Maharashtrian Ghavan Recipe: रोज सुबह नाश्ते में पोहा, पराठा या चीला बनाते-बनाते अगर आपको भी लगने लगा है कि अब कुछ नया होना चाहिए, तो महाराष्ट्रीयन घावन एक बढ़िया विकल्प हो सकता है. चावल के आटे से बनने वाली यह डिश देखने में पतली और जालीदार होती है, जबकि सही तरीके से सेंकने पर किनारे हल्के क्रिस्पी और बीच से नरम रहते हैं. खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. घर में रखा चावल का आटा, नमक, पानी और थोड़ा तेल ही काफी है.

महाराष्ट्र के कई घरों में घावन को नाश्ते या हल्के खाने के तौर पर बनाया जाता है. इसका स्वाद सादा होने के बावजूद चटनी या सॉस के साथ काफी अच्छा लगता है, अगर बच्चों को रोज एक जैसा नाश्ता पसंद नहीं आता, तो उनके लिए भी यह आसान रेसिपी ट्राई की जा सकती है. इसे बनाने में सबसे जरूरी बात घोल की कंसिस्टेंसी और तवे का सही तापमान है.

क्या है महाराष्ट्रीयन घावन?

घावन महाराष्ट्र की पारंपरिक डिश मानी जाती है, जिसे मुख्य रूप से चावल के आटे से तैयार किया जाता है. पहली नजर में यह डोसे जैसा लग सकता है, लेकिन इसका बैटर और बनाने का तरीका थोड़ा अलग होता है. इसका घोल पतला रखा जाता है और तवे पर डालने पर अपने आप फैलकर एक जालीदार आकार लेने लगता है. घावन की खासियत यही है कि इसमें न तो ज्यादा मसाले चाहिए और न ही लंबी तैयारी. सुबह के समय जब जल्दी नाश्ता तैयार करना हो, तब यह रेसिपी काम आ सकती है. इसे मीठे या नमकीन दोनों अंदाज में भी अलग-अलग जगहों पर बनाया जाता है, लेकिन यहां हम इसका आसान नमकीन तरीका बता रहे हैं.

घावन बनाने के लिए चाहिए ये चीजें
इस रेसिपी के लिए एक कप चावल का आटा, करीब दो से ढाई कप पानी, स्वाद के अनुसार नमक और तवे पर लगाने के लिए थोड़ा तेल या घी चाहिए. घोल बनाते समय पानी एक साथ डालने के बजाय धीरे-धीरे मिलाना बेहतर रहता है. इससे आटे में गांठ बनने की संभावना कम होती है.

इस तरह तैयार करें घावन
सबसे पहले एक बड़े बर्तन में चावल का आटा लें. इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए लगातार मिलाएं. घोल को इतना पतला रखें कि वह आसानी से तवे पर फैल सके. इसकी कंसिस्टेंसी छाछ जैसी होनी चाहिए. अब इसमें स्वादानुसार नमक मिलाकर कुछ देर के लिए रख दें. इस बीच तवे को मध्यम आंच पर अच्छी तरह गर्म करें. तवा बहुत ज्यादा गर्म होगा तो घोल डालते ही वह चिपकने के बजाय जल्दी पकने लगेगा और मनचाहा जालीदार टेक्सचर नहीं आएगा. तवा गर्म होने के बाद उस पर हल्का सा तेल या घी लगाएं. अब घोल को एक बार अच्छी तरह चलाएं. यह कदम छोटा है, लेकिन काफी जरूरी है क्योंकि चावल का आटा कुछ देर खड़े रहने पर नीचे बैठ सकता है. एक कलछी घोल लें और उसे तवे के किनारे से डालते हुए गोल आकार में फैलाएं. घावन को बहुत मोटा बनाने की कोशिश न करें.

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क्रिस्पी बनाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
घोल डालने के बाद किनारों पर थोड़ा तेल डालें और इसे मध्यम से धीमी आंच पर पकने दें. जब ऊपर की सतह सूखने लगे और किनारे हल्के सुनहरे व कुरकुरे दिखाई दें, तब इसे पलटकर दूसरी तरफ भी सेंक सकते हैं. ज्यादा तेज आंच रखने से घावन बाहर से जल्दी पक सकता है, लेकिन अंदर का हिस्सा सही नहीं बनेगा. अगर पहली बार घावन बना रहे हैं, तो पहले एक छोटा घावन बनाकर देखना अच्छा रहेगा. इससे आपको घोल की मोटाई और तवे की गर्मी का अंदाजा हो जाएगा. जरूरत लगे तो बैटर में थोड़ा पानी मिलाकर उसे और पतला किया जा सकता है.

नारियल चटनी से लेकर सॉस तक, ऐसे करें सर्व
गरमागरम घावन को नारियल की चटनी के साथ परोसना सबसे अच्छा विकल्प है. धनिया-पुदीने की चटनी भी इसके साथ खूब जंचती है. बच्चों के लिए इसे टमाटर सॉस के साथ परोसा जा सकता है. चाहें तो ऊपर से थोड़ा घी लगाकर भी सर्व कर सकते हैं. दरअसल, इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें स्वाद बढ़ाने की काफी गुंजाइश रहती है. किसी दिन हल्का नाश्ता चाहिए तो इसे सादा रखें और अगर घर में बच्चे या मेहमान हों तो साथ में चटनी, दही या सब्जी रखकर पूरा नाश्ता तैयार किया जा सकता है.



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