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Cooking Tips: घर पर ढाबा या हलवाई जैसे डार्क और लजीज छोले बनाना हर किसी की चाहत होती है. अक्सर लोग छोलों में गहरा रंग लाने के लिए चायपत्ती के पानी या पोटली का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बिना चायपत्ती के भी छोलों को बिल्कुल बाजार जैसा रिच और डार्क कलर दिया जा सकता है? आपकी रसोई में बेकार समझकर फेंकी जाने वाली एक छोटी सी चीज आपके छोलों की रंगत को पूरी तरह बदल सकती है. आइए जानते हैं इस आसान और असरदार किचन ट्रिक के बारे में…
छोले बनाते समय सबसे ज्यादा मेहनत स्वाद और मसालों पर होती है, लेकिन रंग भी कम जरूरी नहीं. अगर आपको घर पर हलवाई या ढाबे जैसे गहरे रंग के छोले पसंद हैं, तो चायपत्ती डालने की जरूरत नहीं, इसकी जगह सूखे अनार का छिलका इस्तेमाल कर सकती हैं. इसके लिए आप छोले उबालते समय एक साफ-सुथरा सूखा छिलका कुकर में डाल दें, पकने के बाद उसे निकाल दें. इससे छोले देखने में काफी गहरे और आकर्षक नजर आते हैं और भटूरे के साथ परोसने पर पूरा स्वादिष्ट लुक आता है.
अब आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा कि अनार के छिलके से छोले इतने गहरे कैसे हो जाते हैं? दरअसल, अनार के छिलके में प्राकृतिक रूप से टैनिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं, यही पानी को गहरा रंग देने में मदद करते हैं. जब छोले इसी पानी में पकते हैं, तो उनकी रंगत भी बदल जाती है. खास बात यह है कि इसके लिए किसी अलग रंग या बाजार में मिलने वाले कलर की जरूरत नहीं पड़ती. यानी रसोई में बेकार समझकर फेंका जाने वाला अनार का छिलका छोले बनाते समय आपके काफी काम आ सकता है.
अगर आप इस ट्रिक को बार-बार आजमाना चाहती हैं, तो अनार के छिलके पहले से संभालकर रख सकती हैं. अनार खाने के बाद छिलकों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें और अतिरिक्त पानी सुखा दें. इसके बाद इन्हें धूप में तब तक रखें जब तक इनमें नमी बिल्कुल न रहे. पूरी तरह सूखने के बाद इन्हें साफ, सूखे और एयरटाइट डिब्बे में रख दें. ध्यान रखें कि छिलकों में नमी बची रही तो वे जल्दी खराब हो सकते हैं. इस तरह जरूरत पड़ने पर आपके पास तुरंत इस्तेमाल करने के लिए छिलके तैयार रहेंगे.
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छोलों को पहले अच्छी तरह धोकर पानी में भिगोना जरूरी है, ताकि वे जल्दी और बराबर पक सकें. इसके बाद भीगे हुए छोले कुकर में डालें और जरूरत के हिसाब से पानी भरें. अब इसमें एक सूखा अनार का छिलका डाल दें, चाहें तो अपने सामान्य मसाले भी साथ डाल सकती हैं. कुकर बंद करके छोले पकने दें. जब छोले नरम हो जाएं तो गैस बंद करें. कुकर खुलने के बाद अनार का छिलका निकालकर फेंक दें. अब छोले आगे की ग्रेवी और मसालों के लिए तैयार हैं.
अनार का छिलका डालने का मकसद मुख्य रूप से छोलों की रंगत को गहरा करना है, इसलिए इसकी मात्रा ज्यादा डालने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे छोलों का स्वाद भी प्रभावित हो सकता है. इसलिए एक बार में एक सूखा छिलका काफी हो सकता है, ज्यादा छिलके डालने से जरूरी नहीं कि रंग उतना ही बेहतर आए. पकने के बाद छिलके को निकाल देना बेहतर रहता है. इसके बाद छोले में प्याज, टमाटर, अदरक, लहसुन और अपने पसंदीदा मसाले डालकर ग्रेवी तैयार करें. इस तरह रंग भी बढ़िया आएगा और छोले का असली मसालेदार स्वाद भी बना रहेगा.
अनार का छिलका डालते समय एक बात और ध्यान रखें, अगर छोले बहुत ज्यादा पानी में उबलेंगे, तो रंग हल्का पड़ सकता है. इसलिए पानी इतना ही रखें कि छोले अच्छी तरह डूब जाएं. साथ ही कुकर में बेकिंग सोडा जैसी चीजें डालने से बचें, क्योंकि इससे छोलों की बनावट जरूरत से ज्यादा नरम हो सकती है. अच्छे रंग के साथ बढ़िया टेक्सचर भी चाहिए, तो छोले गलने के बाद ही मसालों की ग्रेवी में मिलाएं.
छोले तैयार होने के बाद उनका रंग देखकर आपको फर्क साफ नजर आ सकता है. गहरी रंगत वाले छोले प्लेट में ज्यादा आकर्षक लगते हैं, खासकर जब उन्हें गरमा-गरम भटूरे, पूरी या कुलचे के साथ परोसा जाए. ऊपर से बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया और थोड़ा नींबू डाल दें, तो लुक और भी बढ़िया हो जाता है. अगली बार छोले बनाते समय चायपत्ती की जगह सूखे अनार के छिलके वाली यह ट्रिक जरूर आजमाएं, घर के खाने में ही आपको बाहर वाले छोले जैसा शानदार रंग मिल सकता है.