Highlights

  • मुख्यमंत्री योगी ने घुमंतू समाज को आजादी के संघर्ष का असली नायक बताया।
  • घुमंतू विकास बोर्ड के जरिए समाज को योजनाओं का लाभ और सम्मान मिलेगा।
  • मुख्यमंत्री ने सपेरा समाज का जिक्र करते हुए उसके योगदान की सराहना की।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज के लोग भारत की आजादी के असली सेनानी रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने इन्हें अपराधी बताकर प्रताड़ित किया, जबकि इन समुदायों ने देश की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन समाजों को सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ देना नहीं, बल्कि उनके गौरवशाली इतिहास को भी उचित सम्मान और पहचान दिलाना है। बता दें कि इससे पहले योगी सरकार ने डॉ आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए भी 407 करोड़ रुपये आवंटित किए थे।

‘अंग्रेजों ने अपराधी जनजाति घोषत किया था’

लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर ‘घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन के बाद आयोजित आभार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पहली बार विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समाज के प्रतिनिधियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने वर्ष 1871 के क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत कई घुमंतू जातियों को ‘अपराधी जनजाति’ घोषित कर दिया था, जबकि हकीकत यह थी कि यही समुदाय आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से शामिल थे और विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा,

‘स्वतंत्र भारत में डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इस कानून को समाप्त कराया और इन समुदायों को विमुक्त जाति के रूप में सम्मान दिलाया। हालांकि, लंबे समय तक इनके समग्र विकास के लिए अपेक्षित प्रयास नहीं किए गए। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इन समुदायों के लिए आयोग का गठन कराया। अब उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड बनाकर इनके विकास को नई दिशा देने का फैसला किया है। यह बोर्ड इन समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’

सपेरा समाज के लिए क्या बोले सीएम योगी?

मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से किए गए कई कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वनटांगिया गांवों को पहली बार राजस्व गांव का दर्जा दिया गया, मुसहर समाज को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ा गया और थारू, बुक्सा, गोंड, चेरो, कोल और सहरिया जैसे उपेक्षित समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का काम किया गया। सपेरा समाज का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समुदाय प्राचीन समय से शिवावतारी गुरु श्री गोरखनाथ की परंपरा का अनुयायी रहा है। उन्होंने बताया कि जब संचार के आधुनिक साधन नहीं थे, तब यही समाज भजन और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से लोगों तक महत्वपूर्ण सूचनाएं पहुंचाकर उन्हें विदेशी आक्रमणों के प्रति सचेत करता था।

विपक्ष पर भी सीएम योगी ने साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर कहते हैं कि जिन लोगों की कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी चिंता नहीं की, उन्हें उनकी सरकार ने सम्मान और अधिकार देने का काम किया है। योगी ने कहा कि सरकार ने श्रृंगवेरपुर में निषादराज गुह्य की प्रतिमा, बहराइच में महाराजा सुहेलदेव विजय स्मारक और बलरामपुर के इमिलिया कोडर में ट्राइबल म्यूजियम की स्थापना कराई है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा सोनभद्र और मीरजापुर में भी जनजातीय संग्रहालय बनाए जा रहे हैं, ताकि जनजातीय और घुमंतू समाज के इतिहास और संस्कृति को संरक्षित किया जा सके।

क्या है घुमंतू विकास बोर्ड?

घुमंतू विकास बोर्ड उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाया गया एक विशेष बोर्ड है, जिसका उद्देश्य विमुक्त, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। यह बोर्ड इन समुदायों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, उनके अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगा। इसके तहत बच्चों की शिक्षा, छात्रवृत्ति, कौशल विकास, स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता, आवास, भूमि पट्टा, पहचान पत्र जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित करेगा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचे।

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