No Onion No Garlic Recipes: कई घरों में रात का खाना बनाते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बिना प्याज और लहसुन के आखिर स्वाद कैसे आएगा. खासकर पूजा-पाठ, व्रत, त्योहार या सात्विक भोजन के दिनों में लोग अक्सर यही मान लेते हैं कि खाने का मजा थोड़ा कम हो जाएगा. लेकिन सच इससे बिल्कुल अलग है. भारतीय रसोई की खूबी ही यही है कि यहां स्वाद सिर्फ दो चीजों पर नहीं टिकता, बल्कि मसालों, पकाने के तरीके और छोटे-छोटे किचन सीक्रेट्स से बनता है.

अगर आपने कभी बिना प्याज-लहसुन का खाना खाया है और लगा कि उसमें कुछ कमी है, तो शायद आपको सही रेसिपी नहीं मिली. आजकल लोग हल्का, घर जैसा और कम मसाले वाला डिनर भी पसंद कर रहे हैं. ऐसे में सात्विक रेसिपीज फिर से लोकप्रिय हो रही हैं. अच्छी बात यह है कि बिना प्याज और लहसुन के भी ऐसा डिनर तैयार किया जा सकता है जो पूरे परिवार को पसंद आए. यहां जानिए तीन ऐसी आसान और स्वादिष्ट रेसिपीज जो आपके डिनर को खास बना सकती हैं.

शाही स्वाद वाला बिना प्याज-लहसुन शाही पनीर

क्रीमी ग्रेवी का राज है सही बेस
शाही पनीर का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को लगता है कि इसके लिए प्याज और लहसुन जरूरी होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है. इस रेसिपी में टमाटर, काजू और मखाने का इस्तेमाल ग्रेवी को वही गाढ़ापन और रिचनेस देता है. इसके लिए पहले काजू, मखाने और टमाटर को हल्का पकाकर पीस लें. अब कढ़ाई में घी गर्म करें और उसमें जीरा, तेजपत्ता, दालचीनी और हरी मिर्च डालें. तैयार पेस्ट डालकर अच्छी तरह भूनें. जब मसाले से तेल अलग होने लगे तो हल्दी, धनिया पाउडर और थोड़ा गरम मसाला मिलाएं. इसके बाद दूध या मलाई डालकर ग्रेवी तैयार करें और अंत में पनीर के टुकड़े डाल दें. इस डिश की खासियत यह है कि इसमें स्वाद गहरा होता है लेकिन भारीपन कम महसूस होता है. इसे नान, तंदूरी रोटी या सादे फुल्कों के साथ परोसा जा सकता है.

हलवाई स्टाइल आलू-टमाटर की सब्जी

कम सामग्री में ज्यादा स्वाद
यह उन रेसिपीज में से है जो लगभग हर भारतीय रसोई में कभी न कभी जरूर बनती हैं. बिना प्याज और लहसुन के इसका स्वाद और खुलकर सामने आता है. सबसे पहले उबले आलुओं को हल्का तोड़ लें ताकि सब्जी में देसी टेक्सचर आए. कढ़ाई में सरसों का तेल गर्म करें और उसमें हींग, जीरा, सौंफ और थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें. अब टमाटर और हरी मिर्च डालकर पकाएं. मसाले मिलाने के बाद आलू डालें और थोड़ा पानी डालकर धीमी आंच पर पकने दें. घरों में अक्सर यह सब्जी पूरी या पराठे के साथ बनाई जाती है, लेकिन रात के खाने में इसे सादे चावल या फुल्कों के साथ भी परोसा जा सकता है. ऊपर से ताजा हरा धनिया इसका स्वाद और बढ़ा देता है.

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बिना प्याज-लहसुन वाला कश्मीरी दम आलू
दही और सौंफ का अलग स्वाद देगा नया अनुभव
अगर आप डिनर में कुछ अलग बनाना चाहते हैं तो कश्मीरी दम आलू एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. इस डिश की पहचान ही इसका अलग मसाला मिश्रण है. छोटे आलुओं को छीलकर हल्का फ्राई कर लें. दूसरी तरफ दही में कश्मीरी लाल मिर्च, सौंफ पाउडर, सोंठ और जीरा पाउडर मिलाएं. कढ़ाई में थोड़ा तेल गर्म करके हींग डालें और फिर दही वाला मिश्रण डालकर लगातार चलाते रहें. इसके बाद आलू डालें और धीमी आंच पर पकने दें.

धीमी आंच पर पकने से मसाले आलुओं के अंदर तक चले जाते हैं और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है. इस डिश को गर्मागर्म परोसने पर इसका स्वाद सबसे अच्छा आता है.

स्वाद का राज सिर्फ प्याज-लहसुन नहीं
कई लोग अब सात्विक खाने को सिर्फ धार्मिक वजहों से नहीं बल्कि हल्के और संतुलित भोजन के रूप में भी अपना रहे हैं. सही मसाले, थोड़ा धैर्य और अच्छी तकनीक अपनाकर बिना प्याज-लहसुन का खाना भी उतना ही स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. अगली बार डिनर प्लान करते समय इन रेसिपीज को जरूर ट्राई करें.



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