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Benefits Of Removing Shrimp Vein: झींगा मछली एक सी फूड है, जिसे नॉनवेज खाने वाले खूब खाना पसंद करते हैं. अक्सर आप मछली बाजार से झींगा लाते होंगे और पानी में दो-तीन बार धोकर पका लेते होंगे. लेकिन, क्या आपने झींगा मछली के पीठ पर दिखने वाली काली नस को निकाला है? कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं माना जाता. जानिए झींगा मछली में ये काली नस क्यों होती है और पकाने से पहले इसे क्यों निकाल देना चाहिए?

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झींगा की काली नस को बिना निकाले खाने से क्या होता है?

Benefits Of Removing Shrimp Vein: मछली खाने के शौकीन लोगों में काफी लोग झींगा मछली भी खूब चाव से खाते हैं. झींगा मछली जिसे प्रॉन्स या श्रिम्प भी कहा जाता है, एक सीफूड है. मुख्य रूप से सीफूड खाने वाले प्रॉन्स को कई तरह से बनाकर खाते हैं. यह ड्राई फ्राई, मसाले में लटपट या फिर ग्रेवी वाली झींगा मछली, खाने में लाजवाब लगती है. हालांकि, जिस तरह से आप मछली जैसे रोहू, कतला, मांगुर , सिंगी, टेंगरा, तिलापिया आदि खरीदते हैं तो उसे घर पर अच्छी तरह से साफ करते हैं, ताकि स्मेल दूर हो जाए. कीटाणु, गंदगी सब हट जाए. लेकिन, जब आप झींगा मछली लाते हैं तो उसे कैसे साफ करते हैं. सिर्फ पानी से धोकर पका लेते हैं. दरअसल, झींगा मछली को पकाने से पहले हमेशा एक बात का ध्यान रखें वह है उसकी पीठ पर दिखने वाली काली नस (Shrimp black Vein) को निकालना. कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं माना जाता. जानिए झींगा मछली के पीठ पर मौजूद काली नस क्यों होती है और पकाने से पहले इसे क्यों निकाल देना चाहिए?

क्या होती है झींगे की काली नस?
आप अगर झींगा मछली खाते हैं तो उसे गौर से धोते समय देखिएगा, उसकी पीठ पर आपको एक काली रेखा या नस दिखाई देगी. दरअसल, ये उसकी पाचन नली (Digestive Tract) होती है. इस पाचन नली में गंदगी, रेत, अपशिष्ट पदार्थ, अधपचा भोजन मौजूद हो सकता है. ऐसे में इसे निकालकर और झींगे को सही से साफ करके ही खाना चाहिए.

नस न निकालने के क्या नुकसान हो सकते हैं?
झींगे की ये काली नस नहीं निकालने पर स्वाद खराब लग सकता है.
आपको इसके अंदर मौजूद रेत का किरकिरापन महसूस हो सकता है.
इसमें मौजूद अपशिष्ट पदार्थ भोजन का स्वाद खराब कर सकते हैं.
जिनका पाचन तंत्र खराब रहता है, उन्हें पाचन संबंधी समस्या हो सकती है.
छोटी झींगा मछली में ये नस उतनी नहीं दिखती है, लेकिन बड़े झींगों में यह नस अधिक स्पष्ट होती है, इसलिए इसे आसानी से निकाला जा सकता है. वैसे छोटी झींगा मछलियों में यह नस बहुत पतली होती है. फिर भी साफ करते समय दिखाई दे तो आप इसे निकाल दें.

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झींगे की नस निकालने का आसान तरीका (Prawn Cleaning Tips)
झींगे को अच्छी तरह से पानी में दो से तीन बार साफ करें. अब इसकी पीठ पर चाकू से लंबाई में चीरा लगाएं. आपको काली नस नजर आएगी. इसे चाकू की नोक या टूथपिक की मदद से खींचकर आराम से निकाल लें. अब आप इसे एक बार और पानी से साफ करें. अब इसे आप जैसे भी चाहें पका कर खा सकते हैं. यह सेफ है.

क्या हर झींगे की नस निकालना जरूरी है?

फूड एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह मुख्य रूप से साफ-सफाई और स्वाद का मामला है. नस न निकालने से हर बार स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, ऐसा जरूरी नहीं है. यदि आप बेहतर बनावट, स्वाद, साफ-सफाई को ध्यान में रखकर झींगा बनाना चाहते हैं, उसे खाना चाहते हैं तो इस काली नस को निकालने में कोई हर्ज नहीं है.

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Anshumala

अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें



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