जोधपुर नगर निगम के चुनाव नतीजों ने राजस्थान की सियासत में कई चौंकाने वाले संकेत दिए हैं। नगर निगम चुनाव में कई दिग्गज नेताओं के गढ़ में उलटफेर देखने को मिला है। सबसे बड़ा झटका पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इलाके में लगा, जहां उनके खुद के वार्ड में बीजेपी ने जीत दर्ज की है।

पूर्व सीएम ने वार्ड में खुद दिया था वोट

जिस वार्ड में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद वोट किया था। वहां बीजेपी के प्रत्याशी ने जीत हासिल कर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया। इतना ही नहीं, गहलोत परिवार से जुड़े जसवंत सिंह कच्छवाह को भी बीजेपी के विजय सिंह ने 1000 से अधिक वोटों के अंतर से हरा दिया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा करना पड़ा हार का सामना

जोधपुर नगर निगम चुनाव में पूर्व मेयर कुंती देवड़ा को बीजेपी की निकिता ने 259 वोटों से शिकस्त दी। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार वर्मा को भी हार का सामना करना पड़ा। उन्हें बीजेपी के मेघराज लोहिया ने मात दी।

कुमार देवेंद्र को कांग्रेस उम्मीदवार ने हराया

हालांकि, बीजेपी को भी एक बड़ा झटका लगा है। बीजेपी के मेयर पद के दावेदार माने जा रहे कुमार देवेंद्र को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश जोशी ने हरा दिया।

शेखावत के गढ़ में भी बदले समीकरण

अशोक गहलोत के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के गढ़ में भी चुनावी समीकरण बदलते नजर आए। शेखावत के वार्ड में बीजेपी की भावना रूप को कांग्रेस की पुष्पा गहलोत ने हरा दिया।

 रविंद्र सिंह मामडोली हारे चुनाव

वहीं, शेखावत के करीबी माने जाने वाले रविंद्र सिंह मामडोली को भी हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस के गिरधारी सिंह ने उन्हें 800 से अधिक वोटों के अंतर से शिकस्त दी।

कई वार्डों में उलटफेर, बदले राजनीतिक समीकरण

जोधपुर नगर निगम के इन नतीजों को कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासतौर पर दिग्गज नेताओं के प्रभाव वाले वार्डों में हुए उलटफेर ने आने वाले समय में शहर की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत दे दिए हैं। आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में जोधपुर नगर निगम चुनाव की गूंज सृनाई दे सकती है। 

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