों की छंटाई करते रहें. कई घरों में लोग जरूरत पड़ने पर केवल कुछ पत्तियां तोड़ लेते हैं. लेकिन नियमित कटाई करने से पौधा ज्यादा घना बनता है और लंबे समय तक भरपूर पत्तियां देता रहता है.
घर में हर समय रहेगा ताजा पुदीना
एक बार पौधा अच्छी तरह स्थापित हो जाए तो महीनों तक ताजा पुदीना मिलता रहता है. यही वजह है कि शहरी इलाकों में बालकनी गार्डनिंग करने वाले लोग पुदीना जरूर लगाते हैं. कम जगह में उगने वाला यह पौधा रसोई की जरूरत पूरी करने के साथ घर को हरियाली भी देता है.अगर आप कम मेहनत में ज्यादा फायदा देने वाला पौधा तलाश रहे हैं तो पुदीना बेहतरीन विकल्प है. सही कटिंग, संतुलित धूप, नियमित पानी और समय-समय पर छंटाई करके आप पूरे साल ताजी और खुशबूदार पत्तियों का आनंद ले सकते हैं.