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Jamshedpur Famous Chicken Pakora Shop: जमशेदपुर में स्वाद के शौकीनों की कोई कमी नहीं है. शहर में कई बड़े होटल और फूड आउटलेट मौजूद हैं, लेकिन कई बार छोटे ठेले और साधारण दुकानों का स्वाद लोगों के दिल में ऐसी जगह बना लेता है कि दूर-दूर से लोग वहां पहुंचने लगते हैं. ऐसा ही एक नाम इन दिनों सुंदरनगर फाटक के पास लोगों के बीच काफी चर्चा में है, जहां नाथू बेसरा अपने परिवार के साथ सिर्फ दो घंटे की दुकान लगाकर रोजाना लगभग 40 किलो चिकन पकोड़ा बेच देते हैं.
सबसे खास बात यह है कि उनकी दुकान किसी बड़े होटल या रेस्टोरेंट की तरह नहीं है. सिर्फ चार बांस और एक तिरपाल के नीचे शाम 5 बजे से 7 बजे तक दुकान सजती है. लेकिन जैसे ही कड़ाही में चिकन पकोड़ा तलना शुरू होता है, वहां लोगों की भीड़ लग जाती है. हालत ऐसी हो जाती है कि कई बार सड़क किनारे गाड़ियां रुकने से जाम जैसी स्थिति बन जाती है.
नाथू बताते हैं कि वे अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ मिलकर यह काम करते हैं. परिवार के सभी सदस्य दुकान में हाथ बंटाते हैं. कोई चिकन तैयार करता है तो कोई चटनी बनाता है और कोई ग्राहकों को प्लेट देने में व्यस्त रहता है. उनका कहना है कि उनके पास भले ही बड़ी दुकान, चमकदार लाइट या बैठने की कुर्सियां नहीं हैं, लेकिन स्वाद और शुद्धता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है.
उन्होंने बताया कि चिकन पकोड़ा बनाने में वे अरारोट, मैदा, घर के बने मसाले, अदरक-लहसुन का पेस्ट और शुद्ध तेल का इस्तेमाल करते हैं. इसके साथ मिलने वाली दो तरह की चटनियां लोगों को और भी पसंद आती हैं. एक तरफ मिर्च, धनिया और पुदीना से बनी खट्टी चटनी तो दूसरी तरफ टमाटर और खजूर की मीठी चटनी चिकन पकोड़े का स्वाद दोगुना कर देती है.
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ग्रामीण क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कीमत भी काफी कम रखी है. यहां ₹20 में हाफ प्लेट यानी तीन पीस और ₹40 में छह पीस चिकन पकोड़ा मिल जाता है. कम कीमत और शानदार स्वाद की वजह से लोग दूर-दूर से यहां पहुंचते हैं. कई ग्राहक तो गाड़ी रोककर पैक करवाते हैं और आगे निकल जाते हैं.
चिकन पकोड़ा खाने आए एक ग्राहक ने बताया कि ऐसा स्वाद शायद बड़े-बड़े होटलों में भी नहीं मिलता. उन्होंने कहा कि जब भी वे सुंदरनगर की तरफ आते हैं तो यहां से चिकन पकोड़ा जरूर लेते हैं.
बेसरा बताते हैं कि कई बार हालत ऐसी हो जाती है कि पकोड़ा कड़ाही में तलते-तलते ही बिक जाता है. यही वजह है कि वे पहले से ही काफी स्टॉक तैयार रखते हैं. साधारण सी दुकान और मेहनत से तैयार स्वादिष्ट चिकन पकोड़ा आज नाथू बेसरा और उनके परिवार की पहचान बन चुका है. साथ ही इस बात का प्रमाण भी कि स्वाद को शो-शॉ की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ती.