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Balaghat Forest Mushroom: इन दिनों बालाघाट के बाजारों में पिहरी यानी जंगली मशरूम आकर्षण का केंद्र है. दरअसल, बारिश में सावन के महीने में बादल की गरजन के साथ ही जंगल में जमीन से पिहरी निकलती है. अब बालाघाट के बाजार में पिहरी के शौकीन भारी संख्या में इसे खरीदने के लिए उमड़ रहे हैं.
Forest Mushroom: मध्य प्रदेश का बालाघाट वनों से घिरा हुआ जिला है. ऐसे में यहां पर हर मौसम में अलग-अलग तरह की जंगली सब्जियां खाने को मिलती हैं. खासतौर से बारिश में कई तरह की दुर्लभ सब्जियां स्वाद को दोगुना कर देती हैं. ऐसे में इन दिनों बालाघाट के बाजारों में पिहरी यानी जंगली मशरूम आकर्षण का केंद्र है. दरअसल, बारिश में सावन के महीने में बादल की गरजन के साथ ही जंगल में जमीन से पिहरी निकलती है. अब बालाघाट के बाजार में पिहरी के शौकीन भारी संख्या में इसे खरीदने के लिए उमड़ रहे हैं.
कीमत 1000 रुपये किलो तक
जंगली मशरूम जितनी दुर्लभ है, उतनी ही ज्यादा इसकी कीमत है. यह बाजारों में लगभग 800 से 1000 रुपए प्रति किलो तक बिक रही है. ऐसे में लोग भी महज स्वाद चखने के लिए ही इसे खरीदते हैं. बालाघाट के जंगलों में इसका खूब ज्यादा उत्पादन होता है. इसकी डिमांड ज्यादा होने की वजह से यह न सिर्फ बालाघाट के बाजारों में बिकती, बल्कि महाराष्ट्र के गोंदिया और नागपुर में भी बिकने के लिए जाती है.
पिहरी लेकर आना भी एक चुनौती
पिहरी के लिए बालाघाट के आदिवासी अपनी जान जोखिम में डालते हैं. दरअसल, इसे चुनने के लिए जाने के लिए सुबह चार बजे ही लोग उठ जाते हैं. फिर वे जब जंगल जाते हैं तो उन्हें अपनी जान भी जोखिम में डालनी पड़ती है. उन्हें जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है. इसमें भी खासतौर से बाघ का खतरा रहता है. बालाघाट के जंगलों में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ ही वे अब रिहायशी इलाकों में आकर इंसानों का शिकार कर रहे हैं. ऐसे में जंगल जाकर मशरूम लाना भी आदिवासियों के लिए आसान नहीं है.
सब्जी शानदार, सावन में नहीं आएगी चिकन की याद
पिहरी के शौकीनों का कहना है कि इसका स्वाद चिकन-मटन से भी जबरदस्त है. सावन में पिहरी खाने के बाद चिकन की याद तक नहीं आती. इस बनाने का तरीका भी बताया. पिहरी में हल्की मिट्टी लगी होती है. ऐसे में इसे अच्छी तरह धो लेना चाहिए. इसके बाद इसे काट लेना चाहिए. फिर एक कढ़ाई में कटे हुए पिहरी रख लें. इसके बाद तेल में प्याज को भून लें. फिर अदरक-लहसुन का पेस्ट भी डाल लें. फिर हल्दी, मिर्च और धनिया पाउडर मिला लें. फिर ग्रेवी तैयार हो जाएगी. उसी में पिहरी को मिला लें. फिर थोड़ी ग्रेवी के साथ सब्जी तैयार जाएगी.
सेहत के लिए भी फायदेमंद
पिहरी पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होती है. पिहरी में कार्बोहाइड्रेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम, मिनरल्स जैसे काफी पोषक तत्व पाए जाते हैं. पोषक तत्वों के साथ ये खाने में काफी लजीज होती है और लोग इसे काफी पसंद करते है पिहरी से सब्जी ही नहीं बल्कि अचार, बड़ी, पापड़ और खाने की अन्य चीजें भी तैयार की जाती हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…
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