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Mithila Penny Fry Recipe: बारिश के मौसम में मिथिलांचल का पारंपरिक व्यंजन पेनी फ्राई लोगों की पहली पसंद बन जाता है. यह व्यंजन डोका (घोंघा) के नरम हिस्से से तैयार किया जाता है. इसे प्रोटीन से भरपूर देसी सुपरफूड माना जाता है. सरसों के तेल, लहसुन, मिर्च और अन्य मसालों के साथ इसे 10–12 मिनट तक भूनकर तैयार किया जाता है. मधुबनी, दरभंगा और सीतामढ़ी समेत पूरे मिथिला क्षेत्र में इसकी अच्छी मांग रहती है.
मधुबनी: बारिश का मौसम शुरू होते ही मिथिलांचल के गांवों में कई पारंपरिक व्यंजन लोगों की थाली में शामिल हो जाते हैं. इन्हीं में से एक है डोका (घोंघा) से बनने वाली पेनी फ्राई. इसे मिथिला का देसी सुपरफूड भी कहा जाता है. यह स्वाद के साथ-साथ प्रोटीन से भी भरपूर माना जाता है. यही वजह है कि बारिश के दिनों में इसकी मांग काफी बढ़ जाती है.
डोका से बनती है पेनी फ्राई
मिथिलांचल में डोका आसानी से नदी, तालाब और खेतों में मिल जाता है. लोग इसे खरीदकर घर ले जाते हैं और अलग-अलग तरीके से पकाकर खाते हैं. डोका से दो तरह का मांस निकलता है. एक हिस्सा सख्त होता है और दूसरा नरम. सख्त हिस्से से ग्रेवी वाली सब्जी बनाई जाती है, जबकि नरम हिस्से को पेनी कहा जाता है. इसी पेनी को मसालों के साथ भूनकर स्वादिष्ट पेनी फ्राई तैयार की जाती है.
पेनी फ्राई है लोगों की पहली पसंद
मिथिलांचल में पेनी फ्राई को कई लोग सूखी भुजिया भी कहते हैं. इसे बनाने का तरीका काफी हद तक चिकन फ्राई जैसा होता है. सबसे पहले डोका को नदी, तालाब या खेत से लाकर अच्छी तरह साफ किया जाता है. इसके बाद उसे उबाल लिया जाता है. उबालने के बाद उसका मांस निकाल लिया जाता है. फिर सख्त और नरम हिस्से को अलग किया जाता है. नरम हिस्से यानी पेनी से स्वादिष्ट फ्राई तैयार की जाती है.
ऐसे बनती है स्वादिष्ट पेनी फ्राई
सबसे पहले कड़ाही में सरसों का तेल गर्म किया जाता है. इसके बाद उसमें जीरा डाला जाता है. फिर लहसुन, हरी मिर्च, सूखी लाल मिर्च का पेस्ट, नमक, हल्दी और लाल मिर्च पाउडर मिलाया जाता है.
अब इसमें पेनी डालकर मध्यम आंच पर अच्छी तरह भुना जाता है. करीब 10 से 12 मिनट तक भूनने के बाद पेनी पूरी तरह पक जाती है. इसके बाद इसे सीधे खाया जा सकता है. कई लोग इसे चूड़ा-भुजा के साथ खाते हैं, जबकि कुछ लोग रोटी के साथ इसका स्वाद लेना पसंद करते हैं.
बारिश में बढ़ जाती है मांग
बरसात के मौसम में डोका आसानी से मिल जाता है. यही कारण है कि इन दिनों इसकी बिक्री भी बढ़ जाती है. स्थानीय लोग इसे स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भोजन भी मानते हैं. कई परिवारों में बारिश के दिनों में यह व्यंजन नियमित रूप से बनाया जाता है.
प्रोटीन से भरपूर है यह देसी व्यंजन
स्थानीय लोगों का कहना है कि डोका का मांस प्रोटीन से भरपूर होता है. इसी वजह से इसे देसी सुपरफूड भी कहा जाता है. ग्रामीण इलाकों में इसे पौष्टिक भोजन के रूप में देखा जाता है और कई लोग इसे बच्चों को भी खिलाते हैं.
गर्भवती महिलाओं को भी खिलाया जाता है
मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी और पूरे मिथिला क्षेत्र में आज भी सुबह-सुबह महिलाएं सिर पर ताजा डोका से भरी टोकरी लेकर गांव-गांव बेचने निकलती हैं. लोग इन्हें खरीदकर घर ले जाते हैं और अलग-अलग तरीके से पकाते हैं. ग्रामीण इलाकों में यह मान्यता भी प्रचलित है कि गर्भवती महिलाओं को डोका की पेनी फ्राई खिलाना फायदेमंद होता है. बुजुर्गों का मानना है कि इससे मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को लाभ मिलता है. हालांकि, इस मान्यता के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. फिर भी मिथिला की पारंपरिक खानपान संस्कृति में पेनी फ्राई आज भी बेहद लोकप्रिय व्यंजनों में शामिल है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें